हरियाणा : ग्राम सचिव पेपर लीक मामले में एसआईटी गठित, चार जिलों में दबिश, होंगे बड़े खुलासे
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ग्राम सचिव की परीक्षा में नकल और पेपर लीक कराने के मामले में एसपी शंशाक कुमार सावन ने एएसपी पूजा वशिष्ठ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है। इस टीम में सीआईए-2 प्रभारी वीरेंद्र सिंह और समालखा थाना प्रभारी अंकित कुमार को भी शामिल किया गया है। रिमांड के दौरान एसआईटी को गिरफ्तार रोहतक निवासी अंकित कुमार से एक पहचान पत्र मिला, जिसमें उसे चेकिंग विंग का प्रभारी बताया गया है। यानी चेकिंग इंचार्ज होने की वजह से गिरोह के अन्य सदस्य आसानी से पैराडाइज स्कूल में बने परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सके।
पैराडाइज स्कूल के मालिक जगदीप ने अंकित को चेकिंग टीम का प्रभारी बनवाया था। अंकित को गिरोह के मुख्य सरगना जगदीप और पुष्पेंद्र ने पेपर सॉल्व कराकर पर्ची परीक्षा कक्ष तक देने की जिम्मेदारी दी थी। गिरोह में चपरासी के तौर पर शामिल राजेश प्रश्नपत्र की फोटो तो खींच लाया था लेकिन सॉल्व पेपर की आंसर-की अंदर नहीं जा सकी। इसी दौरान अंकित को पकड़ लिया गया।
आंसर-की आने से पहले अंकित ने एक बार परीक्षा कक्ष में जाने का प्रयास किया लेकिन तब पुलिसकर्मियों ने उसे जाने से रोक दिया था। यह सिर्फ रेकी थी कि वह किस तरह से परीक्षा कक्ष तक जा सकता है। लेकिन इससे पहले कि पेपर सॉल्व होकर अंकित के पास पहुंचता, पुलिस ने उसे धर दबोचा। पहले की गई रेकी की वजह से भी अंकित शक के घेरे में आ गया था।
रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ में होंगे अहम खुलासे
पुलिस ने सभी आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लिया है। उसने सीआईए-2 पूछताछ कर रही है। गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए पानीपत, करनाल, जींद और हिसार में दबिश दी जा रही है। एसआईटी के अनुसार इस मामले में अभी अहम खुलासे होंगे।
दिल्ली पुलिस के एसआई की नहीं मिल रही संलिप्तता
रिमांड के दौरान अब तक यह बात सामने आई है कि दिल्ली पुलिस का सब इंस्पेक्टर विश्वजीत भी इसमें शामिल है। वह नकल और पेपर लीक मामले में मास्टर माइंड पुष्पेंद्र का बड़ा भाई है। पुलिस की दबिश के दौरान वह मौके पर मिला, जिसकी वजह से उसे गिरफ्तार किया गया, हालांकि अभी तक इस मामले में उसकी संलिप्तता होने के सबूत सामने नहीं आ सके हैं। वह करनाल में गिरोह सदस्यों के साथ परीक्षा केंद्र के बाहर था। इसलिए उसको भी गिरफ्तार किया गया है। हालांकि इसकी जांच जारी है।
इस मामले में कई और लोग गिरफ्तार होंगे। इसलिए पुलिस की छापेमारी चल रही है। अंकित नाम के युवक को जिला वेरिफिकेशन अधिकारी बनाया गया था, ताकि ये अंदर पर्ची पहुंचा सके। इससे पहले ही पुलिस ने इसको गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी मामले की जांच कर रही है। - पूजा वशिष्ठ, एएसपी पानीपत।
करनाल से सॉल्व होकर आना था परीक्षा पत्र
पुलिस पूछताछ में ये सामने आया है कि पुष्पेंद्र ने किशनपुरा के वैभव और देवेंद्र को पैराडाइज स्कूल के सामने छोड़ा था। इसके बाद वो करनाल चला गया था। पैराडाइज स्कूल में मौजूद राजेश और राहुल को पेपर की फोटो खींचकर वैभव व देवेंद्र को देनी थी। इन दोनों को पुष्पेंद्र के पास पेपर की फोटो भेजनी थी। इसके बाद करनाल में ये प्रश्न पत्र सॉल्व करना था।
अब तक इनकी हुई गिरफ्तार
राहुल निवासी गांव गढ़ी केसरी सोनीपत, जगदीप निवासी गांव गढ़ी केबल पानीपत, अनुज निवासी गांव गढ़ी केबल पानीपत, राजेश निवासी सिवाह पानीपत, वैभव निवासी किशनपुरा पानीपत, पुष्पेंद्र निवासी रोहतक, अनुज निवासी रोहतक, सजीत निवासी रोहतक, अमन निवासी रोहतक, विश्वजीत निवासी रोहतक, सुनील निवासी रोहतक, अंकित निवासी रोहतक, दीपक निवासी रोहतक, देवेंद्र निवासी सोनीपत।