{"_id":"61f996428b088d11f25ba28c","slug":"schools-returned-faces-blossomed-panipat-news-knl97697923","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में लौटी रौनक, चेहरे खिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में लौटी रौनक, चेहरे खिले
विज्ञापन
पानीपत। लॉकडाउन के बाद दुबारे से खुले स्कूल लेकिन भूले सोशल डिस्टेसिंग जीटी रोड स्थित मॉडल संस्?
- फोटो : Panipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद मंगलवार को खुले सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के पहुंचने से रौनक लौट आई। हालांकि प्रथम चरण में केवल 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को ही स्कूल आने की छूट दी गई है। एक महीने बाद खुले स्कूलों में पहले दिन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे। स्कूल में प्रवेश से पहले सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण प्रमाणपत्र व अभिभावकों की लिखित अनुमति जांची गई।
इसके बाद विद्यार्थियेां की थर्मल स्क्रीनिंग व सैनेटाइज करते हुए प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में भी सभी विद्यार्थियों को मुंह पर मास्क लगाए रखने और सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी गई। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक बिना लंच ब्रेक के कक्षाएं लगी। लंबे समय के बाद स्कूलों में पहुंचने पर विद्यार्थियों के चेहरे खिले दिखाई दिए।
कोरोना की तीसरी लहर में बढते संक्रमितों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पहली जनवरी को सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। बाद में एक जनवरी से 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया। 13 जनवरी से शिक्षकों को रोस्टर अनुसार स्कूल में आने के आदेश दिए गए। इसके बाद
विज्ञापन
विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई।
स्कूल बंद होने से प्रभावित हो रही विद्यार्थियों की पढ़ाई को देखते हुए सरकार ने तीन जनवरी से 15 से 18 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए। स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए गए। इसके बाद से अब तक जिले के राजकीय स्कूलों के करीब 75 फीसदी विद्यार्थियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। प्रभावित हो रही पढ़ाई और टीकाकरण की बेहतर स्थिति को देखते हुए सरकार ने स्कूलों को खोलने की छूट दी।
एक महीने बाद खुले स्कूलों में पहले चरण में केवल 10वीं से 12वीं कक्षा तक के ही विद्यार्थियों को स्कूल आने की छूट दी गई। मंगलवार को पहले दिन राजकीय स्कूलों में जहां 50 फीसदी तक विद्यार्थी पहुंचे, वहीं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 65 से 80 फीसदी तक रही। सभी स्कूलों में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश दिया, जिन्होंने वैक्सीन की एक डोज लगवाई हो। सभी कक्षाओं में एक बैंच पर एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति दी गई। कक्षाओं में पढ़ाई के दौरान बच्चों ने अपने मुंह पर मास्क लगाए रखा। स्कूलों में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक बिना किसी लंच ब्रेक के कक्षाएं लगी। जिस कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिक रही, उन्हें दो कमरों में बैठाया गया।
- प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोल दिया गया है। पहले दिन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। प्रवेश से पहले वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र व अभिभावकों की लिखित अनुमति जांची गई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहता है तो उसे बाध्य नहीं किया जाएगा। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी।- रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत
विज्ञापन
इसके बाद विद्यार्थियेां की थर्मल स्क्रीनिंग व सैनेटाइज करते हुए प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में भी सभी विद्यार्थियों को मुंह पर मास्क लगाए रखने और सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी गई। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक बिना लंच ब्रेक के कक्षाएं लगी। लंबे समय के बाद स्कूलों में पहुंचने पर विद्यार्थियों के चेहरे खिले दिखाई दिए।
विज्ञापन
कोरोना की तीसरी लहर में बढते संक्रमितों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पहली जनवरी को सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। बाद में एक जनवरी से 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया। 13 जनवरी से शिक्षकों को रोस्टर अनुसार स्कूल में आने के आदेश दिए गए। इसके बाद
विज्ञापन
विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई।
स्कूल बंद होने से प्रभावित हो रही विद्यार्थियों की पढ़ाई को देखते हुए सरकार ने तीन जनवरी से 15 से 18 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए। स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए गए। इसके बाद से अब तक जिले के राजकीय स्कूलों के करीब 75 फीसदी विद्यार्थियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। प्रभावित हो रही पढ़ाई और टीकाकरण की बेहतर स्थिति को देखते हुए सरकार ने स्कूलों को खोलने की छूट दी।
एक महीने बाद खुले स्कूलों में पहले चरण में केवल 10वीं से 12वीं कक्षा तक के ही विद्यार्थियों को स्कूल आने की छूट दी गई। मंगलवार को पहले दिन राजकीय स्कूलों में जहां 50 फीसदी तक विद्यार्थी पहुंचे, वहीं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 65 से 80 फीसदी तक रही। सभी स्कूलों में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश दिया, जिन्होंने वैक्सीन की एक डोज लगवाई हो। सभी कक्षाओं में एक बैंच पर एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति दी गई। कक्षाओं में पढ़ाई के दौरान बच्चों ने अपने मुंह पर मास्क लगाए रखा। स्कूलों में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक बिना किसी लंच ब्रेक के कक्षाएं लगी। जिस कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिक रही, उन्हें दो कमरों में बैठाया गया।
- प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोल दिया गया है। पहले दिन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। प्रवेश से पहले वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र व अभिभावकों की लिखित अनुमति जांची गई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहता है तो उसे बाध्य नहीं किया जाएगा। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी।- रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत