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प्रश्न उत्तर याद कर न आने पर मैडम ने छात्र को बेरहमी से पीटा, हाथ में फ्रेक्चर
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एकता बिहार कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल की सामाजिक विषय की मैडम ने नौंवीं कक्षा के छात्र को प्रश्न याद कर न आने पर बेरहमी से पीटा, जिसके कारण उसका हाथ टूट गया। छात्र स्कूल के प्रधानाचार्य के पास पहुंचा, जिसने स्कूल में प्राथमिक उपचार कराने की बात कही, लेकिन छात्र नहीं माना और घर जाने की जिद्द पर अड़ गया। जिसके बाद प्रधानाचार्य ने उसे छुट्टी दी। वह रोते-रोते घर पहुंचा और मां को आपबीती बताई। मां बच्चे को सामान्य अस्पताल लेकर पहुंची और उसका प्राथमिक उपचार कराया।
छात्र ने बताया कि वह एकता बिहार कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में नौंवीं कक्षा का छात्र है। वह वीरवार को सुबह साढे़ आठ बजे स्कूल पहुंचा था। प्रार्थना के बाद उनकी पहली सामाजिक विषय की कक्षा लगी। जिस विषय को एक मैडम पढ़ाती हैं। वह आईं और आते ही प्रश्न याद कर न आने वाले 10 से 15 छात्रों को खड़ा कर दिया और सभी को कक्षा से बाहर निकाल दिया। इन छात्रों में एक वह खुद भी था। छात्र ने बताया कि वह बाहर निकलने के बाद शौचालय में चले गए थे, लेकिन जब वापस आए तो मैडम डंडा लेकर खड़ी थीं। सभी छात्रों को तीन से चार डंडे मारे और कक्षा के अंदर भेज दिया था, लेकिन उसे करीब 13 से 15 डंडे मारे, उसे घायल कर दिया।
कुछ समय पश्चात उसे कक्षा में अंदर बैठाया, लेकिन जब उसके हाथ पर सूजन आने लगी तो छात्र मैडम के पास गया, लेकिन एक बार तो मैडम ने मना किया, लेकिन दूसरी बार हां कर दी। वह प्रधानाचार्य के पास गया और छुट्टी मांगी, वहीं एक बार तो प्रधानाचार्य ने स्कूल में उसका प्राथमिक उपचार कराने की बात कही और पट्टी मंगवा ली, लेकिन पीड़ित छात्र ने इलाज कराने से मना कर दिया और छुट्टी के लिए जिद्द करनी शुरू की, जिसके बाद उसे छुट्टी मिली, वह रोते-रोते घर पहुंचा और मां को आपबीती बताई। जिसके बाद उसके पिता भी घर पहुंचे और उसे सामान्य अस्पताल में ले जाकर उपचार कराया।
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आठवीं कक्षा में भी तोड़ा था हाथ, पंचायत में समझौता होने पर नहीं की थी कार्रवाई
छात्र की मां ने बताया कि उसका बच्चा पहले दूसरे निजी स्कूल में पढ़ता था, लेकिन उन्होंने एक साल पहले ही बच्चे का आठवीं कक्षा में दाखिला करवाया था। वहीं, दो से तीन माह पश्चात ही विज्ञान विषय की मैडम ने उसके साथ अज्ञात कारण से मारपीट करनी शुरू कर दी थी, जिसके कारण उसका हाथ टूट गया था। उन्होंने पंचायत की थी, जिसमें प्रधानाचार्य और मैडम ने माफी मांग ली थी। वहीं प्रधानाचार्य ने भी मैडम को स्कूल से निकाल दिया था। लड़के के पिता ने बताया कि पंचायत की तो स्कूल के अध्यापक ने उसके बेटे से रंजिश रखने लगे थे। उसका बेटा अकसर घर पर परेशान रहता था। उनका आरोप है कि अध्यापक हर छोटी गलती पर उसके साथ ज्यादा मारपीट करते हैं।
