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Panipat News: जेसीबी से ड्रेन नंबर-1 के 35 कब्जे हटाए
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ड्रेन नंबर-1 पर एक मकान की तोड़ी चहारदीवारी। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम ने बुधवार को ड्रेन नंबर-1 पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। एंजेल मॉल से कटारिया लैंड तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में जेसीबी से 30 से 35 पक्के निर्माण ढहाए गए। इनमें निगम के एक पार्क की चहारदीवारी भी शामिल रही। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर हल्का विरोध हुआ, जबकि कई लोगों ने खुद ही कब्जे हटाने शुरू कर दिए। निगम का विशेष अभियान 26 सितंबर तक जारी रहेगा।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट गोपाल कलावत की देखरेख में हुई कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए करीब 60 से 70 पुलिसकर्मी और महिला पुलिस बल तैनात रहा। निगम की टीम ने दोपहर ढाई बजे सेक्टर-11 स्थित एंजेल मॉल से कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
निगम के अनुसार, ड्रेन नंबर-1 पर 237 कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए गए हैं। राजस्व शाखा के कानूनगो और पटवारियों ने मौके पर सरकारी जमीन का सीमांकन किया। अधिकारियों ने कहा कि चिह्नित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाने पर निगम खुद निर्माण गिराएगा और कार्रवाई का खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है।
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प्रभावित लोगों ने जताई नाराजगी
सोनिया ने बताया कि असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए लोगों ने चंदा जुटाकर ड्रेन की ओर चहारदीवारी बनवाई थी। कार्रवाई से यह रास्ता खुल गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पीछे हटाकर चहारदीवारी दोबारा बनवाने का भरोसा दिया है।
सुरेश वर्मा ने दावा किया कि ड्रेन के साथ बने कई मकान और दुकानों के रजिस्ट्री सहित दस्तावेज हैं। इसके बावजूद निगम इन्हें अवैध बता रहा है। रमेश कुमार ने कहा कि कार्रवाई से पहले लोगों को अपनी बात रखने और सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। दुकानों और पुरानी संरचनाओं को गिराने से छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि फ्लाइंग क्लब की ओर से ड्रेन के साथ नैनो जंगल लगाए गए थे, जिनकी नियमित देखभाल की जा रही थी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले सूचना मिलती तो बाड़बंदी हटाई जा सकती थी। विक्रम सिंह ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने खुद सामान हटाना शुरू कर दिया था, लेकिन इससे पहले ही जेसीबी चला दी गई। उन्होंने निर्माण हटाने से पहले सीमांकन की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की।
पांच किलोमीटर लंबी बघेरा रोड का रास्ता होगा साफ
नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने बताया कि ड्रेन नंबर-1 के साथ करीब पांच किलोमीटर लंबी बघेरा रोड प्रस्तावित है, जो सीधे जीटी रोड से जुड़ेगी। इस परियोजना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाना जरूरी है। कब्जों के कारण जलनिकासी की समस्या भी बनी रहती है। आयुक्त ने कब्जाधारकों से अपील की कि वे नोटिस के बाद स्वयं अतिक्रमण हटा लें, ताकि उन्हें अधिक नुकसान न उठाना पड़े।
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पानीपत। नगर निगम ने बुधवार को ड्रेन नंबर-1 पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। एंजेल मॉल से कटारिया लैंड तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में जेसीबी से 30 से 35 पक्के निर्माण ढहाए गए। इनमें निगम के एक पार्क की चहारदीवारी भी शामिल रही। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर हल्का विरोध हुआ, जबकि कई लोगों ने खुद ही कब्जे हटाने शुरू कर दिए। निगम का विशेष अभियान 26 सितंबर तक जारी रहेगा।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट गोपाल कलावत की देखरेख में हुई कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए करीब 60 से 70 पुलिसकर्मी और महिला पुलिस बल तैनात रहा। निगम की टीम ने दोपहर ढाई बजे सेक्टर-11 स्थित एंजेल मॉल से कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
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निगम के अनुसार, ड्रेन नंबर-1 पर 237 कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए गए हैं। राजस्व शाखा के कानूनगो और पटवारियों ने मौके पर सरकारी जमीन का सीमांकन किया। अधिकारियों ने कहा कि चिह्नित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाने पर निगम खुद निर्माण गिराएगा और कार्रवाई का खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है।
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प्रभावित लोगों ने जताई नाराजगी
सोनिया ने बताया कि असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए लोगों ने चंदा जुटाकर ड्रेन की ओर चहारदीवारी बनवाई थी। कार्रवाई से यह रास्ता खुल गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पीछे हटाकर चहारदीवारी दोबारा बनवाने का भरोसा दिया है।
सुरेश वर्मा ने दावा किया कि ड्रेन के साथ बने कई मकान और दुकानों के रजिस्ट्री सहित दस्तावेज हैं। इसके बावजूद निगम इन्हें अवैध बता रहा है। रमेश कुमार ने कहा कि कार्रवाई से पहले लोगों को अपनी बात रखने और सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। दुकानों और पुरानी संरचनाओं को गिराने से छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि फ्लाइंग क्लब की ओर से ड्रेन के साथ नैनो जंगल लगाए गए थे, जिनकी नियमित देखभाल की जा रही थी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले सूचना मिलती तो बाड़बंदी हटाई जा सकती थी। विक्रम सिंह ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने खुद सामान हटाना शुरू कर दिया था, लेकिन इससे पहले ही जेसीबी चला दी गई। उन्होंने निर्माण हटाने से पहले सीमांकन की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की।
पांच किलोमीटर लंबी बघेरा रोड का रास्ता होगा साफ
नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने बताया कि ड्रेन नंबर-1 के साथ करीब पांच किलोमीटर लंबी बघेरा रोड प्रस्तावित है, जो सीधे जीटी रोड से जुड़ेगी। इस परियोजना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाना जरूरी है। कब्जों के कारण जलनिकासी की समस्या भी बनी रहती है। आयुक्त ने कब्जाधारकों से अपील की कि वे नोटिस के बाद स्वयं अतिक्रमण हटा लें, ताकि उन्हें अधिक नुकसान न उठाना पड़े।

ड्रेन नंबर-1 पर एक मकान की तोड़ी चहारदीवारी। संवाद

ड्रेन नंबर-1 पर एक मकान की तोड़ी चहारदीवारी। संवाद

ड्रेन नंबर-1 पर एक मकान की तोड़ी चहारदीवारी। संवाद

ड्रेन नंबर-1 पर एक मकान की तोड़ी चहारदीवारी। संवाद