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Panipat: यमुना के तटबंध छह फीट बहे, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता, सिंचाई विभाग के दावों की खुली पोल

Wed, 10 Jul 2024 01:48 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सनौली-पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सनौली-पानीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 10 Jul 2024 01:48 AM IST
सार

नाराज लोग बोले कि सिंचाई विभाग पत्थर की पक्की ठोकरें लगाने का दावा करता रहा, लेकिन पोल खुल गई है। अब यमुना में पानी आने पर पत्थर न मिलने का हवाला दिया जा रहा है। मिट्टी के कट्टे लगा रहे हैं। यमुना के साथ लगे करीब दो दर्जन गांवों के ग्रामीण सहमे हैं।

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Panipat: Yamuna embankments flowed six feet, villagers worried
राणा माजरा गांव के नजदीक कटे किनारे पर मिट्टी के कट्टे लगाते श्रमिक। - फोटो : संवाद

विस्तार

हथिनी कुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़ने के साथ इससे सटे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना में आया 50 से 55 क्यूसेक पानी पानीपत के राणा माजरा गांव के नजदीक करीब छह फीट तटबंध की मिट्टी को साथ बहा ले गया। यहां बड़े कट बन गए हैं। ऐसे में यमुना से सटे गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा नाराजगी जताई है।

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ग्रामीणों का कहना है कि यमुना में करीब 15 करोड़ की लागत से 12 नई और 12 पुरानी पत्थर की ठोकर बनाने का टेंडर लगाया था। सिंचाई विभाग के अधिकारी और ठेकेदार पहले तो ठोकर लगाने का दावा करते रहे और अब पत्थर न मिलने की बात कह रहे हैं।
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सिंचाई विभाग अब मिट्टी के कट्टों के स्टड बनाकर यमुना के बहाव को रोकने में लगा है। इन सबके बीच एसडीएम समालखा अमित कुमार व नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र ने मंगलवार को राणा माजरा गांव यमुना के तट पर पहुंचकर कटाव का मौका मुआयना किया।
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ग्रामीणों ने बताया कि यमुना नदी में छोड़ा गया करीब 55 हजार क्यूसेक पानी सोमवार को पानीपत जिले की सीमा में प्रवेश कर गया था। इससे राणा माजरा गांव के नजदीक तटबंध के अंदर खेतों में मिट्टी का कटाव शुरू हो गया, जिसे लेकर राणा माजरा के ग्रामीण व किसान चिंतित हैं।

वहीं मंगलवार को यमुना का पानी कुछ कम हुआ तो तटबंध के साथ मिट्टी के कट्टों को भरकर लगाने का काम शुरू किया गया है। वहीं विभागीय लापरवाही से यमुना नदी से लगे दो दर्जन गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पिछले साल 14 जुलाई को बांध टूटने से यमुना के किनारे बसे गांवों को काफी तबाही झेलनी पड़ी थी।


इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ सर्बजीत ने बताया कि गांव राणा माजरा में पत्थरों की करीब ढाई करोड़ की लागत से चार नई ठोकरें लगनी थी, लेकिन ठेकेदार के पास करीब छह डंपर ही पत्थर आया है, जो कि कम हैं। ऐसे में राणा माजरा गांव के पास अब 11 स्थानों पर मिट्टी के कट्टों के अस्थायी स्टड लगाए गए हैं। एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि ठेकेदार की अनदेखी का मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया है। ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा।

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