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ब्लड बैंक और ऑक्सीजन प्लांट जल्द शुरू कराना प्राथमिकता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 01:51 AM IST
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Priority to start blood bank and oxygen plant soon
पानीपत। पीएमओ डॉ संजीव ग्रोवर। - फोटो : Panipat
पानीपत। सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने ‘अमर उजाला’ से संवाद में बताया कि उनकी प्राथमिकताओं में ऑक्सीजन प्लांट और ब्लड बैंक जल्द शुरू करना है। इससे यहां पर आने वाले मरीजों को बहुत लाभ होगा। इसके साथ ही वह कहते हैं कि उनका फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर भी है।
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गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के सामने सीमित संसाधनों में 14 लाख लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का जिम्मा है। महज 56 सरकारी डॉक्टरों पर जिले के लोगों का स्वास्थ्य निर्भर है। दो सौ बेड के सिविल अस्पताल में महज 36 डॉक्टर ही कार्यरत हैं, जबकि नियमानुसार 86 डॉक्टर होने चाहिए। पिछले साढ़े तीन साल से सरकारी अस्पताल में फिजिशयन नहीं है। एमबीबीएस डॉक्टरों को ही फिजिशयन की भूमिका निभानी पड़ रही है।
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इतना ही नहीं अस्पताल बनने के 60 साल बाद भी ट्रामा सेंटर की सौगात जिले को नहीं मिल पाई है। सिर में गंभीर चोट वाले रोगियों को रोहतक मेडिकल कॉलेज या खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। ब्लड के लिए रोगियों को निजी ब्लड बैंक व रेडक्रॉस पर निर्भर रहना पड़ता है। सात माह पहले पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने पानीपत में सिविल सर्जन का कार्यभार संभाला था। दो माह सिविल सर्जन के पद पर रहने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल का पीएमओ नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने पदभार संभालते ही सबसे पहले डॉक्टरों के लिए ड्रेस में रहना अनिवार्य कर दिया। सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए कि वो समय पर अस्पताल आए और ड्यूटी पूरी करें।
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पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने कहा कि जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है इसलिए मुख्यालय से डिमांड की जा रही है। उनकी प्राथमिकता है कि सबसे पहले सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पूरी हो। साथ ही यहां पर लगे ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल पूरा कर इसे शुरू किया जाए। इसके अलावा सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक भी जल्द शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि लोगों को रक्त के लिए निजी ब्लड बैंक व रेडक्रॉस पर निर्भर न रहना पड़े । ऑनकॉल ड्यूटी पर रहने वाले डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वो ड्यूटी के दौरान बिना सूचना के शहर छोड़कर बाहर न जाए। सिविल अस्पताल को जल्द फिजिशयन मिले इसके भी प्रयास किए जा रहे है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिले।
आंखों के ऑपरेशन पर भी फोकस
पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर कहते हैं कि उनका फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर है। जैसे- आंखों के रोगियों के लिए अलग से कैंप लगाए गए हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अधिक से अधिक रोगियों की मोतियाबिंद की सर्जरी करें।

स्वास्थ्य विभाग के सामने हमेशा लोगों को सरकारी सेवाओं के बारे में जागरूक करने की बड़ी चुनौती रहती है। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने कहा कि सरकार हर रोगी पर पैसे खर्च करती है। टीबी, हृदय रोगियों, कैंसर के रोगियों, गर्भवतियों, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों व बच्चों के लिए बेहतरीन योजना चला रही है लेकिन जागरुकता के अभाव में बहुत से लोगों को इनके बारे में जानकारी नहीं है। विभाग गर्भवतियों को घर से लाने व डिलीवरी के बाद उन्हें घर छोड़ने जैसे महत्वपूर्ण काम भी करता है लेकिन जागरुकता के अभाव में लोग इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते।
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