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अध्यापक बोले लॉकडाउन के बाद से नहीं मिला वेतन, स्कूल के बाहर दिया धरना
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pradarsan
- फोटो : Panipat
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एसडीवीएम स्कूल हुडा के अध्यापक शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन के विरोध में उतर आए। उनका आरोप है कि उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है। अध्यापकों का आरोप है अप्रैल से यहीं हालात हैं। कभी 25 फीसदी तो कभी 50 फीसदी वेतन दिया गया।व अब वेतन नहीं देने का आरोप है। जिसके विरोध में शुक्रवार को 50 से ज्यादा अध्यापक स्कूल गेट पर धरना देकर बैठ गए, उनका कहना था कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा, धरना देकर बैठे रहेंगे।
स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों का कहना है कि उनका आरोप है कि प्रबंधन उनसे एक पत्र पर साइन करवा रहा है, जिसमें लिखा है कि जितना वेतन दिया जाएगा, उसी में संतोष करना होगा।आधे अध्यापकों ने नौकरी ना जाने के डर से साइन कर दिए थे, जिसके बाद सभी अध्यापकों के साथ यही हुआ तो स्कूल के गेट के आगे ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। अध्यापकों को आरोप है कि उनको स्कूल से निकाल दिया गया है, यह भी कहा गया कि उनको सैलरी नहीं दी जा सकती, काम नहीं करना है तो जा सकते हैं।
कोरोना महामारी में अभिभावक स्कूल की फीस नहीं दे पा रहे है, जिसके कारण स्कूल के अध्यापकों को पूरा वेतन नहीं दे पा रहे हैं। स्कूल के बाल भवन में मंत्रालय से लेटर आने के बाद निर्माण का काम कराया जा रहा है, जिससे स्कूल का लैंटर मजबूत रह सकें और विद्यार्थी भी सुरक्षित रह सकें। सभी अध्यापक बुलाए जाने के बावजूद स्कूल भी नहीं आ रहे हैं।
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स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों का कहना है कि उनका आरोप है कि प्रबंधन उनसे एक पत्र पर साइन करवा रहा है, जिसमें लिखा है कि जितना वेतन दिया जाएगा, उसी में संतोष करना होगा।आधे अध्यापकों ने नौकरी ना जाने के डर से साइन कर दिए थे, जिसके बाद सभी अध्यापकों के साथ यही हुआ तो स्कूल के गेट के आगे ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। अध्यापकों को आरोप है कि उनको स्कूल से निकाल दिया गया है, यह भी कहा गया कि उनको सैलरी नहीं दी जा सकती, काम नहीं करना है तो जा सकते हैं।
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कोरोना महामारी में अभिभावक स्कूल की फीस नहीं दे पा रहे है, जिसके कारण स्कूल के अध्यापकों को पूरा वेतन नहीं दे पा रहे हैं। स्कूल के बाल भवन में मंत्रालय से लेटर आने के बाद निर्माण का काम कराया जा रहा है, जिससे स्कूल का लैंटर मजबूत रह सकें और विद्यार्थी भी सुरक्षित रह सकें। सभी अध्यापक बुलाए जाने के बावजूद स्कूल भी नहीं आ रहे हैं।
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