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Panipat News: अंकित और राहुल ने डिफेंस में संभाली थी अहम जिम्मेदारी
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अंकित का स्वागत करते हुए परिजन। स्वय
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जापान में चल रहे एशियाई खेलों की पुरुष कबड्डी स्पर्धा में विजेता भारतीय टीम के खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतकर लौटे आए हैं। इनमें बापौली के राहुल सेठपाल और नौल्था गांव के रहने वाले अंकित जागलान ने टीम के लिए डिफेंस में अहम जिम्मेदारी संभाली थी।
गत 26 सितंबर को खेले गए फाइनल में भारत की टीम ने ईरान को 40-34 से हराया था। दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने डिफेंस मजबूत करते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाई और अंत में 40-34 से जीत दर्ज की। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि से उनके परिवारों और गांवों में खुशी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव लौटने पर दोनों खिलाड़ियों का सम्मान किया जाएगा। दोनों खिलाड़ी किसान परिवारों से हैं।
ग्रुप चरण में भी राहुल ने दिखाया दम
बापौली गांव के राहुल सेठपाल ने टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में भी प्रभावी डिफेंस किया। उन्होंने भारतीय टीम की रक्षापंक्ति में जिम्मेदारी संभाली थी। राहुल ने कहा कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद खुशी का पल है। एक अक्तूबर को गांव में राहुल के सम्मान में समारोह आयोजित किया जाएगा।
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अंकित ने पहली बार एशियन गेम्स में किया प्रतिनिधित्व
नौल्था गांव के अंकित जागलान ने लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई। एशियन गेम्स से पहले वह प्रो कबड्डी स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। अंकित ने बताया कि भारतीय टीम में चयन के बाद परिवार और गांव के लोगों में खुशी थी। देश का प्रतिनिधित्व करने के साथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। वह नौल्था गांव के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स में हिस्सा लिया है।
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पानीपत। जापान में चल रहे एशियाई खेलों की पुरुष कबड्डी स्पर्धा में विजेता भारतीय टीम के खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतकर लौटे आए हैं। इनमें बापौली के राहुल सेठपाल और नौल्था गांव के रहने वाले अंकित जागलान ने टीम के लिए डिफेंस में अहम जिम्मेदारी संभाली थी।
गत 26 सितंबर को खेले गए फाइनल में भारत की टीम ने ईरान को 40-34 से हराया था। दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने डिफेंस मजबूत करते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाई और अंत में 40-34 से जीत दर्ज की। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि से उनके परिवारों और गांवों में खुशी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव लौटने पर दोनों खिलाड़ियों का सम्मान किया जाएगा। दोनों खिलाड़ी किसान परिवारों से हैं।
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ग्रुप चरण में भी राहुल ने दिखाया दम
बापौली गांव के राहुल सेठपाल ने टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में भी प्रभावी डिफेंस किया। उन्होंने भारतीय टीम की रक्षापंक्ति में जिम्मेदारी संभाली थी। राहुल ने कहा कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद खुशी का पल है। एक अक्तूबर को गांव में राहुल के सम्मान में समारोह आयोजित किया जाएगा।
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अंकित ने पहली बार एशियन गेम्स में किया प्रतिनिधित्व
नौल्था गांव के अंकित जागलान ने लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई। एशियन गेम्स से पहले वह प्रो कबड्डी स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। अंकित ने बताया कि भारतीय टीम में चयन के बाद परिवार और गांव के लोगों में खुशी थी। देश का प्रतिनिधित्व करने के साथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। वह नौल्था गांव के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स में हिस्सा लिया है।

अंकित का स्वागत करते हुए परिजन। स्वय

अंकित का स्वागत करते हुए परिजन। स्वय