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पुलिस सुरक्षा के बीच खनन बोली
अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 26 Dec 2013 11:39 PM IST
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पानीपत। जिले समेत करनाल और सोनीपत में रेत खनन की बोली पुलिस सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक हुई और यह रिजर्व राशि से 765 प्रतिशत अधिक रही।
रेत की खानों की बोली छूटने के बाद लंबे समय से चल रहे अवैध खनन पर रोक लग सकती है और जरूरतमंद माफियाओं के मनमाने भाव से बच सकेंगे।
खनन विभाग कार्यालय में वीरवार को पानीपत, करनाल और सोनीपत में रेत खनन की बोली लगाई। इसकी अध्यक्षता डीसी समीर पाल सरो ने की। इसमें करनाल की 3894, पानीपत की 3281 और सोनीपत की 1822 हेक्टेयर भूमि के लिए बोली लगाई।
इसमें करनाल के लिए 21.99, पानीपत के लिए 26 और सोनीपत के लिए 34 करोड़ रुपये की रिजर्व राशि रखी थी। करनाल जिले की बोली 238.72 करोड़, पानीपत जिले की बोली 147.10 करोड़ और सोनीपत की बोली 242.17 करोड़ रुपये लगाई।
यह कुल रिजर्व राशि से 765 प्रतिशत अधिक रही। इसमें कुल 91 बोलीदाता आगे आए। करनाल जिले की कुल चार यूनिटों में पहली यूनिट की 941 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 6.62 करोड़ रुपये थी। यह बोली आठ साल के लिए 60.5 करोड़ रुपये की गई। इसी तरह दूसरी यूनिट की 974.10 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 5.39 करोड़ रुपये रखी। यह बोली 10 साल के लिए 52.1 करोड़ रुपये की गई।
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तीसरी यूनिट की 780.32 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 4.66 करोड़ रुपये रखी। यह बोली दस साल के लिए 70.1 करोड़ रुपये की गई। चौथी यूनिट की 1199 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि के 5.32 करोड़ रुपये थे। यह बोली आठ साल के लिए 56.65 करोड़ रुपये की गई।
पानीपत जिले की कुल तीन यूनिटों में से पहली यूनिट की 724 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 4.76 करोड़ रुपये रखी गई। यह बोली आठ साल के लिए 40.5 करोड़ रुपये की गई। दूसरी यूनिट 1775.02 हेक्टेयर की रही। इसकी रिजर्व राशि 16.40 करोड़ रुपये रखी। इसकी 10 साल की बोली 60.5 करोड़ रुपये की गई।
80.80 हेक्टेयर की तीसरी यूनिट की रिजर्व राशि 4.84 करोड़ रुपये रखी। यह बोली नौ साल के लिए 47 करोड़ रुपये की गई। सोनीपत की कुल तीन यूनिटों में से पहली यूनिट 263.6 हेक्टेयर की रही और इसकी रिजर्व राशि 5.78 करोड़ रुपये रखी।
यह बोली आठ साल के लिए 71 करोड़ रुपये की गई। दूसरी यूनिट 565.10 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 15.12 करोड़ रुपये रखी। यह बोली 10 साल के लिए 120.13 करोड़ रुपये की गई। तीसरी यूनिट की 993.10 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 13.10 करोड़ रुपये रखी।
यह बोली नौ साल के लिए 51.4 करोड़ रुपये की गई। इससे पहले डीसी समीर पाल सरो ने बोली दाताओं के सामने बोली की प्रक्रिया, नियम और शर्त सुनाई। यही नहीं पारदर्शिता बरतने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में उच्च न्यायालय और सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन किया है। इस मौके पर एडीसी आरएस वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बदन सिंह राणा, नगराधीश हवा सिंह, एसडीएम पानीपत अश्वनी मलिक, एसडीएम समालखा विवेक चौधरी, खनन विभाग मुख्यालय से खनन अभियंता आरके शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से राजेश गारिया, डीआईसी एसएन सिंह, डीईटीसी विद्या सागर, सहायक खनन अभियंता डॉ. माधवी गुप्ता मौजूद रहे।
पुलिस ने खनन बोली को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे और खनन पुलिस ने दोनों तरफ बेरिकेड्स लगाकर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। इससे इस तरफ आने-जाने वाले वाहन चालकों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा।
करनाल की तीन नंबर यूनिट की बोली को लेकर काफी अटकलें लगीं। यह बोली 56.8 करोड़ रुपये में छोड़ दी थी। बोलीदाता कंपनी 10 प्रतिशत अग्रिम राशि नहीं जमा करा सका। इसे लेकर करीब आधा घंटे तक इंतजार किया। बोलीदाता के सामने न आने पर यहीं से बोली दोबारा शुरू की और यह 70.1 करोड़ में छोड़ी।
वर्जन
