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Panipat News: शिक्षकों काे दिया जाएगा ऑनलाइन प्रशिक्षण, हर रोज एक घंटे का होगा
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पानीपत। शिक्षकों को प्रशिक्षित करने केे लिए केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान ने एक ओर पहल की है। शिक्षण में वर्चुअल लैब्स का एकीकरण विषय पर शिक्षकों को साप्ताहिक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार छह जनवरी से शुरू होगा जो 15 जनवरी तक जारी रहेगा। ऑनलाइन मोड में दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रदेश के सभी जिला परियोजना समन्वयक को अपने जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षण की जानकारी देने के निदेश जारी किए हैं।
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान ने शिक्षण-अधिगम में वर्चुअल लैब्स का एकीकरण विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इस प्रशिक्षण का मकसद, शिक्षकों, छात्रों, शिक्षक-प्रशिक्षकों, प्रशासकों और अन्य हितधारकों को दीक्षा वर्चुअल लैब्स के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देना है। इसी कड़ी में सीआईईटी, एनसीईआरटी शिक्षण-अधिगम में वर्चुअल लैब का एकीकरण विषय पर साप्ताहिक ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है। प्रशिक्षण चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में चौथे चरण का प्रशिक्षण 6-15 जनवरी तक निर्धारित है।
सभी डीपीसी को जारी निर्देशानुसार कार्यक्रम के अनुसार यह प्रशिक्षण सत्र कक्षा छठी से 12वीं के शिक्षकों के लिए पीएम ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनल और एनसीईआरटी अधिकारियों के यूट्यूब चैनल पर 06 से 15 जनवरी तक सुबह 10 बजे से 11 बजे तक प्रसारित किया जाएगा। निर्देशानुसार हरियाणा चरण-4 में है, इसलिए जिला परियोजना संयोजक अपने जिले के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण की जानकारी दें और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम का यह रहेगा शेड्यूल
तिथि दिन विषय
06 जनवरी सोमवार वर्चुअल लैब्स: आवश्यकता, परिप्रेक्ष्य और दायरा।
07 जनवरी मंगलवार भौतिक विज्ञान के लिए शिक्षण-अधिगम उपकरण के रूप में आभासी प्रयोगशाला।
08 जनवरी बुधवार जीव विज्ञान के लिए शिक्षण सीखने के उपकरण के रूप में आभासी प्रयोगशाला।
09 जनवरी गुरुवार कंप्यूटर विज्ञान के लिए शिक्षण सीखने के उपकरण के रूप में वर्चुअल लैब।
13 जनवरी सोमवार गणित के लिए शिक्षण अधिगम उपकरण के रूप में वर्चुअल प्रयोगशाला।
14 जनवरी मंगलवार रसायन विज्ञान के लिए शिक्षण सीखने के उपकरण के रूप में आभासी प्रयोगशाला।
15 जनवरी बुधवार भाषाओं के शिक्षण-अधिगम उपकरण के रूप में वर्चुअल प्रयोगशाला।
क्या है वर्चुअल लैब्स
वर्चुअल लैब्स, शिक्षा में एक अहम तकनीक है। यह भौतिक लैब की तुलना में कम खर्चीली होती हैं और इनसे कई तरह के फ़ायदे होते हैं। वर्चुअल लैब्स, भौतिक लैब स्पेस का ऑनलाइन विस्तार होती हैं। इनमें एनिमेशन, सिमुलेशन और स्व-मूल्यांकन जैसे संसाधन होते हैं। वर्चुअल लैब्स से छात्रों को प्रयोगात्मक अनुभव मिलता है। इनसे छात्रों की आलोचनात्मक सोचने की क्षमता भी बेहतर होती है। वर्चुअल लैब्स, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंग्रेज़ी और गणित जैसे विषयों में पढ़ाई के लिए फ़ायदेमंद होती हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के अनुसार तकनीकी प्रगति ने शिक्षकों को ऐसे ढेरों उपकरण प्रदान किए हैं जिनका उपयोग वे अपनी नियमित कक्षा में अनुभवात्मक शिक्षण प्रदान करने के लिए कर सकते हैं। ऐसा ही एक उपकरण वर्चुअल लैब है जो दीक्षा पर उपलब्ध है। इस वर्टिकल को 29 जुलाई 2022 को एनईपी-2020 की सिफारिश के अनुसार लॉन्च किया गया था, जिसमें कहा गया है कि दीक्षा, स्वयं, पीएम ईविद्या और स्वयंप्रभा जैसे मौजूदा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी वर्चुअल लैब बनाने के लिए लाभ उठाया जाएगा ताकि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व्यावहारिक और प्रयोग-आधारित सीखने के अनुभवों तक समान पहुंच मिल सके।
चौथे चरण में इन प्रदेशों में होगा ऑनलाइन प्रशिक्षण
चौथे चरण में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्जन-
