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Panipat: दूध पीकर सोई और फिर नहीं उठी छह वर्षीय मासूम, मौत से परिजन ही नहीं डॉक्टर भी हैरान
Mon, 19 Dec 2022 08:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 19 Dec 2022 08:33 PM IST
सार
बच्ची की संदिग्ध मौत से परिजन ही नहीं डॉक्टर भी हैरान है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए मधुबन लैब भेजा गया है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
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अवनी सैनी का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के पानीपत के नूरवाला में छह साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पिता बच्ची को सुबह दूध पिलाने के बाद सुलाकर ड्यूटी पर गया था। घर लौटकर बेटी को जगाने लगा तो वह नहीं उठी। इसके बाद उसे सामान्य अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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बच्ची की संदिग्ध हाल में मौत से परिजन ही नहीं डॉक्टर भी हैरान हैं। मौत का कारण जानने के लिए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन कोई स्पष्ट कारण सामने न आने पर डॉक्टर ने विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा है।
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नूरवाला की मोतीराम कॉलोनी निवासी कुलदीप सैनी ने बताया कि वह सिलाई का काम करता है। नौ साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसकी छह साल की इकलौती बेटी अवनी थी। रविवार सुबह 11 बजे अवनी नहाकर, खाना खाने के बाद दूध पीकर सो गई थी। दोपहर करीब 1:30 बजे जब वह दुकान से घर खाना खाने आया तो वह सो रही थी।
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उसने पत्नी से अवनी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि अवनी को सोए करीब ढाई घंटे हो चुके हैं। इसके बाद बेटी को खाना खिलाने के लिए वह जगाने लगा। उसने सिर पर हाथ लगाकर सहलाते हुए अवनी को उठाने के लिए आवाज लगाई। दो बार आवाज लगाने के बाद भी बच्ची ने कोई हरकत नहीं की।
इसके बाद उसने जोर से बेटी को हिलाया, मगर वे अचेत थी। नाक के पास हाथ लगाया तो सांस भी नहीं थी। इस संबंध में सिविल अस्पताल की बालरोग विशेषज्ञ डाक्टर निहारिका का कहना है कि बच्ची की मौत का कारण बताना मुश्किल है। पोस्टमार्टम और विसरा जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
बेटी की मौत का नहीं हुआ विश्वास, पुष्टि के लिए पहुंचा तीन डाक्टरों के पास
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई छह साल की बच्ची की मौत के बाद भी पिता को इसका विश्वास नहीं हुआ। घर से आनन-फानन में वह बच्ची को लेकर पास के निजी अस्पताल पहुंचा, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी पिता की आस जिंदा थी। वह आसपास के दो और निजी अस्पतालों में उसे लेकर पहुंचा, लेकिन हर जगह से एक ही जवाब मिलने के बाद निराश हो गया।
इसके बाद रोते बिलखते वह बच्ची को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा, जहां पिता ने बताया कि बच्ची को कोई बीमारी नहीं थी। चंद घंटे पहले ही उसे दूध पिलाकर सुलाया था। क्या पता था कि वह हमेशा के लिए सो जाएगी। डाक्टर संग स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे ढांढस बंधाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बच्ची का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। बच्ची की मौत का कारण जानने के लिए विसरा जांच के लिए मधुबन लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर मौत की वजह क्या है। -फूल कुमार, तहसील कैंप थाना प्रभारी