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Panipat News: प्रॉपर्टी का नए सिरे से सर्वे कराने की तैयारी, नई कंपनी की तलाश शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 01:35 AM IST
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Preparations to conduct fresh survey of property, search for new company begins
पानीपत। शहर की नई सरकार प्रॉपर्टी का सर्वे नए सिरे से कराने की तैयारी में है। इसके लिए नई कंपनी की तलाश शुरू कर दी है। यह कंपनी सर्वे कर नए सिरे से प्रॉपर्टी के बिल देगी। कंपनी संबंधित लोगों तक बिल पहुंचा जमा कराना तय करेगी। समय पर बिल जमा न कराने वाले लोगों की प्रॉपर्टी पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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नगर निगम बजट में हर साल प्रॉपर्टी टैक्स से आमदन को शामिल करता है। बावजूद इसके शहर से पूरा साल अपेक्षाकृत टैक्स जमा नहीं हो पाता। इस बार नगर निगम को करीब 15.60 कराेड़ रुपये का टैक्स प्राप्त हुआ है। जो करीब आधा है। निगम को आखिरी दिनों में शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन भी कार्यालय खोलना पड़ा।
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नगर निगम को इन दो दिनाें में 45.78 लाख रुपये प्राॅपर्टी टैक्स के रूप में जमा हुए। इसके बाद भी निगम लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया है। नगर निगम इस बार नए सत्र के पहले दिन से प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी को लक्ष्य बनाकर चलेगा।
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मेयर कोमल सैनी ने तीन दिन पहले कर शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक में पूरी रिपोर्ट ली थी। इसमें अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। अब शुक्रवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और मेयर कोमल सैनी के साथ बैठक में पार्षदों ने इस विषय को उठाया। पार्षदों ने कहा कि विकास कार्यों के साथ आय बढ़ाने पर भी जोर देने की जरूर है।
याशी कंपनी के सर्वे में गड़बड़ी नहीं हुई दूर
नगर निगम पहले प्रॉपर्टी का सर्वे खुद करता था। 2018 में याशी कंपनी से सर्वे कराया गया। इसमें शहर में 1.80 लाख प्रॉपर्टी सामने आई। इनमें से करीब 20 हजार प्रॉपर्टी में गडबड़ी मिलने की बात सामने आई।
कंपनी के काम पर कई बार सवाल उठे। इसके बाद प्रॉपर्टी आईडी को मान्य किया तो हंगामा और भी बढ़ गया। लोगों ने प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी की शिकायत रखनी शुरू कर दी। नगर निगम ने कई बार विशेष शिविर लगाकर इनको दूर करने का भी प्रयास किया लेकिन ये दूर नहीं हो पाई। यह मामला विधायक व मंत्री से लेकर प्रदेश सरकार तक पहुंचा।


वर्जन :
विकास कार्यों के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट है और किसी प्रकार की कंजूसी नहीं की जा रही है। प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी भी जरूरी है। इसके लिए दोबारा सर्वे कराने की जरूरत पार्षदों ने उठाई है। निगम हाउस में इस विषय को रखा जाएगा। सबकी सहमति से नई कंपनी से सर्वे कराने का फैसला लिया जा सकता है।

कोमल सैनी, मेयर।
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