शिक्षण में वर्चुअल लैब्स का एकीकरण विषय पर शिक्षकों को साप्ताहिक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से शुरू होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षण की जानकारी देने के निदेश जारी किए हैं। प्रशिक्षण सुबह 10-11 बजे तक चलेगा। इसकी जानकारी सभी शिक्षकों को दे दी गई है।
- कुलभूषण जैन, सहायक परियोजना संयोजक, पानीपत।
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केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान ने शिक्षण-अधिगम में वर्चुअल लैब्स का एकीकरण विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इस प्रशिक्षण का मकसद, शिक्षकों, छात्रों, शिक्षक-प्रशिक्षकों, प्रशासकों और अन्य हितधारकों को दीक्षा वर्चुअल लैब्स के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देना है। इसी कड़ी में सीआईईटी, एनसीईआरटी शिक्षण-अधिगम में वर्चुअल लैब का एकीकरण विषय पर साप्ताहिक ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है। प्रशिक्षण चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में चौथे चरण का प्रशिक्षण 6-15 जनवरी तक निर्धारित है।
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सभी डीपीसी को जारी निर्देशानुसार कार्यक्रम के अनुसार यह प्रशिक्षण सत्र कक्षा छठी से 12वीं के शिक्षकों के लिए पीएम ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनल और एनसीईआरटी अधिकारियों के यूट्यूब चैनल पर 06 से 15 जनवरी तक सुबह 10 बजे से 11 बजे तक प्रसारित किया जाएगा। निर्देशानुसार हरियाणा चरण-4 में है, इसलिए जिला परियोजना संयोजक अपने जिले के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण की जानकारी दें और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम का यह रहेगा शेड्यूल
तिथि दिन विषय
06 जनवरी सोमवार वर्चुअल लैब्स: आवश्यकता, परिप्रेक्ष्य और दायरा।
07 जनवरी मंगलवार भौतिक विज्ञान के लिए शिक्षण-अधिगम उपकरण के रूप में आभासी प्रयोगशाला।
08 जनवरी बुधवार जीव विज्ञान के लिए शिक्षण सीखने के उपकरण के रूप में आभासी प्रयोगशाला।
09 जनवरी गुरुवार कंप्यूटर विज्ञान के लिए शिक्षण सीखने के उपकरण के रूप में वर्चुअल लैब।
13 जनवरी सोमवार गणित के लिए शिक्षण अधिगम उपकरण के रूप में वर्चुअल प्रयोगशाला।
14 जनवरी मंगलवार रसायन विज्ञान के लिए शिक्षण सीखने के उपकरण के रूप में आभासी प्रयोगशाला।
15 जनवरी बुधवार भाषाओं के शिक्षण-अधिगम उपकरण के रूप में वर्चुअल प्रयोगशाला।
क्या है वर्चुअल लैब्स
वर्चुअल लैब्स, शिक्षा में एक अहम तकनीक है। यह भौतिक लैब की तुलना में कम खर्चीली होती हैं और इनसे कई तरह के फ़ायदे होते हैं। वर्चुअल लैब्स, भौतिक लैब स्पेस का ऑनलाइन विस्तार होती हैं। इनमें एनिमेशन, सिमुलेशन और स्व-मूल्यांकन जैसे संसाधन होते हैं। वर्चुअल लैब्स से छात्रों को प्रयोगात्मक अनुभव मिलता है। इनसे छात्रों की आलोचनात्मक सोचने की क्षमता भी बेहतर होती है। वर्चुअल लैब्स, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंग्रेज़ी और गणित जैसे विषयों में पढ़ाई के लिए फ़ायदेमंद होती हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के अनुसार तकनीकी प्रगति ने शिक्षकों को ऐसे ढेरों उपकरण प्रदान किए हैं जिनका उपयोग वे अपनी नियमित कक्षा में अनुभवात्मक शिक्षण प्रदान करने के लिए कर सकते हैं। ऐसा ही एक उपकरण वर्चुअल लैब है जो दीक्षा पर उपलब्ध है। इस वर्टिकल को 29 जुलाई 2022 को एनईपी-2020 की सिफारिश के अनुसार लॉन्च किया गया था, जिसमें कहा गया है कि दीक्षा, स्वयं, पीएम ईविद्या और स्वयंप्रभा जैसे मौजूदा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी वर्चुअल लैब बनाने के लिए लाभ उठाया जाएगा ताकि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व्यावहारिक और प्रयोग-आधारित सीखने के अनुभवों तक समान पहुंच मिल सके।
चौथे चरण में इन प्रदेशों में होगा ऑनलाइन प्रशिक्षण
चौथे चरण में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्जन-
शिक्षण में वर्चुअल लैब्स का एकीकरण विषय पर शिक्षकों को साप्ताहिक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से शुरू होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षण की जानकारी देने के निदेश जारी किए हैं। प्रशिक्षण सुबह 10-11 बजे तक चलेगा। इसकी जानकारी सभी शिक्षकों को दे दी गई है।
- कुलभूषण जैन, सहायक परियोजना संयोजक, पानीपत।