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रौनक अपहरण एवं हत्याकांड : अपहरण के 10 मिनट बाद की कर दी गई थी रौनक की हत्या
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पानीपत। रौनक। फाइल फोटो।
- फोटो : Panipat
पानीपत। गांव बराना से दो दिन पहले लापता रौनक की उसके अपहरण के महज 10 मिनट बाद ही हत्या कर दी गई थी। उसका शव बुधवार को दोपहर सड़ी गली हालत में तालाब से बरामद किया गया। शव बोरे में बंद किया गया था। रौनक की हत्या खेती में पिता शिवकुमार के साझेदार विनोद ने की थी, जिसे वह ताऊ कहता था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे और उसके साथी संजय को रिमांड पर लिया है। पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी विनोद को पता था कि आढ़ती के पास शिवकुमार के करीब 36 लाख रुपये हैं। इस पर एक सप्ताह पहले विनोद ने करनाल के बड़ा गांव निवासी दोस्त संजय के साथ मिलकर रौनक के अपहरण की साजिश रची। 20 जून को विनोद और संजय बाइक पर खेत से गांव की ओर आ रहे थे। इस दौरान गली में रौनक को खेलते देख विनोद उसके पास आकर बोला कि बेटा चलो, बाग में तुम्हें आम देता हूं। बाग में पहले से ही संजय मौजूद था। बाग में ले जाकर विनोद ने रौनक का गला दबाकर हत्या कर दी। संजय ने रौनक के पैर पकड़े थे। हत्या के बाद दोनों ने शव ढाई घंटे तक बाग में ही रखा। फिर बोरे में डालकर तालाब में फेंक दिया। शव फूलकर ऊपर न आए, इसके लिए उसमें चार ईंटें भी डाल दी थी।
इसके बाद आरोपियों ने घर आकर फिरौती वाला पत्र लिखा और रौनक के घर फेंककर 15 लाख रुपये की मांग की। पुलिस की पांच टीमों ने 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान वारदात में प्रयुक्त बाइक, कॉपी और पेन बरामद किया जाएगा।
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दो माह पहले शिवकुमार ने आरोपी के साथ साढ़े नौ एकड़ खेत ठेके पर लिए थे
दो माह पहले शिवकुमार ने आरोपी विनोद के साथ मिलकर गांव के ही ओम त्यागी और आनंद त्यागी के साढ़े नौ एकड़ खेत ठेके पर लिए थे। विनोद का शिवकुमार के घर आना-जाना था। शिवकुमार के साथ विनोद बाइक पर आढ़ती के पास जाता था। विनोद को पता था कि शिवकुमार के आढ़ती के पास 36 लाख रुपये रखे हैं। विनोद के विश्वास का फायदा उठाकर उसने रौनक का अपहरण किया। विनोद को पता था कि शिवकुमार का परिवार कभी उस पर रौनक के अपहरण का शक नहीं करेगा।
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हत्या कर शव बोरे में डाला, फिर रौनक के शव पर मारी लात
रौनक की हत्या के बाद विनोद और संजय ने उसके शव को बोरे में डाल दिया था। शव को बोरे में डालने के बाद दोनों ने बालक के शव पर लात मारी। दोनों को यह संदेह था कि कहीं वह जीवित तो नहीं। इसके बाद बोरे में शव के साथ ईंट भरकर तालाब में फेंक दिया गया।
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रौनक ने हाथ छुड़ाकर भागने का किया था प्रयास, शोर भी मचाया
जब दोनों आरोपी बाग में रौनक को पकड़ रहे थे तो रौनक डर गया था। उसने हाथ छुड़ाकर भागने का प्रयास किया और शोर मचाया। दोनों आरोपी यह सोचकर डर गए कि अगर रौनक ने घर जाकर बता दिया तो बवाल हो जाएगा। इससे दोनों ने उसको मार डाला।
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पैसे ले लेता बेटे को क्यों मारा : पिता
