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Panipat News: 11 अनुबंधित सफाईकर्मी बर्खास्त
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नगर निगम कर्मचारियों को संबोधित करते हुडा सेक्टर आरडब्ल्यूए के संयोजक बलजीत सिंह। स्रोत : सोशल
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम ने चेतावनी के बावजूद काम पर नहीं लौटने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले सफाई कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगम आयुक्त डॉ. पंकज के आदेश पर 11 अस्थायी सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि पांच स्थायी सफाई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इससे पहले दमकल विभाग के प्रधान रणबीर नांदल को भी सेवामुक्त किया जा चुका है। निगम की कार्रवाई से नगरपालिका कर्मचारी संघ में रोष है। यूनियन ने सरकार की कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में महापंचायत करने का एलान किया है।
निगम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन मंगलवार को भी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके बाद निगम आयुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। निगम अधिकारियों के अनुसार, सफाई व्यवस्था में लापरवाही और बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आधार पर कार्रवाई की गई है।
निगम प्रशासन ने शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए बर्खास्त कर्मचारियों के स्थान पर तत्काल 20 नई मैनपावर तैनात करने का निर्णय लिया है। डीएमसी एवं सफाई विभाग प्रभारी अरुण भार्गव और सीएसआई जितेंद्र नरवाल कर्मचारियों की उपस्थिति की दोबारा जांच करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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इन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
निगम ने 11 अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की हैं। इनमें जितेंद्र, अनिल, धर्मवीर, जोगिंद्र, सुरेंद्र, सन्नी, विजय, अजय, नरसी, कुलदीप और कर्मवीर शामिल हैं।
वहीं, पांच स्थायी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें इकाई सचिव राजन के अलावा जयवीर, चरण सिंह, शमशेर और बलवान शामिल हैं।
यूनियन का कड़ा विरोध, 13 को कुरुक्षेत्र में महापंचायत
निगम की कार्रवाई के बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा और दमकल कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजीव खत्री मंगलवार को पानीपत पहुंचे। संघ नेताओं ने कर्मचारियों की बर्खास्तगी और निलंबन की निंदा की।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को सुनने के बजाय दमनकारी नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 13 में से 12 मांगें मानने का दावा किया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों ने 22 मांगें रखी हैं और इनमें से 17 पर सरकार पहले ही आश्वासन दे चुकी थी।
यूनियन नेताओं के अनुसार, कर्मचारियों ने जोखिम भत्ता दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं देने की शर्त लगा दी है। यूनियन नेता नरेश कुमार अठवाल ने बताया कि सरकार की कार्रवाई के विरोध में 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में जनता न्याय पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ आरडब्ल्यूए से भी सहयोग मांगा गया है।
हुडा सेक्टर आरडब्ल्यूए ने भी नगर निगम कर्मचारियों को समर्थन दिया है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करना चाहिए।
काम प्रभावित, कार्यालयों के चक्कर काट रहे लोग
नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल का असर कार्यालयों के कामकाज पर भी पड़ा है। पालिका बाजार और देवीलाल कांप्लेक्स स्थित निगम कार्यालयों में प्रॉपर्टी टैक्स, एनओसी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित काम प्रभावित रहा। काम के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
मॉडल टाउन निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन दिन से अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार काउंटर बंद मिलता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और प्रशासन के विवाद में आम जनता परेशान हो रही है।
किला क्षेत्र निवासी सतीश वर्मा ने बताया कि वह प्रॉपर्टी टैक्स में सुधार के लिए निगम कार्यालय आए थे, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। तहसील कैंप निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें जन्म प्रमाण पत्र की तत्काल जरूरत थी, लेकिन कार्यालय में काम नहीं हो पाया। दूर-दराज से आने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
वर्जन
शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर और सुदृढ़ बनाना नगर निगम की पहली प्राथमिकता है। बिना किसी सूचना के अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। 11 अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं और पांच स्थायी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। शहर में सफाई व्यवस्था के लिए तत्काल 20 नई मैनपावर की तैनाती के निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम
