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Panipat News: नौकरी लगवाने के नाम पर 30 लाख की धोखाधड़ी का दूसरा आरोपी गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2026 02:20 AM IST
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Second accused arrested for fraud of Rs 30 lakh in the name of providing job
इसराना। इसराना थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर परढाना गांव के तीन युवकों से 30 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी मामले में दूसरे आरोपी को शुक्रवार को रोहतक के अटायल गांव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान अटायल गांव सुरेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही फरार आरोपी के ठिकानों का पता लगा काबू करने और ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी।
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थाना प्रभारी हरिराम ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुकी अपनी पत्नी आरोपी ममता और फरार एक अन्य साथी आरोपी के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में परढाना गांव के नवीन ने जून 2024 में शिकायत देकर बताया था कि रोहतक के दोअब गांव के सुनील ने उसको नौकरी लगवाने की बात कहकर बवाना दिल्ली निवासी ममता से मिलवाया था। महिला ने अपने आप को हाईकोर्ट का जज बताया था।
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ममता ने उसको कृषि भवन में व मोनू को निर्माण भवन में और संजीत को ग्रुप डी में लगवाने की बात कहते हुए आधे रुपये पहले और आधे आईडी कार्ड मिलने के बाद देने की बात कही तो उन्होंने इसके लिए हां कर दी थी। अक्तूबर 2019 में उन तीनों से पांच लाख रुपये ले लिए। नवंबर 2019 में उसको और मोनू को ज्वाइनिंग लेटर देकर कहा आगे के काम के लिए कुछ और रुपये देने होंगे। दिसंबर 2019 में उनसे तीन लाख रुपये नकद, एक लाख रुपये खाते में ट्रांसफर और 50 हजार रुपये गूगल पे करा लिए। जनवरी 2020 में उसको और मोनू को आईडी कार्ड दे दिया और संजीत का बाद में देने की बात कही। ममता और सुरेंद्र मलिक कार से इसराना आए और उनसे बचे 5.44 लाख रुपये नकद ले गए। इसके बाद वे आईडी कार्ड लेकर निर्माण भवन और कृषि भवन में गए, वहा आईडी कार्ड दिखाया तो फर्जी निकला। वह ममता के घर गए और अपने रुपये वापस मांगे तो उसने काम पक्का होने का आश्वासन दिया, इसके बाद उनसे पांच लाख रुपये और ले लिए। मार्च 2020 में संजीत को भी ग्रुप डी का लेटर दे दिया। वह भी दिखाने पर फर्जी निकला। थाना इसराना में नवीन की शिकायत पर आईपीसी की धारा 406, 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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