पानीपत समेत करनाल और सोनीपत में खनन की बोली करा दी गई है। यह शांतिपूर्वक हुई और उच्च न्यायालय और सरकार की हिदायतों का ध्यान रखा है।
समीर पाल सरो, डीसी, पानीपत
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रेत की खानों की बोली छूटने के बाद लंबे समय से चल रहे अवैध खनन पर रोक लग सकती है और जरूरतमंद माफियाओं के मनमाने भाव से बच सकेंगे।
खनन विभाग कार्यालय में वीरवार को पानीपत, करनाल और सोनीपत में रेत खनन की बोली लगाई। इसकी अध्यक्षता डीसी समीर पाल सरो ने की। इसमें करनाल की 3894, पानीपत की 3281 और सोनीपत की 1822 हेक्टेयर भूमि के लिए बोली लगाई।
इसमें करनाल के लिए 21.99, पानीपत के लिए 26 और सोनीपत के लिए 34 करोड़ रुपये की रिजर्व राशि रखी थी। करनाल जिले की बोली 238.72 करोड़, पानीपत जिले की बोली 147.10 करोड़ और सोनीपत की बोली 242.17 करोड़ रुपये लगाई।
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यह कुल रिजर्व राशि से 765 प्रतिशत अधिक रही। इसमें कुल 91 बोलीदाता आगे आए। करनाल जिले की कुल चार यूनिटों में पहली यूनिट की 941 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 6.62 करोड़ रुपये थी। यह बोली आठ साल के लिए 60.5 करोड़ रुपये की गई। इसी तरह दूसरी यूनिट की 974.10 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 5.39 करोड़ रुपये रखी। यह बोली 10 साल के लिए 52.1 करोड़ रुपये की गई।
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तीसरी यूनिट की 780.32 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 4.66 करोड़ रुपये रखी। यह बोली दस साल के लिए 70.1 करोड़ रुपये की गई। चौथी यूनिट की 1199 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि के 5.32 करोड़ रुपये थे। यह बोली आठ साल के लिए 56.65 करोड़ रुपये की गई।
पानीपत जिले की कुल तीन यूनिटों में से पहली यूनिट की 724 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 4.76 करोड़ रुपये रखी गई। यह बोली आठ साल के लिए 40.5 करोड़ रुपये की गई। दूसरी यूनिट 1775.02 हेक्टेयर की रही। इसकी रिजर्व राशि 16.40 करोड़ रुपये रखी। इसकी 10 साल की बोली 60.5 करोड़ रुपये की गई।
80.80 हेक्टेयर की तीसरी यूनिट की रिजर्व राशि 4.84 करोड़ रुपये रखी। यह बोली नौ साल के लिए 47 करोड़ रुपये की गई। सोनीपत की कुल तीन यूनिटों में से पहली यूनिट 263.6 हेक्टेयर की रही और इसकी रिजर्व राशि 5.78 करोड़ रुपये रखी।
यह बोली आठ साल के लिए 71 करोड़ रुपये की गई। दूसरी यूनिट 565.10 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 15.12 करोड़ रुपये रखी। यह बोली 10 साल के लिए 120.13 करोड़ रुपये की गई। तीसरी यूनिट की 993.10 हेक्टेयर के लिए रिजर्व राशि 13.10 करोड़ रुपये रखी।
यह बोली नौ साल के लिए 51.4 करोड़ रुपये की गई। इससे पहले डीसी समीर पाल सरो ने बोली दाताओं के सामने बोली की प्रक्रिया, नियम और शर्त सुनाई। यही नहीं पारदर्शिता बरतने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में उच्च न्यायालय और सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन किया है। इस मौके पर एडीसी आरएस वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बदन सिंह राणा, नगराधीश हवा सिंह, एसडीएम पानीपत अश्वनी मलिक, एसडीएम समालखा विवेक चौधरी, खनन विभाग मुख्यालय से खनन अभियंता आरके शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से राजेश गारिया, डीआईसी एसएन सिंह, डीईटीसी विद्या सागर, सहायक खनन अभियंता डॉ. माधवी गुप्ता मौजूद रहे।
पुलिस ने खनन बोली को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे और खनन पुलिस ने दोनों तरफ बेरिकेड्स लगाकर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। इससे इस तरफ आने-जाने वाले वाहन चालकों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा।
करनाल की तीन नंबर यूनिट की बोली को लेकर काफी अटकलें लगीं। यह बोली 56.8 करोड़ रुपये में छोड़ दी थी। बोलीदाता कंपनी 10 प्रतिशत अग्रिम राशि नहीं जमा करा सका। इसे लेकर करीब आधा घंटे तक इंतजार किया। बोलीदाता के सामने न आने पर यहीं से बोली दोबारा शुरू की और यह 70.1 करोड़ में छोड़ी।
वर्जन
पानीपत समेत करनाल और सोनीपत में खनन की बोली करा दी गई है। यह शांतिपूर्वक हुई और उच्च न्यायालय और सरकार की हिदायतों का ध्यान रखा है।
समीर पाल सरो, डीसी, पानीपत