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175 शिक्षकों को वेतन नहीं दिए जाने के विरोध में उतरे 150 विद्यार्थी
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पानीपत। सेक्टर 11-12 स्थित एसडीवीएम स्कूल के बाहर शिक्षको का समर्थन करने पहुंचे स्कूल के पूर्व व मौ?
- फोटो : Panipat
एसडीवीएम स्कूल हुडा के 175 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को तीन महीने से वेतन नहीं दिए जाने के विरोध में रविवार को शिक्षक-शिक्षिकाओं के समर्थन में विद्यार्थी भी उतर आए। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाते हुए विद्यार्थियों स्कूल में जाने की कोशिश की। गेट तक नहीं खुलने पर विद्यार्थी गेट पर चढ़ गए, हालांकि स्कूल का गेट फिर भी नहीं खोला गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने सांसद संजय भाटिया को घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। सांसद के आश्वासन देने पर किसी तरह विद्यार्थी शांत हुए।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह साढ़े 10 बजे स्कूल मौजूदा विद्यार्थियों के साथ ही पूर्व छात्र-छात्राएं भी स्कूल के बाहर शिक्षकों के धरना स्थल पर पहुंचने लगे। सुबह सवा 11 बजे से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विद्यार्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए जाने लगे। इस दौरान छात्रों ने स्कूल के अंदर जाने की कोशिश की और गेट पर भी चढ़ गए लेकिन गेट नहीं खोला गया। विद्यार्थियों ने कहा जब उसने पूरी फीस ली गई तो शिक्षकों को वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के कार्यालय में सांसद संजय भाटिया के प्रेसवार्ता करने का पता चला। इसमें मेयर एवं पार्षद भी मौजूद थे। कार्यालय महज 200 मीटर की दूरी पर होने से सभी विद्यार्थी वहां पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। सांसद के बाहर निकलने पर उन्होंने उनको घेर लिया। विद्यार्थियों ने उसने शिक्षकों को वेतन दिलाने की मांग की। इस मामले में एसडीवीएम हुडा स्कूल के प्रधान सतीश चंद्रा से संपर्क करने का तीन बार प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से पक्ष नहीं मिला। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
एसडीवीएम प्रबंधक ने पुलिस मांगी सिक्योरिटी, बोले शरारती तत्व से है खतरा
एसडीवीएम स्कूल के बाहर चल रहे अध्यापकों के प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों के विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन ने पुलिस से सिक्योरिटी मांग की है। पुलिस को लिखित में शिकायत दी गई और शरारती तत्वों से खतरा बताया गया। सेक्टर 11-12 चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि कोई रिपोर्ट दर्ज करने की शिकायत नहीं हे। सिर्फ सुरक्षा की मांग की गई है। अब दोनों पक्षों की ओर से कई बार शिकायत आ चुकी है।
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सांसद को क्षेत्र में नौ दिन से चल रहे धरने का नहीं पता, बोले शिक्षकों को भेजो
प्रेसवार्ता खत्म करने के बाद बाहर आए सांसद संजय भाटिया को विद्यार्थियों ने उन्हें घेर लिया। इस पर सांसद ने छात्रों से कहा कि उन्हें स्कूल के मामले के बारे में कुछ पता नहीं है। यह हैरानी की बात थी कि सांसद को अपने ही क्षेत्र नौ दिन से चल रहे धरने का पता ही नहीं था। जबकि वे उसी रास्ते से गुजरकर प्रेसवार्ता स्थल तक भी पहुंचे थे। हालांकि विद्यार्थियों ने उनसे पूरी बात कही। इस पर सांसद ने कहा कि शिक्षकों को भेजो, जिनसे समस्या समझी जा सके। जिसके बाद विद्यार्थी धरना स्थल पर लौट आए।
आज से खुलना है स्कूल, विद्यार्थी बोले नहीं आएंगे
