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पुलिस का दावा, अपहरण नहीं, खेलते हुए मॉडल टाउन पहुंचा बच्चा
panipat beuro
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:48 PM IST
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चार दिन पहले रेलवे लाइन के पास से संदिग्ध परस्थितियों में लापता हुआ ढाई साल का अर्जुन मॉडल टाउन में घूमता मिला। मॉडल टाउन अंबे क्लीनिक निवासी महिला ने खुद जीआरपी थाने में आकर बच्चे को उनको सौंपा। जीआरपी पुलिस दावा कर रही है बच्चे का अपहरण नहीं बल्कि खेलते हुए स्वयं झोपड़ी से निकलकर मॉडल टाउन पहुंच गया था। परिजनों को अब जाकर सांस में सांस आयी है।
चार दिन पहले रेलवे लाइन के पास से ढाई साल के अर्जुन के अपहरण होने की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए उसकी मां माला व पिता सियाराम जीआरपी और सिटी थाने में बार-बार चक्कर लगा रहे थे। लेकिन जीआरपी पुलिस ने पहले तो दो दिन तक बच्चे की अपहरण होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तीसरे दिन यानी शनिवार को करीब 11 बजे जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज की। थाना जीआरपी पुलिस ने रविवार को दो टीमें गठित कर बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पर भी सुराग नहीं लगा। पुलिस इस दौरान अर्जुन की मां माला व एक अन्य महिला को साथ लेकर पानीपत के दो अनाथालयों में गई। लेकिन वहां पर बच्चा नहीं मिल सका। जिसके बाद पुलिस एक घंटे बाद करीब एक बजे उसन को रेलवे लाइन के पास छोड़ दिया। शाम को मॉडल टाउन की एक महिला अर्जुन को लेकर जीआरपी थाने में पहुंची। वह दो दिन पहले घूमते देखा था। उसने उसको अपने पास बैठा लिया था कि उसके माता-पिता के बारे में पूछा, लेकिन वह कुछ बता नहीं पाया। उसने समाचार पत्रों में इस बारे जानकारी लगी तो वह सीधे जीआरपी पहुंच गई। विदित है कि बच्चे की मां ने शनिवार को जीआरपी अधिकारियों से बच्चे की तलाश करने की मांग की थी और उसके न मिलने पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे देने की चेतावनी दी थी।
बच्चे की अपहरण की शिकायत मिली थी। पुलिस तलाश कर रही थी। लेकिन बच्चे का अपहरण नहीं हुआ था वह खेलते हुए मॉडल टाउन में चला गया था। वहां पर एक महिला अंजनर ने उसको जीआरपी थाने में लेकर पहुंची। जीआरपी ने पूछताछ के बाद बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया है।
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बृजपाल सिंह राणा, प्रभारी, थाना जीआरपी, पानीपत।
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चार दिन पहले रेलवे लाइन के पास से ढाई साल के अर्जुन के अपहरण होने की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए उसकी मां माला व पिता सियाराम जीआरपी और सिटी थाने में बार-बार चक्कर लगा रहे थे। लेकिन जीआरपी पुलिस ने पहले तो दो दिन तक बच्चे की अपहरण होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तीसरे दिन यानी शनिवार को करीब 11 बजे जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज की। थाना जीआरपी पुलिस ने रविवार को दो टीमें गठित कर बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पर भी सुराग नहीं लगा। पुलिस इस दौरान अर्जुन की मां माला व एक अन्य महिला को साथ लेकर पानीपत के दो अनाथालयों में गई। लेकिन वहां पर बच्चा नहीं मिल सका। जिसके बाद पुलिस एक घंटे बाद करीब एक बजे उसन को रेलवे लाइन के पास छोड़ दिया। शाम को मॉडल टाउन की एक महिला अर्जुन को लेकर जीआरपी थाने में पहुंची। वह दो दिन पहले घूमते देखा था। उसने उसको अपने पास बैठा लिया था कि उसके माता-पिता के बारे में पूछा, लेकिन वह कुछ बता नहीं पाया। उसने समाचार पत्रों में इस बारे जानकारी लगी तो वह सीधे जीआरपी पहुंच गई। विदित है कि बच्चे की मां ने शनिवार को जीआरपी अधिकारियों से बच्चे की तलाश करने की मांग की थी और उसके न मिलने पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे देने की चेतावनी दी थी।
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बच्चे की अपहरण की शिकायत मिली थी। पुलिस तलाश कर रही थी। लेकिन बच्चे का अपहरण नहीं हुआ था वह खेलते हुए मॉडल टाउन में चला गया था। वहां पर एक महिला अंजनर ने उसको जीआरपी थाने में लेकर पहुंची। जीआरपी ने पूछताछ के बाद बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया है।
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बृजपाल सिंह राणा, प्रभारी, थाना जीआरपी, पानीपत।