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पानीपत। नगर निगम ने चेतावनी के बावजूद काम पर नहीं लौटने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले सफाई कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगम आयुक्त डॉ. पंकज के आदेश पर 11 अस्थायी सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि पांच स्थायी सफाई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इससे पहले दमकल विभाग के प्रधान रणबीर नांदल को भी सेवामुक्त किया जा चुका है। निगम की कार्रवाई से नगरपालिका कर्मचारी संघ में रोष है। यूनियन ने सरकार की कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में महापंचायत करने का एलान किया है।
निगम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन मंगलवार को भी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके बाद निगम आयुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। निगम अधिकारियों के अनुसार, सफाई व्यवस्था में लापरवाही और बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आधार पर कार्रवाई की गई है।
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निगम प्रशासन ने शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए बर्खास्त कर्मचारियों के स्थान पर तत्काल 20 नई मैनपावर तैनात करने का निर्णय लिया है। डीएमसी एवं सफाई विभाग प्रभारी अरुण भार्गव और सीएसआई जितेंद्र नरवाल कर्मचारियों की उपस्थिति की दोबारा जांच करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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इन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
निगम ने 11 अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की हैं। इनमें जितेंद्र, अनिल, धर्मवीर, जोगिंद्र, सुरेंद्र, सन्नी, विजय, अजय, नरसी, कुलदीप और कर्मवीर शामिल हैं।
वहीं, पांच स्थायी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें इकाई सचिव राजन के अलावा जयवीर, चरण सिंह, शमशेर और बलवान शामिल हैं।
यूनियन का कड़ा विरोध, 13 को कुरुक्षेत्र में महापंचायत
निगम की कार्रवाई के बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा और दमकल कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजीव खत्री मंगलवार को पानीपत पहुंचे। संघ नेताओं ने कर्मचारियों की बर्खास्तगी और निलंबन की निंदा की।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को सुनने के बजाय दमनकारी नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 13 में से 12 मांगें मानने का दावा किया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों ने 22 मांगें रखी हैं और इनमें से 17 पर सरकार पहले ही आश्वासन दे चुकी थी।
यूनियन नेताओं के अनुसार, कर्मचारियों ने जोखिम भत्ता दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं देने की शर्त लगा दी है। यूनियन नेता नरेश कुमार अठवाल ने बताया कि सरकार की कार्रवाई के विरोध में 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में जनता न्याय पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ आरडब्ल्यूए से भी सहयोग मांगा गया है।
हुडा सेक्टर आरडब्ल्यूए ने भी नगर निगम कर्मचारियों को समर्थन दिया है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करना चाहिए।
काम प्रभावित, कार्यालयों के चक्कर काट रहे लोग
नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल का असर कार्यालयों के कामकाज पर भी पड़ा है। पालिका बाजार और देवीलाल कांप्लेक्स स्थित निगम कार्यालयों में प्रॉपर्टी टैक्स, एनओसी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित काम प्रभावित रहा। काम के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
मॉडल टाउन निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन दिन से अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार काउंटर बंद मिलता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और प्रशासन के विवाद में आम जनता परेशान हो रही है।
किला क्षेत्र निवासी सतीश वर्मा ने बताया कि वह प्रॉपर्टी टैक्स में सुधार के लिए निगम कार्यालय आए थे, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। तहसील कैंप निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें जन्म प्रमाण पत्र की तत्काल जरूरत थी, लेकिन कार्यालय में काम नहीं हो पाया। दूर-दराज से आने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
वर्जन
शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर और सुदृढ़ बनाना नगर निगम की पहली प्राथमिकता है। बिना किसी सूचना के अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। 11 अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं और पांच स्थायी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। शहर में सफाई व्यवस्था के लिए तत्काल 20 नई मैनपावर की तैनाती के निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम