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जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला उम्रकैदी का शव, परिजनों का हंगामा
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पानीपत। गांव सिवाह स्थित जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार की देर रात बैरक नंबर छह के बाथरूम में तीन फुट ऊंची टोंटी पर गमछे के फंदे से बंधा उसका शव मिला। मामले में परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पहले जेल परिसर में और फिर अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। परिजनों के आक्रोश को देखते पुलिस स्थिति संभालने के लिए अस्पताल में तीन थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। इस दौरान परिजन हत्या का केस दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे, जबकि जेल प्रशासन एवं पुलिस की ओर से आत्महत्या की बात कही गई है।
गांव अदियाना निवासी सतेंद्र ने बताया कि उसके पिता रणबीर (57) हत्या के आरोप में सिवाह जेल में बंद थे। इससे पहले वर्ष 2007 में रणबीर ने अपने ही गांव के अमरनाथ की हैंडपंप का हत्था मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने 2010 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। परिजनों के अनुसार रणबीर के व्यवहार को देखते हुए जेल से उन्हें पैरोल मिलती रहती थी। वह सात अक्तूबर को भी 14 दिन की पैरोल पर घर आए थे और फिर 21 अक्तूबर को दोबारा जेल चले गए। इसके बाद 24 अक्तूबर को जेल से कॉल आई कि रणबीर के पास 50 ग्राम चरस मिली है। इस मामले में उन पर केस भी दर्ज किया गया। बेटे ने आरोप लगाया कि पिता रणबीर को झूठे मामले में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। यही कारण है कि सोमवार को दिन में बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी हत्या की भी आशंका जताई थी और फिर देर रात उनकी मौत की खबर मिली। परिजनों का कहना है कि आखिर तीन फुट ऊंची नल की टोंटी से कोई व्यक्ति फंदा लगाकर कैसे आत्महत्या कर सकता है।
दूसरी ओर, पुलिस के मुताबिक बैरक नंबर छह में रणबीर दो अन्य कैदियों के साथ बंद था। बैरक के दो कैदियों ने सोमवार की रात डेढ़ बजे जेल अधीक्षक को सूचना दी कि रणबीर ने बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। उनके मुताबिक रणबीर रात करीब सवा एक बजे बाथरूम में गया था और काफी देर तक नहीं लौटा तो वे उसे देखने गए, जहां वह फंदे से लटका मिला।
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पहले जेल और फिर अस्पताल में करीब छह घंटे तक चले हंगामे के कारण मंगलवार को मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। मामले में परिजन हत्या का केस दर्ज करने और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े रहे।
वर्जन:
हम मामले की जांच कर रहे हैं : डीएसपी
शव बाथरूम में टोंटी से लटका मिला था। शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल भिजवाया गया है। परिजनों की मांग है कि शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से होना चाहिए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार, डीएसपी पानीपत।
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गांव अदियाना निवासी सतेंद्र ने बताया कि उसके पिता रणबीर (57) हत्या के आरोप में सिवाह जेल में बंद थे। इससे पहले वर्ष 2007 में रणबीर ने अपने ही गांव के अमरनाथ की हैंडपंप का हत्था मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने 2010 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। परिजनों के अनुसार रणबीर के व्यवहार को देखते हुए जेल से उन्हें पैरोल मिलती रहती थी। वह सात अक्तूबर को भी 14 दिन की पैरोल पर घर आए थे और फिर 21 अक्तूबर को दोबारा जेल चले गए। इसके बाद 24 अक्तूबर को जेल से कॉल आई कि रणबीर के पास 50 ग्राम चरस मिली है। इस मामले में उन पर केस भी दर्ज किया गया। बेटे ने आरोप लगाया कि पिता रणबीर को झूठे मामले में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। यही कारण है कि सोमवार को दिन में बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी हत्या की भी आशंका जताई थी और फिर देर रात उनकी मौत की खबर मिली। परिजनों का कहना है कि आखिर तीन फुट ऊंची नल की टोंटी से कोई व्यक्ति फंदा लगाकर कैसे आत्महत्या कर सकता है।
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दूसरी ओर, पुलिस के मुताबिक बैरक नंबर छह में रणबीर दो अन्य कैदियों के साथ बंद था। बैरक के दो कैदियों ने सोमवार की रात डेढ़ बजे जेल अधीक्षक को सूचना दी कि रणबीर ने बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। उनके मुताबिक रणबीर रात करीब सवा एक बजे बाथरूम में गया था और काफी देर तक नहीं लौटा तो वे उसे देखने गए, जहां वह फंदे से लटका मिला।
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पहले जेल और फिर अस्पताल में करीब छह घंटे तक चले हंगामे के कारण मंगलवार को मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। मामले में परिजन हत्या का केस दर्ज करने और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े रहे।
वर्जन:
हम मामले की जांच कर रहे हैं : डीएसपी
शव बाथरूम में टोंटी से लटका मिला था। शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल भिजवाया गया है। परिजनों की मांग है कि शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से होना चाहिए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार, डीएसपी पानीपत।