शिवकुमार बिलख-बिलख कर बस यही कह रहा था कि विनोद उससे पैसे ले लेता, उसके बेटे को क्यों मारा। वह उसके घर का इकलौता चिराग था। ग्रामीण उसे ढांढस बंधा रहे थे।
वर्जन:
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
- शशांक कुमार सावन, एसपी, पानीपत
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पुलिस के मुताबिक आरोपी विनोद को पता था कि आढ़ती के पास शिवकुमार के करीब 36 लाख रुपये हैं। इस पर एक सप्ताह पहले विनोद ने करनाल के बड़ा गांव निवासी दोस्त संजय के साथ मिलकर रौनक के अपहरण की साजिश रची। 20 जून को विनोद और संजय बाइक पर खेत से गांव की ओर आ रहे थे। इस दौरान गली में रौनक को खेलते देख विनोद उसके पास आकर बोला कि बेटा चलो, बाग में तुम्हें आम देता हूं। बाग में पहले से ही संजय मौजूद था। बाग में ले जाकर विनोद ने रौनक का गला दबाकर हत्या कर दी। संजय ने रौनक के पैर पकड़े थे। हत्या के बाद दोनों ने शव ढाई घंटे तक बाग में ही रखा। फिर बोरे में डालकर तालाब में फेंक दिया। शव फूलकर ऊपर न आए, इसके लिए उसमें चार ईंटें भी डाल दी थी।
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इसके बाद आरोपियों ने घर आकर फिरौती वाला पत्र लिखा और रौनक के घर फेंककर 15 लाख रुपये की मांग की। पुलिस की पांच टीमों ने 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान वारदात में प्रयुक्त बाइक, कॉपी और पेन बरामद किया जाएगा।
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दो माह पहले शिवकुमार ने आरोपी के साथ साढ़े नौ एकड़ खेत ठेके पर लिए थे
दो माह पहले शिवकुमार ने आरोपी विनोद के साथ मिलकर गांव के ही ओम त्यागी और आनंद त्यागी के साढ़े नौ एकड़ खेत ठेके पर लिए थे। विनोद का शिवकुमार के घर आना-जाना था। शिवकुमार के साथ विनोद बाइक पर आढ़ती के पास जाता था। विनोद को पता था कि शिवकुमार के आढ़ती के पास 36 लाख रुपये रखे हैं। विनोद के विश्वास का फायदा उठाकर उसने रौनक का अपहरण किया। विनोद को पता था कि शिवकुमार का परिवार कभी उस पर रौनक के अपहरण का शक नहीं करेगा।
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हत्या कर शव बोरे में डाला, फिर रौनक के शव पर मारी लात
रौनक की हत्या के बाद विनोद और संजय ने उसके शव को बोरे में डाल दिया था। शव को बोरे में डालने के बाद दोनों ने बालक के शव पर लात मारी। दोनों को यह संदेह था कि कहीं वह जीवित तो नहीं। इसके बाद बोरे में शव के साथ ईंट भरकर तालाब में फेंक दिया गया।
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रौनक ने हाथ छुड़ाकर भागने का किया था प्रयास, शोर भी मचाया
जब दोनों आरोपी बाग में रौनक को पकड़ रहे थे तो रौनक डर गया था। उसने हाथ छुड़ाकर भागने का प्रयास किया और शोर मचाया। दोनों आरोपी यह सोचकर डर गए कि अगर रौनक ने घर जाकर बता दिया तो बवाल हो जाएगा। इससे दोनों ने उसको मार डाला।
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पैसे ले लेता बेटे को क्यों मारा : पिता
शिवकुमार बिलख-बिलख कर बस यही कह रहा था कि विनोद उससे पैसे ले लेता, उसके बेटे को क्यों मारा। वह उसके घर का इकलौता चिराग था। ग्रामीण उसे ढांढस बंधा रहे थे।
वर्जन:
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
- शशांक कुमार सावन, एसपी, पानीपत