सोमवार से एसडीवीएम स्कूल में कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। छठीं से 12वीं तक की सभी कक्षाएं लगाई जाएंगी, लेकिन प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों चेतावनी दी है कि जब तक कि शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाता है, वे स्कूल नहीं आएंगे।
पहले ही धरने की वजह से 10 दिन से ठप हैं ऑनलाइन कक्षाएं
मई में बोर्ड परीक्षाएं होनी है और धरने की वजह से बीते 10 दिन से ऑनलाइन कक्षाएं भी ठप हैं। अगर कक्षाएं नहीं लगीं तो विद्यार्थियों का न तो कोर्स पूरा होगा न ही रिवीजन ही हो सकेगा।
शिक्षकों का आरोप, नई भर्तियां निकाल दी गई हैं
सोमवार को शिक्षकों ने स्कूल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से नए शिक्षकों के लिए भर्ती निकाल दी गई है। ऑनलाइन इंटरव्यू लिए जाएंगे, ताकि धरने पर बैठे अध्यापकों को वेतन नहीं देना पड़े।
ये है पूरा मामला
अध्यापकों के मुताबिक एसडीवीएम स्कूल हुडा में लॉकडाउन के बाद से ही उन्हें 40 से 70 प्रतिशत वेतन दिया जा रहा था, लेकिन नवंबर से वेतन दिया जाना ही बंद कर दिया गया। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर 29 जनवरी को शिक्षकों ने धरना शुरू कर दिया। जिसके बाद रविवार को नौंवे दिन अब छात्र भी अध्यापकों के समर्थन में उतर आए है।
बोले छात्र
पूरी फीस लेने के बाद भी अध्यापकों को नहीं दिया वेतन: सोनल, छात्रा
स्कूल की तरफ से हमसे पूरी फीस लिए जाने के बाद भी हमें पढ़ाने वाले अध्यापकों को तीन महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्हें अपना घर चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल से हूूूं पासआउट, लेकिन अध्यापकों के समर्थन में हूं: अनन्या, पूर्व छात्रा
चार साल पहले स्कूल से पास आउट व फिजियोथेरेपिस्ट अनन्या ने कहा कि वह अध्यापकों के हक की लड़ाई में उनके साथ हैं। अध्यापक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं तो उनको वेतन आधा क्यों दिया जा रहा है।
आज से स्कूल होंगे शुरू, लेकिन धरने पर है हमारे अध्यापक: पीयूष
आज से हमारे स्कूल शुरू होंगे और इस साल मेरी 12वीं की बोर्ड की क्लास है, लेकिन स्कूल वाले अध्यापकों को वेतन नहीं दे रहे हैं, जिससे अब स्कूल खुलने पर हमारी पढ़ाई पर असर पड़ेगा।
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जानकारी के अनुसार रविवार सुबह साढ़े 10 बजे स्कूल मौजूदा विद्यार्थियों के साथ ही पूर्व छात्र-छात्राएं भी स्कूल के बाहर शिक्षकों के धरना स्थल पर पहुंचने लगे। सुबह सवा 11 बजे से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विद्यार्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए जाने लगे। इस दौरान छात्रों ने स्कूल के अंदर जाने की कोशिश की और गेट पर भी चढ़ गए लेकिन गेट नहीं खोला गया। विद्यार्थियों ने कहा जब उसने पूरी फीस ली गई तो शिक्षकों को वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के कार्यालय में सांसद संजय भाटिया के प्रेसवार्ता करने का पता चला। इसमें मेयर एवं पार्षद भी मौजूद थे। कार्यालय महज 200 मीटर की दूरी पर होने से सभी विद्यार्थी वहां पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। सांसद के बाहर निकलने पर उन्होंने उनको घेर लिया। विद्यार्थियों ने उसने शिक्षकों को वेतन दिलाने की मांग की। इस मामले में एसडीवीएम हुडा स्कूल के प्रधान सतीश चंद्रा से संपर्क करने का तीन बार प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से पक्ष नहीं मिला। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
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एसडीवीएम प्रबंधक ने पुलिस मांगी सिक्योरिटी, बोले शरारती तत्व से है खतरा
