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टीडीआई ने किसानों की जमीन अधिगृहीत करने के बाद नहीं दिया 100 गज का प्लाट
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पानीपत। किसान भवन में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान के जिला प्रधान सोनू मालपुरिय?
- फोटो : Panipat
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पानीपत। टीडीआई टाउनशिप में 100-100 गज का प्लॉट न देने पर मंगलवार को किसानों ने प्रदर्शन किया। किसान भवन में आयोजित मासिक बैठक में तक किया गया कि अगर प्लॉट नहीं मिले तो प्रदर्शन जारी रहेगा। किसानों ने बताया कि टीडीआई बसाए जाने के दौरान उनसे वादा किया गया था कि जमीन अधिगृहीत करने के बदले उन्हें 100-100 गज का एक प्लॉट भी दिया जाएगा, जिसे पूरा नहीं किया गया है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने शहर के विकास को ध्यान में रखते अपनी जमीन दी और अब टीडीआई बिल्डर उन्हें प्लॉट देने से मना कर रहा है। इसी के साथ किसान भवन में 10 वर्ष पुराने वाहनों को बंद करने का विरोध किया गया। किसान प्रधान सोनू मालपुरिया ने कहा कि सरकार किसानों के साथ गलत कर रही है। कम से कम किसानों को ट्रैक्टर चलाने की छूट देनी चाहिए।
2006 में खरीदी जमीन, अभी तक नहीं दिया प्लॉट
वर्ष 2006 में टीडीआई ने हमारी भूमि का अधिग्रहण किया था। किसानों से वायदा किया गया था कि उनकी जमीन के बदले दाम और 100 गज का प्लॉट दिया जाएगा। इसमें दो महीने के बाद काफी विरोध प्रदर्शन करने के बाद पैसे तो मिल गए लेकिन उन्हें प्लॉट नहीं दिया। - सुनील कुमार, किसान
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जमीन देने के बाद 10 साल के काट रहे चक्कर
जमीन टीडीआई कंपनी को देने के बाद भी जिले के किसान पिछले 10 साल से चक्कर काट रहे हैं। किसानों की जमीन का लाइसेंस भी आ गया है, पर प्लॉट नहीं मिले। यदि कंपनी मनमानी बंद नहीं करेगी तो किसान यूनियन भी किसानों के साथ बड़ा प्रदर्शन करेगी। -सोनू मालपुरिया, जिला प्रधान, भाकियू
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किसानों का कहना है कि उन्होंने शहर के विकास को ध्यान में रखते अपनी जमीन दी और अब टीडीआई बिल्डर उन्हें प्लॉट देने से मना कर रहा है। इसी के साथ किसान भवन में 10 वर्ष पुराने वाहनों को बंद करने का विरोध किया गया। किसान प्रधान सोनू मालपुरिया ने कहा कि सरकार किसानों के साथ गलत कर रही है। कम से कम किसानों को ट्रैक्टर चलाने की छूट देनी चाहिए।
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2006 में खरीदी जमीन, अभी तक नहीं दिया प्लॉट
वर्ष 2006 में टीडीआई ने हमारी भूमि का अधिग्रहण किया था। किसानों से वायदा किया गया था कि उनकी जमीन के बदले दाम और 100 गज का प्लॉट दिया जाएगा। इसमें दो महीने के बाद काफी विरोध प्रदर्शन करने के बाद पैसे तो मिल गए लेकिन उन्हें प्लॉट नहीं दिया। - सुनील कुमार, किसान
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जमीन देने के बाद 10 साल के काट रहे चक्कर
जमीन टीडीआई कंपनी को देने के बाद भी जिले के किसान पिछले 10 साल से चक्कर काट रहे हैं। किसानों की जमीन का लाइसेंस भी आ गया है, पर प्लॉट नहीं मिले। यदि कंपनी मनमानी बंद नहीं करेगी तो किसान यूनियन भी किसानों के साथ बड़ा प्रदर्शन करेगी। -सोनू मालपुरिया, जिला प्रधान, भाकियू