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Panipat News: चकबंदी के नोटिस पर यमुना क्षेत्र के लोगों ने बताया गलत, मंत्री ने बुलाया चंडीगढ़
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समालखा। हथवाला गांव में चकबंदी के नोटिस को लेकर हंगामा कर दिया है। ग्रामीणों ने पहले एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। वे इसके बाद जिला सचिवालय में सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी से मिले। उन्होंने पूरे मामले के बारे में बताया। मंत्री ने चकबंदी कार्य पर तुरंत रोक लगाने के आदेश दिए। इसके साथ ग्रामीणों को मंगलवार को चंडीगढ़ बुलाया है। उन्होंने भरोसा दिया कि अधिकारियों को सामने बैठाकर इसका समाधान कराया है।
किसान नेता राम दिया त्यागी ने बताया कि वर्ष 2003 में नोटिफिकेशन के बाद हथवाला के किसानों की जमीन की चकबंदी का कार्य शुरू हुआ। चकबंदी के दौरान अधिकारियों ने भारी गोलमाल कर गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए जमीनी कागजातों में फर्जीवाड़ा कर दिया। शिकायत करने पर एफसीआर द्वारा चकबंदी कार्य पर स्थगन आदेश जारी किए गए। गांव के कुछ लाभार्थी किसानों ने एफसीआर के आदेशों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट पहुंच गए। गांव के दर्जन लोगों को 21(दो) की प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी कर ग्रामीणों को अपनी जमीनों से बेदखल करने का कार्य 21(एक) की तकसीम प्रकिया चकबंदी में किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाए कि अधिकारियों की मनमानी के कारण 90 प्रतिशत ग्रामीण उजड़ने की कगार पर आ गए है। जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने उपरोक्त अधिकारियों के खिलाफ सरकार से कानूनी कार्रवाई कर चकबंदी कार्य को नए सिरे से कराने की मांग की है। इस मौके पर ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन दीपक त्यागी, रघुवीर सैनी, रमेश सैनी, अमरीश और श्रीनिवास जोगी उपस्थित रहे।
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राजस्व विभाग के वितायुक्त द्वारा जमीन की चकबंदी के नोटिस के विरोध में सोमवार को समालखा उपमंडल कार्यालय पर जमकर हथवाला गांव के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्टे आर्डर होने के बावजूद हथवाला गांव के दर्जन भर किसानों को सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा 21(दो ) के तहत नोटिस जारी करने के विरोध किया। किसानों ने 2022 से पहले हुई चकबंदी के दौरान भारी गोलमाल के आरोप लगाते हुए पुरानी चकबंदी को खारिज कर नए सिरे से चकबंदी कराने के लिए एसडीएम को ज्ञापन दिया। समाजकल्याण मंत्री कृष्ण बेदी के सामने भी अपना दुखड़ा सुनाया। मंत्री कृष्ण बेदी ने चकबंदी करने पर रोक लगाने के आदेश दिए। मंत्री ने हथवाला के किसानों के प्रतिनिधिमंडल को चंडीगढ़ बुलाया है।
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किसान नेता राम दिया त्यागी ने बताया कि वर्ष 2003 में नोटिफिकेशन के बाद हथवाला के किसानों की जमीन की चकबंदी का कार्य शुरू हुआ। चकबंदी के दौरान अधिकारियों ने भारी गोलमाल कर गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए जमीनी कागजातों में फर्जीवाड़ा कर दिया। शिकायत करने पर एफसीआर द्वारा चकबंदी कार्य पर स्थगन आदेश जारी किए गए। गांव के कुछ लाभार्थी किसानों ने एफसीआर के आदेशों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट पहुंच गए। गांव के दर्जन लोगों को 21(दो) की प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी कर ग्रामीणों को अपनी जमीनों से बेदखल करने का कार्य 21(एक) की तकसीम प्रकिया चकबंदी में किया जा रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाए कि अधिकारियों की मनमानी के कारण 90 प्रतिशत ग्रामीण उजड़ने की कगार पर आ गए है। जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने उपरोक्त अधिकारियों के खिलाफ सरकार से कानूनी कार्रवाई कर चकबंदी कार्य को नए सिरे से कराने की मांग की है। इस मौके पर ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन दीपक त्यागी, रघुवीर सैनी, रमेश सैनी, अमरीश और श्रीनिवास जोगी उपस्थित रहे।
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राजस्व विभाग के वितायुक्त द्वारा जमीन की चकबंदी के नोटिस के विरोध में सोमवार को समालखा उपमंडल कार्यालय पर जमकर हथवाला गांव के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्टे आर्डर होने के बावजूद हथवाला गांव के दर्जन भर किसानों को सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा 21(दो ) के तहत नोटिस जारी करने के विरोध किया। किसानों ने 2022 से पहले हुई चकबंदी के दौरान भारी गोलमाल के आरोप लगाते हुए पुरानी चकबंदी को खारिज कर नए सिरे से चकबंदी कराने के लिए एसडीएम को ज्ञापन दिया। समाजकल्याण मंत्री कृष्ण बेदी के सामने भी अपना दुखड़ा सुनाया। मंत्री कृष्ण बेदी ने चकबंदी करने पर रोक लगाने के आदेश दिए। मंत्री ने हथवाला के किसानों के प्रतिनिधिमंडल को चंडीगढ़ बुलाया है।