एसडीवीएम स्कूल के बाहर चल रहे अध्यापकों के प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों के विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन ने पुलिस से सिक्योरिटी मांग की है। पुलिस को लिखित में शिकायत दी गई और शरारती तत्वों से खतरा बताया गया। सेक्टर 11-12 चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि कोई रिपोर्ट दर्ज करने की शिकायत नहीं हे। सिर्फ सुरक्षा की मांग की गई है। अब दोनों पक्षों की ओर से कई बार शिकायत आ चुकी है।
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सांसद को क्षेत्र में नौ दिन से चल रहे धरने का नहीं पता, बोले शिक्षकों को भेजो
प्रेसवार्ता खत्म करने के बाद बाहर आए सांसद संजय भाटिया को विद्यार्थियों ने उन्हें घेर लिया। इस पर सांसद ने छात्रों से कहा कि उन्हें स्कूल के मामले के बारे में कुछ पता नहीं है। यह हैरानी की बात थी कि सांसद को अपने ही क्षेत्र नौ दिन से चल रहे धरने का पता ही नहीं था। जबकि वे उसी रास्ते से गुजरकर प्रेसवार्ता स्थल तक भी पहुंचे थे। हालांकि विद्यार्थियों ने उनसे पूरी बात कही। इस पर सांसद ने कहा कि शिक्षकों को भेजो, जिनसे समस्या समझी जा सके। जिसके बाद विद्यार्थी धरना स्थल पर लौट आए।
आज से खुलना है स्कूल, विद्यार्थी बोले नहीं आएंगे
सोमवार से एसडीवीएम स्कूल में कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। छठीं से 12वीं तक की सभी कक्षाएं लगाई जाएंगी, लेकिन प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों चेतावनी दी है कि जब तक कि शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाता है, वे स्कूल नहीं आएंगे।
पहले ही धरने की वजह से 10 दिन से ठप हैं ऑनलाइन कक्षाएं
मई में बोर्ड परीक्षाएं होनी है और धरने की वजह से बीते 10 दिन से ऑनलाइन कक्षाएं भी ठप हैं। अगर कक्षाएं नहीं लगीं तो विद्यार्थियों का न तो कोर्स पूरा होगा न ही रिवीजन ही हो सकेगा।
शिक्षकों का आरोप, नई भर्तियां निकाल दी गई हैं
सोमवार को शिक्षकों ने स्कूल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से नए शिक्षकों के लिए भर्ती निकाल दी गई है। ऑनलाइन इंटरव्यू लिए जाएंगे, ताकि धरने पर बैठे अध्यापकों को वेतन नहीं देना पड़े।
ये है पूरा मामला
अध्यापकों के मुताबिक एसडीवीएम स्कूल हुडा में लॉकडाउन के बाद से ही उन्हें 40 से 70 प्रतिशत वेतन दिया जा रहा था, लेकिन नवंबर से वेतन दिया जाना ही बंद कर दिया गया। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर 29 जनवरी को शिक्षकों ने धरना शुरू कर दिया। जिसके बाद रविवार को नौंवे दिन अब छात्र भी अध्यापकों के समर्थन में उतर आए है।
बोले छात्र
पूरी फीस लेने के बाद भी अध्यापकों को नहीं दिया वेतन: सोनल, छात्रा
स्कूल की तरफ से हमसे पूरी फीस लिए जाने के बाद भी हमें पढ़ाने वाले अध्यापकों को तीन महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्हें अपना घर चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल से हूूूं पासआउट, लेकिन अध्यापकों के समर्थन में हूं: अनन्या, पूर्व छात्रा
चार साल पहले स्कूल से पास आउट व फिजियोथेरेपिस्ट अनन्या ने कहा कि वह अध्यापकों के हक की लड़ाई में उनके साथ हैं। अध्यापक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं तो उनको वेतन आधा क्यों दिया जा रहा है।
आज से स्कूल होंगे शुरू, लेकिन धरने पर है हमारे अध्यापक: पीयूष
आज से हमारे स्कूल शुरू होंगे और इस साल मेरी 12वीं की बोर्ड की क्लास है, लेकिन स्कूल वाले अध्यापकों को वेतन नहीं दे रहे हैं, जिससे अब स्कूल खुलने पर हमारी पढ़ाई पर असर पड़ेगा।