छात्र शौचालय में जाकर छिप गया था, मैडम ने बुलाने की कोशिश की तो छात्र ने मैडम के साथ दुर्व्यवहार किया। जिसके बाद मैडम ने उसे एक से दो डंडे मारे होंगे। अन्यथा कोई भी अध्यापक अपने छात्र का बुरा नहीं चाहता। मैैडम ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया होगा।
- प्रधानाचार्य, निजी स्कूल संचालक।
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छात्र ने बताया कि वह एकता बिहार कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में नौंवीं कक्षा का छात्र है। वह वीरवार को सुबह साढे़ आठ बजे स्कूल पहुंचा था। प्रार्थना के बाद उनकी पहली सामाजिक विषय की कक्षा लगी। जिस विषय को एक मैडम पढ़ाती हैं। वह आईं और आते ही प्रश्न याद कर न आने वाले 10 से 15 छात्रों को खड़ा कर दिया और सभी को कक्षा से बाहर निकाल दिया। इन छात्रों में एक वह खुद भी था। छात्र ने बताया कि वह बाहर निकलने के बाद शौचालय में चले गए थे, लेकिन जब वापस आए तो मैडम डंडा लेकर खड़ी थीं। सभी छात्रों को तीन से चार डंडे मारे और कक्षा के अंदर भेज दिया था, लेकिन उसे करीब 13 से 15 डंडे मारे, उसे घायल कर दिया।
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कुछ समय पश्चात उसे कक्षा में अंदर बैठाया, लेकिन जब उसके हाथ पर सूजन आने लगी तो छात्र मैडम के पास गया, लेकिन एक बार तो मैडम ने मना किया, लेकिन दूसरी बार हां कर दी। वह प्रधानाचार्य के पास गया और छुट्टी मांगी, वहीं एक बार तो प्रधानाचार्य ने स्कूल में उसका प्राथमिक उपचार कराने की बात कही और पट्टी मंगवा ली, लेकिन पीड़ित छात्र ने इलाज कराने से मना कर दिया और छुट्टी के लिए जिद्द करनी शुरू की, जिसके बाद उसे छुट्टी मिली, वह रोते-रोते घर पहुंचा और मां को आपबीती बताई। जिसके बाद उसके पिता भी घर पहुंचे और उसे सामान्य अस्पताल में ले जाकर उपचार कराया।
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आठवीं कक्षा में भी तोड़ा था हाथ, पंचायत में समझौता होने पर नहीं की थी कार्रवाई
छात्र की मां ने बताया कि उसका बच्चा पहले दूसरे निजी स्कूल में पढ़ता था, लेकिन उन्होंने एक साल पहले ही बच्चे का आठवीं कक्षा में दाखिला करवाया था। वहीं, दो से तीन माह पश्चात ही विज्ञान विषय की मैडम ने उसके साथ अज्ञात कारण से मारपीट करनी शुरू कर दी थी, जिसके कारण उसका हाथ टूट गया था। उन्होंने पंचायत की थी, जिसमें प्रधानाचार्य और मैडम ने माफी मांग ली थी। वहीं प्रधानाचार्य ने भी मैडम को स्कूल से निकाल दिया था। लड़के के पिता ने बताया कि पंचायत की तो स्कूल के अध्यापक ने उसके बेटे से रंजिश रखने लगे थे। उसका बेटा अकसर घर पर परेशान रहता था। उनका आरोप है कि अध्यापक हर छोटी गलती पर उसके साथ ज्यादा मारपीट करते हैं।
छात्र शौचालय में जाकर छिप गया था, मैडम ने बुलाने की कोशिश की तो छात्र ने मैडम के साथ दुर्व्यवहार किया। जिसके बाद मैडम ने उसे एक से दो डंडे मारे होंगे। अन्यथा कोई भी अध्यापक अपने छात्र का बुरा नहीं चाहता। मैैडम ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया होगा।
- प्रधानाचार्य, निजी स्कूल संचालक।