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भरते हैं टैक्स, बिजली कनेक्शन भी हैं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 01:57 AM IST
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Pay taxes, have electricity connections too
पानीपत। पानीपत माइनर पर सालों से काबिज लोगों से अपनी जमीन को मुक्त कराने के लिए सिंचाई विभाग अड़ा है। दूसरी तरफ यहां करीब 50 सालों से रहने का दावा करने वाले लोग भी अपने आशियानों को बचाने की जिद पर डटे हैं। लोगों का कहना है कि वे यहां रहने का प्रॉपर्टी टैक्स भरते हैं। उनके लिए सीवर और पानी की लाइन तक बिछाई गई हैं। उनके पास बिजली निगम के दिए गए कनेक्शन तक हैं। जब वे यहां सालों से बसे हैं तो अब उन्हें क्यों उजाड़ा जा रहा है। लोगों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से सवाल किया कि हर बार विभाग जाटल रोड से ही ध्वस्तीकरण की शुरुआत क्यों करता है। मॉडल टाउन की तरफ से शुरुआत क्यों नहीं की जाती।
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लोगों ने आरोप लगाया कि मॉडल टाउन की तरफ इसी जमीन पर खुद नहरी विभाग वालों की कॉलोनी तक है। इसी जमीन पर शहर के रसूखदार लोगों की कोठियां तक हैं लेकिन वहां कोई नहीं जाता। सिर्फ गरीब लोगों के झोपड़ी उजाड़ने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला पहुंच जाता है। गौरतलब है कि जिस जमीन पर लोगों ने कब्जा किया है ये जमीन जाटल रोड से लेकर बाल विकास स्कूल तक है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी और 52 मीटर चौड़ी इस जगह पर सौ से ज्यादा मकान बने हुए हैँ। यहां करीब 300 परिवार रहते हैं।
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मीडियाकर्मी से की बदसलूकी तो मचा हंगामा
सिंचाई विभाग की तरफ से एक कर्मचारी ने कवरेज कर रहे एक पत्रकार से भी बदसलूकी करते हुए पत्रकार को पीछे थकेल दिया। इसका कवरेज करने पहुंचे दूसरे पत्रकारों और स्थानीय लोग ने पूरा विरोध किया। इसके बाद मौके से कर्मचारी भागने लगा। इस कर्मचारी को भगाने में विभाग के ही अधिकारियों ने पूरी मदद की। बाद में कर्मचारी ने पत्रकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
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बोले लोग:
50 साल से बसे हैं, अब कहां जाएं
हम यहां पिछले 50 सालों से बसे हैं। ये लोग हमें उजाड़ना चाहते हैं। ऐसे में हम क्या करें और कहां जाएं। हमारी सारी जिंदगी यहीं बीत गई है। अब हमारा आशियाना छीना जा रहा है। यह गलत है। महेंद्र सिंह
मर जाएंगे, पीछे नहीं हटेंगे
हम मर जाएंगे लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। ये हमारा घर है। इसे हमने खून पसीने से बनाया है। सालों से यहां रह रहे हैं। अचानक से कोई हमारा घर कैसे गिरा सकता है। हम अपने मकान नहीं गिरने देंगे। -संतोष देवी
सरकार को अब आई याद
सरकार को अब अपनी जमीन की याद कैसे आ गई। या तो जिस दिन यहां मकान बनने लगे थे उस दिन हटाया होता। या अब बसे हैं तो हमें यहां बसने दिया होता। हमारे सामने तो बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। -चंद्रपाल
प्रॉपर्टी टैक्स तक भरते हैं
हमारे मकानों के प्रॉपर्टी टैक्स तक हैं। सभी लोग अपना टैक्स तक भरते हैँ। बिजली, पानी, सीवर तक हैं। सभी का कनेक्शन तक हैं। ऐसे में हमारे मकानों को अवैध बताकर तोड़ा जा रहा है। हम इसका पूरा विरोध करते रहेंगे। -अभी
पीछे हटने का सवाल नहीं
हम अपने मकानों को नहीं छोड़ सकते और न ही टूटने देंगे। इसके लिए हमें चाहे कितना ही संघर्ष क्यों न करना पड़ा। हम इसके लिए तैयार हैं। हम पीछे नहीं हटेंगे। ये हमारे आशियाने का सवाल है। -चिराग
रजिस्ट्री करवाए सरकार
जब सभी लोग यहां बसे हैं और यहीं रहना चाहते हैं और सरकार को राजस्व चाहिए तो ये लोग अपनी जमीनों की रजिस्ट्रियां करवाने को तैयार हैं। सरकार टैक्स ले और रजिस्ट्रियां करवा दे। विवाद खत्म हो जाएगा। -आरएस मजोका

आज डीसी से मिलेंगे
सभी लोगों ने मिलकर एसडीएम से मोहलत मांगी थी। उन्होंने हमें डीसी से मिलने की मोहलत दी है। आज सभी लोग इकट्ठा होकर डीसी से मिलेंगे। देखना ये है कि वे हमारी कितनी मदद कर सकेंगे। -विनय नंदा
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