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सख्ती : पहले नोटिस, फिर जुर्माना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 02:21 PM IST
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Strictness: First notice, then fine
ईपीएस - फोटो : Panipat
पानीपत। गोबर प्रबंधन नीति के तहत नगर निगम ने पिछले तीन दिनों में सभी 26 वार्डों में करीब 250 अवैध डेयरियों को नोटिस भेज दिए हैं। वहीं, 50 डेयरियों को वीरवार को नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद इनको नियमानुसार तीन दिन के भीतर निगम में अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण न होने की सूरत में निगम 20 सितंबर से इन पर कार्रवाई करेगा। इसमें हर डेयरी पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भुगतने की सूरत में निगम डेयरियों से पशुओं को जब्त कर गोशाला में भी भेज सकता है। इसके लिए निगम ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है।
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बता दें कि निगम ने डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट को शहर की निकासी व्यवस्था में सबसे बड़ी बाधा माना है। इसके लिए निगम ने डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का प्लान बनाया था। इसके तहत डेयरियों को पहले भी नोटिस भेजे गए थे लेकिन निगम को ये प्लान सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद निगम पार्षद रविंद्र भाटिया ने गोबर प्रबंधन नीति के मुद्दे को हाउस की मीटिंग में उठाया। निगम ने अब डेयरियों से सिर्फ गोबर को उठाकर शहर से बाहर ले जाकर इसे वैज्ञानिक तरीके से निपटाने का प्लान बनाया गया है।
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इस नीति को लेकर निगम ने शहर के अवैध डेयरी संचालकों को निगम में अपनी डेयरियों के पंजीकरण करने की अपील की थी। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर व ई-मेल तक जारी करते हुए एक माह का समय दिया गया था। एक सर्वे के हिसाब से निगम के अंतर्गत करीब 300 डेयरियां पाई गईं थीं। इसमें से करीब 30 डेयरी संचालकों ने ही निगम में अपना पंजीकरण करवाया था। जो कुल डेयरियों का केवल 10 प्रतिशत ही रहा।
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पंजीकरण के लिए यहां कर सकते हैं संपर्क
नगर निगम ने गोबर प्रबंधन नीति के तहत शहर के डेयरी संचालकों को पंजीकरण करवाने के लिए निगम की वेबसाइट पर फॉर्म उपलब्ध करवाए गए हैं। वहीं, शहरवासियों से इस पर सुझाव, शिकायत व सूचना के लिए निगम ने हेल्पलाइन नंबर 90344-20507 भी जारी किया हैं। इसके अलावा निगम के ई-मेल सैनिटेशन एमसीपी डॉट जीमेल डॉट कॉम पर भी संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करवाने का आग्रह किया जा सकता है। निगम अधिकारियों ने डेयरी संचालकों से अपील की है कि वे अपनी डेयरी का पंजीकरण निगम में करवाएं।
इसलिए बनाई थी गोबर प्रबंधन नीति-
निगम के अनुसार शहर में चल रही अवैध डेयरियों से निकलने वाले गोबर को डेयरी संचालक नालियों व सीवर में बहा देते हैं। इससे नालियां व सीवर चोक हो जातेे हैं। गोबर से मीथेन गैस निकलती है, जो सफाई कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। कई बार सीवर साफ करने वाले इस गैस की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए ये नीति बनाई गई। इसमें डेयरियों से निकलने वाले गोबर को वैज्ञानिक तकनीक से उपयोग में लाया जा सकता है। इससे शहर में साफ सफाई भी रहेगी और निकासी व्यवस्था जाम भी नहीं होगी।
सोमवार से होगी जुर्माना वसूूली
शहर में करीब 300 डेयरियां अवैध तरीके से चल रही हैं। इनमें से अब तक करीब निगम के पास करीब 30 डेयरियों के रजिस्ट्रेशन ही हुए हैं। जिसके बाद निगम ने 250 डेयरियों को नोटिस दे दिया है। बाकी को भी नोटिस दिया जा रहा है। सोमवार से बिना रजिस्ट्रेशन वाले डेयरियों से दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। जुर्माना न देने की सूरत में डेयरियों के पशुओं को जब्त कर गौशाला में छोड़ा जा सकता है।

गुरमीत सिंह, एसआई, सफाई शाखा, नगर निगम, पानीपत।
शहर की निकासी व्यवस्था के लिए जरूरी
डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट यानी गोबर की वजह से नालियां व सीवर चोक हो जाते हैं। जिससे हर साल मानसून में शहर पानी से भर जाता है। इसलिए गोबर प्रबंधन नीति शहर के लिए निगम का सार्थक प्रयास है। इस नीति के लिए हाउस सदन में मुद्दा उठाया गया था। जिससे शहर में सफाई भी रहेगी। नालियां सीवर चोक भी नहीं होंगे और गोबर का वैज्ञानित तरीके से उपयोग भी किया जा सकेगा।
रविंद्र भाटिया, पार्षद, वार्ड नंबर दस
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