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बिजली कट से उत्पादन प्रभावित, उद्यमी परेशान
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पानीपत। शहर में लगातार लग रहे बिजली कटों से आम जन ही नहीं उद्यमी भी परेशान है। इंडस्ट्रियल एरिया में लग रहे लगातार चार चार घंटों के कटों से उत्पादन काफी प्रभावित हो रहा है। जेनरेटर से उद्योगों को चलाना पड़ रहा है ऐसे में प्रोडक्शन काफी महंगी हो गया है। उद्योगों को बिजली कटों के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्पिनिंग मिलों में बिजली कट लगते ही कार्ड पर लगा धागा टूट जाता है जिससे दोबारा धागा लगाना पड़ता है। यहीं स्थिति प्लास्टिक उद्योगों की बनी है जैसे ही कट लगता है। पूरा लॉट खराब हो जाता है। केमिकल दोबारा डालना पड़ता है। ऐसे में उद्यमी काफी परेशान हैं।
पानीपत में रंगाई, प्लास्टिक, स्पिनिंग मिल व कंबल प्लांट प्रभावित
पिछले 15 दिनों में इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली कट काफी बढ़ गए हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में सुबह एक घंटा, दोपहर को चार घंटे व शाम को डेढ़ घंटे का कट लग रहा है। डाइंग यूनिट जेनरेटर सेट पर चल रही है। बिजली की किल्लत के कारण कई उद्यमियों को एक ही शिफ्ट में उद्योगों को चलाना पड़ रहा है।
प्रीतम सचदेवा, प्रधान-पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम कमजोर
पिछले दो माह से तो हालत ज्यादा ही बिगड़ते जा रहे है। बिजली वितरण निगम का डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम कमजोर होने के कारण बार-बार जहां जर्जर तार टूटकर गिरते ही वहीं फ्यूज उड़ते रहते हैं। दिन में सात-आठ बार ट्रिपिंग होना आम बात है। इस कारण उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। -श्री भगवान अग्रवाल, प्रधान सेक्टर 29 पार्ट वन
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जनरेटर सेट से उद्योग चलाना महंगा
रंगाई उद्यमी महेंद्र राज गुप्ता का कहना है कि जैसे ही ट्रिपिंग होती है। रंगाई उद्योग में लॉट के लॉट खराब हो जाते हैं। बार-बार ट्रिपिंग होती है। दिन में सात आठ बार ट्रिपिंग होना आम बात है। वहीं चार से पांच घंटे के बिजली कट लग रहे हैं। जेनरेटर से उद्योग चलाना अधिक महंगा पड़ता है। -भीम राणा, प्रधान डायर्स एसेेसिएशन
जर्जर तार बदलना जरूरी
ओवरलोड फीडर होने के कारण ट्रिपिंग अधिक होती है। जैसे ही लोड अधिक चलता है तार टूट जाती है अथवा फाल्ट आता है। इस समस्या को हल करने के लिए जर्जर तार बदलना जरूरी है। पानीपत में काफी वर्षो पुराना तार लगा हुआ है। जो जगह -जगह से टूटने के बाद जोड़ लगा हुआ है। वहीं ओवर लोड सिस्टम होने के कारण फ्यूज भी अधिक लगते है। जिससे नुकसान उठाना पड़ता है।
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पानीपत में रंगाई, प्लास्टिक, स्पिनिंग मिल व कंबल प्लांट प्रभावित
पिछले 15 दिनों में इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली कट काफी बढ़ गए हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में सुबह एक घंटा, दोपहर को चार घंटे व शाम को डेढ़ घंटे का कट लग रहा है। डाइंग यूनिट जेनरेटर सेट पर चल रही है। बिजली की किल्लत के कारण कई उद्यमियों को एक ही शिफ्ट में उद्योगों को चलाना पड़ रहा है।
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प्रीतम सचदेवा, प्रधान-पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम कमजोर
पिछले दो माह से तो हालत ज्यादा ही बिगड़ते जा रहे है। बिजली वितरण निगम का डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम कमजोर होने के कारण बार-बार जहां जर्जर तार टूटकर गिरते ही वहीं फ्यूज उड़ते रहते हैं। दिन में सात-आठ बार ट्रिपिंग होना आम बात है। इस कारण उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। -श्री भगवान अग्रवाल, प्रधान सेक्टर 29 पार्ट वन
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जनरेटर सेट से उद्योग चलाना महंगा
रंगाई उद्यमी महेंद्र राज गुप्ता का कहना है कि जैसे ही ट्रिपिंग होती है। रंगाई उद्योग में लॉट के लॉट खराब हो जाते हैं। बार-बार ट्रिपिंग होती है। दिन में सात आठ बार ट्रिपिंग होना आम बात है। वहीं चार से पांच घंटे के बिजली कट लग रहे हैं। जेनरेटर से उद्योग चलाना अधिक महंगा पड़ता है। -भीम राणा, प्रधान डायर्स एसेेसिएशन
जर्जर तार बदलना जरूरी
ओवरलोड फीडर होने के कारण ट्रिपिंग अधिक होती है। जैसे ही लोड अधिक चलता है तार टूट जाती है अथवा फाल्ट आता है। इस समस्या को हल करने के लिए जर्जर तार बदलना जरूरी है। पानीपत में काफी वर्षो पुराना तार लगा हुआ है। जो जगह -जगह से टूटने के बाद जोड़ लगा हुआ है। वहीं ओवर लोड सिस्टम होने के कारण फ्यूज भी अधिक लगते है। जिससे नुकसान उठाना पड़ता है।