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वाहन चालकों से अवैध वसूली करते पुलिसकर्मियों की वीडियो वायरल, तीन सस्पेंड
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टोल टैक्स पर उगाही करते ट्रैफिक पुलिस कर्मियों का वायरल वीडियो।
- फोटो : panipat
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जिले में खाकी एक बार फिर रिश्वतखोरी के दाग से दागदार हो गई। टोल प्लाजा पर वर्दी के आड़ में वाहन चालकों से अवैध वसूली करते ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो वायरल होने का मामला एसपी के संज्ञान में भी आया। एसपी ने संबंधित मामले की जांच करवाते हुए वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों की पहचान करवाई व उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही ट्रैफिक प्रभारी को उक्त तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करवाने के आदेश दिए। एसपी के निर्देशों की पालना करते हुए ट्रैफिक प्रभारी महेंद्र सिंह की शिकायत पर सेक्टर 13-17 थाना पुलिस ने तीनों पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन मिनट, 20 सेकेंड की वीडियो में साफ तौर पर रिश्वत लेते दिखे पुलिसकर्मी:
रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ। जिसमें जीटी रोड टोल प्लाजा के पास यातायात पुलिसकर्मी ट्रक चालकों से रिश्वत लेते हुए दिख रहे हैं। गौरतलब है कि ये वीडियो एक ट्रैक चालक ने बनाई। 3 मिनट, 20 सेकेंड की इस वीडियो में एक जगह पर तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मी वर्दी पहने हुए ड्यूटी पर तैनात दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद तीनों ने आपस में सलाह की व उनसे कुछ दूरी पर खड़े हैवी वाहन चालकों के पास गए। जहां जाने के बाद एक पुलिसकर्मी ने ट्रक चालक से एक डायरी ली, जिसमें उसने कुछ लिखा। इसी दौरान वाहन चालक ने उसकी जेब से हजारों रुपये की नकदी निकाली। जिसे पुलिसकर्मी ने ली और अपनी जेब में डाल लिया। इसके तुरंत बाद ही दूसरे पुलिसकर्मी ने दूसरे वाहन चालक से अवैध वसूली की। इसके बाद वीडियो बना रहे ट्रक चालक ने वीडियो में बताया व दिखाया कि ये वीडियो हरियाणा के पानीपत जिले की है। जहां पुलिसकर्मी धड़ल्ले से रिश्वतखोरी कर रहे हैं।
इन तीन पर हुई कार्रवाई:
मामला एसपी सुमित के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने एक्शन लेते हुए डीएसपी मुख्यालय व ट्रैफिक सतीश कुमार वत्स को मामले की जांच के आदेश दिए। डीएसपी वत्स द्वारा की गई जांच में वीडियो में दिखाई दे रहे तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान ईएसआई रामरत्न, ईएचसी कर्मबीर व ईएचसी अजीत के तौर पर हुई है। जांच मेें सामने आया है कि उक्त तीनों जवान बाबरपुर ट्रैफिक पुलिस थाना में तैनात थे। तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान होने पर एसपी ने तीनों को सस्पेंड करते हुए आरोपियों के खिलाफ बाबरपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह की शिकायत पर करप्शन की धारा 7,13 प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 के तहत थाना सेक्टर 13/17 में मुकदमा दर्ज करवाया।
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एसपी बोले- भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस
प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति के बारे में पुलिस कर्मियों का समय-समय पर अवगत करवाया जाता है। साथ ही सभी को सख्त हिदायत दी जा रही है कि कोई भी पुलिसकर्मी इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जनता भी जागरूकता का परिचय देते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। अगर कोई सरकारी या प्राइवेट कर्मी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। भ्रष्टाचारियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
- सुमित कुमार, एसपी
पहले भी लग चुके हैं खाकी दाग:
19 जून को वायरल हुई वीडियो में दो पुलिसकर्मी कुटानी रोड स्थित एक मकाम में महिला के बेडरूम में एसी चला कर सो गए थे। जिनकी वीडियो वायरल होने पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से दोनों को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
12 जुलाई को किशनपुरा चौकी के एएसआई ने महिला से बदतमीजी से व ऊंची आवाज में बात की। जिसकी भी वीडियो वायरल होने पर आरोपी एएसआई सुखन पाल को सस्पेंड कर दिया था।
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तीन मिनट, 20 सेकेंड की वीडियो में साफ तौर पर रिश्वत लेते दिखे पुलिसकर्मी:
रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ। जिसमें जीटी रोड टोल प्लाजा के पास यातायात पुलिसकर्मी ट्रक चालकों से रिश्वत लेते हुए दिख रहे हैं। गौरतलब है कि ये वीडियो एक ट्रैक चालक ने बनाई। 3 मिनट, 20 सेकेंड की इस वीडियो में एक जगह पर तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मी वर्दी पहने हुए ड्यूटी पर तैनात दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद तीनों ने आपस में सलाह की व उनसे कुछ दूरी पर खड़े हैवी वाहन चालकों के पास गए। जहां जाने के बाद एक पुलिसकर्मी ने ट्रक चालक से एक डायरी ली, जिसमें उसने कुछ लिखा। इसी दौरान वाहन चालक ने उसकी जेब से हजारों रुपये की नकदी निकाली। जिसे पुलिसकर्मी ने ली और अपनी जेब में डाल लिया। इसके तुरंत बाद ही दूसरे पुलिसकर्मी ने दूसरे वाहन चालक से अवैध वसूली की। इसके बाद वीडियो बना रहे ट्रक चालक ने वीडियो में बताया व दिखाया कि ये वीडियो हरियाणा के पानीपत जिले की है। जहां पुलिसकर्मी धड़ल्ले से रिश्वतखोरी कर रहे हैं।
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इन तीन पर हुई कार्रवाई:
मामला एसपी सुमित के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने एक्शन लेते हुए डीएसपी मुख्यालय व ट्रैफिक सतीश कुमार वत्स को मामले की जांच के आदेश दिए। डीएसपी वत्स द्वारा की गई जांच में वीडियो में दिखाई दे रहे तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान ईएसआई रामरत्न, ईएचसी कर्मबीर व ईएचसी अजीत के तौर पर हुई है। जांच मेें सामने आया है कि उक्त तीनों जवान बाबरपुर ट्रैफिक पुलिस थाना में तैनात थे। तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान होने पर एसपी ने तीनों को सस्पेंड करते हुए आरोपियों के खिलाफ बाबरपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह की शिकायत पर करप्शन की धारा 7,13 प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 के तहत थाना सेक्टर 13/17 में मुकदमा दर्ज करवाया।
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एसपी बोले- भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस
प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति के बारे में पुलिस कर्मियों का समय-समय पर अवगत करवाया जाता है। साथ ही सभी को सख्त हिदायत दी जा रही है कि कोई भी पुलिसकर्मी इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जनता भी जागरूकता का परिचय देते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। अगर कोई सरकारी या प्राइवेट कर्मी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। भ्रष्टाचारियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
- सुमित कुमार, एसपी
पहले भी लग चुके हैं खाकी दाग:
19 जून को वायरल हुई वीडियो में दो पुलिसकर्मी कुटानी रोड स्थित एक मकाम में महिला के बेडरूम में एसी चला कर सो गए थे। जिनकी वीडियो वायरल होने पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से दोनों को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
12 जुलाई को किशनपुरा चौकी के एएसआई ने महिला से बदतमीजी से व ऊंची आवाज में बात की। जिसकी भी वीडियो वायरल होने पर आरोपी एएसआई सुखन पाल को सस्पेंड कर दिया था।