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Panipat News: उद्यमियों को 30 प्लाॅटों पर कब्जा देने से इंकार, उद्यमी कोर्ट पहुंचे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Sep 2023 02:48 AM IST
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refusal to give plot
पानीपत। रिफाइनरी के पास 1600 एकड़ के इंडस्टि्रयल सेक्टर के प्रोजेक्ट को बड़ा झटका लगा है। एचएसआईआईडी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) ने दिसंबर 2021 में उद्यमियों के लिए चार हजार मीटर, 1600 मीटर व एक एकड़ के 30 प्लॉटों की बोली की थी। यह दो साल की सबसे बड़ी बोली थी। उद्यमी यहां भूमि खरीदकर बड़े प्रोजेक्ट लगाएं और पानीपत में निवेश करें, इसलिए इस भूमि की नीलामी का आधार मूल्य भी 8800 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया। उद्यमियों ने यहां 10500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक की बोली लगाई। बोली को कामयाब भी माना गया, लेकिन बाद में एचएसआईआईडी ने यह कहकर उद्यमियों को प्लॉट देने से इंकार कर दिया कि इतनी सस्ती जमीन नहीं दे सकते। प्रशासन ने बोली के बाद प्लॉट पर कब्जा देने की अगली प्रक्रिया शुरू ही नहीं की। अब उद्यमी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उद्यमियों ने एचएसआईआईडीसी के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने इन प्लॉटों की दोबारा नीलामी पर स्टे लगा दिया है। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें उनके प्लॉट पर मालिकाना हक दिया जाए।
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रेड व ऑरेंज वर्ग की इकाइयों को बाहर निकालने का प्रयास-
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि फैक्टि्रयों को शहर के रिहायशी इलाके से बाहर निकाला जाए। पहले फेज में रेड व ऑरेंज वर्ग की औद्योगिक इकाइयों को बाहर निकाला जाना है। दूसरे फेज में ग्रीन कैटेगरी की औद्योगिक इकाइयों को बाहर निकाला जाएगा। इसके लिए एचएसआईआईडी व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार 2000 के बाद उद्यमियों के लिए कोई नया सेक्टर नहीं काट पाई है।
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शहर के अंदर पांच हजार से अधिक औद्योगिक इकाई
शहर के अंदर पांच हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। ये इकाइयां 30-40 साल पहले लगी थीं। इनके पास फायर एनओसी तक नहीं है। उन्हें प्रशासन की ओर से अनुमति भी नहीं है। कई बार बड़े अग्निकांड की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ये इकाइयां काबड़ी रोड, सनौली रोड, गंगापुरी रोड, कुटानी रोड, राजीव कॉलोनी, देशराज कॉलोनी, देवी मंदिर के पास, विद्यानंद कॉलोनी, बलजीत नगर, भारत नगर, कुलदीप नगर, बबैल नाका व बरसत रोड पर स्थित हैं।
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अब तक रिफाइनरी के पास 200 एकड़ के प्लॉट बिके
सरकार ने 2012 में किसानों से इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए 912 एकड़ जमीन एक्वायर की थी। इसमें से 50 प्रतिशत क्षेत्र को इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए छोड़ा था। 300 एकड़ में प्लॉट पहले बेचे जा चुके हैं। अब भी यहां 100 प्लॉट खाली पड़े हैं।

सरकार व्यापारी बन गई है : अनिल

सरकार खुद उद्यमियों को रिफाइनरी के पास प्लाॅट खरीदने के लिए प्रेरित कर रही थी। एचएसआईआईडीसी ने दिसंबर 2021 में 30 बड़े प्लॉटों की बोली की। इसका आधार मूल्य 8800 रुपये प्रति मीटर रखा गया। यहां उन्होंने 10500 रुपये प्रति मीटर की बोली भी लगाई। प्लाॅट की कीमत के अनुसार उन्होंने 10 प्रतिशत यानी साढ़े 10 करोड़ रुपये जमा भी करवा दिए हैं। सरकार ने इन प्लाॅटों के अलॉटमेंट पर यह कहकर रोक लगा दी कि प्लॉट सस्ते बिके हैं। सरकार यहां व्यापारी बन मोलभाव कर रही है, जबकि सरकार का फर्ज है कि वह उद्यमियों को सस्ती जमीन दें।


- अनिल बंसल, प्रधान, वूलन फैब्रिक मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन

यह मुख्यालय का मामला है : मैनेजर
प्लॉटों की सिर्फ बोली हुई है। उनको मालिकाना हक नहीं मिला है। यह मामला मुख्यालय के स्तर का है। प्लॉट के अलॉटमेंट के बाद ही उनके पास रिपोर्ट आती है। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद कत्याल, मैनेजर, एसएचआईआईडीसी
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