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Panipat News: महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा बनी राजाखेड़ी की पूजा मलिक
Sun, 07 Jun 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:06 AM IST
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पूजा मलिक। स्वयं
पानीपत। राजाखेड़ी गांव की पूजा मलिक आज गांव की महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई के माध्यम से न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि अब वह गांव में बुटिक चलाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ा रही हैं।
पूजा मलिक ने बताया कि उन्होंने करीब चार वर्ष पहले अपनी मां से सिलाई-कढ़ाई सीखनी शुरू की थी। शादी के बाद उन्होंने कुछ समय तक घरेलू जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने महसूस किया कि वह घर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। इसके बाद परिवार से चर्चा कर उन्होंने बुटिक शुरू किया और ग्रामीण लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।
वे वर्तमान में गांव की लड़कियों को सिलाई मशीन चलाने, कढ़ाई और डिजाइनिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं, ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इस कार्य में उन्हें अपने पति युद्धवीर और परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
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पूजा मलिक न केवल रोजगार प्रशिक्षण दे रही हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का कार्य भी कर रही हैं। वे गांव की महिलाओं और युवतियों को शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि समाज में बेटियों की घटती संख्या को लेकर भी वे लोगों को जागरूक कर रही हैं और बेटियों की शिक्षा व उनके अधिकारों के महत्व को समझा रही हैं। इसके साथ ही बच्चों को शिक्षा के अधिकार और आगे बढ़ने के अवसरों के बारे में जानकारी दी जा रही है। उनके प्रयासों से गांव की कई लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
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पूजा मलिक ने बताया कि उन्होंने करीब चार वर्ष पहले अपनी मां से सिलाई-कढ़ाई सीखनी शुरू की थी। शादी के बाद उन्होंने कुछ समय तक घरेलू जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने महसूस किया कि वह घर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। इसके बाद परिवार से चर्चा कर उन्होंने बुटिक शुरू किया और ग्रामीण लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।
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वे वर्तमान में गांव की लड़कियों को सिलाई मशीन चलाने, कढ़ाई और डिजाइनिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं, ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इस कार्य में उन्हें अपने पति युद्धवीर और परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
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पूजा मलिक न केवल रोजगार प्रशिक्षण दे रही हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का कार्य भी कर रही हैं। वे गांव की महिलाओं और युवतियों को शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि समाज में बेटियों की घटती संख्या को लेकर भी वे लोगों को जागरूक कर रही हैं और बेटियों की शिक्षा व उनके अधिकारों के महत्व को समझा रही हैं। इसके साथ ही बच्चों को शिक्षा के अधिकार और आगे बढ़ने के अवसरों के बारे में जानकारी दी जा रही है। उनके प्रयासों से गांव की कई लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।