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पानीपत: अब जल्द लागू होगा याशी का सर्वे, हटेंगे 21 हजार लोगों के ऑब्जेक्शन
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पानीपत।शहर की संपत्तियों का सर्वे करने वाली एजेंसी याशी का सर्वे अब जल्द ही पोर्टल पर लागू हो सकता है। इससे याशी के कैंप में ऑब्जेक्शन लगाने वाले 21 लोगों की आपत्तियां और दावे क्लियर हो सकेंगे। याशी ने इस डाटा को नगर निगम को सौंप दिया है। अब निगम इसे वेरिफाई कर शहरी स्थानीय निकाय को भेजेगा। यहां से डाटा को एनडीसी पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा। जिससे नया डाटा पुराने डाटा की जगह ले लेगा।
नए डाटा अपडेट होने की वजह से जहां शहर के लोगों को राहत मिलेेगी वहीं, कुछ समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। अभी तक सर्वे का
70 प्रतिशत डाटा इंटींग्रेटेड हो पाया है। बाकी के 30 प्रतिशत डाटा का मिलान अभी तक नहीं हो सका है। ये डाटा गलत भी हो सकता है, डबल भी हो सकता है, फर्जी भी हो सकता है और ये संपत्तियां खाली प्लाट भी हो सकती हैं। इसकी जांच के लिए निगम को दो माह का समय दिया जाएगा। जिसके बाद शहर के लोग याशी के नई प्रॉपर्टी आईडी से वैध एरिया में अपनी संपत्तियों की रजिस्टरी करवा सकेंगे।
याशी एजेंसी की ओर से चार साल पहले 2018 में सर्वे किया गया था। इस दौरान शहर में करीब 1.75 लाख संपत्तियां मिली थी। संपतियों के डाटा में त्रुटियां मिलने की वजह से याशी ने इन खामियों को दूर करने के लिए कैंप लगाए और ऑब्जेक्शन मांगे। इसमें करीब 21 हजार लोगों ने सर्वे पर अपने ऑब्जेक्शन दिए। जिनको अब दूर किए जाने का दावा किया जा रहा है।
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दूसरी ओर बाकी के बचे हुए 30 प्रतिशत डाटा का मिलान करने की जिम्मेदारी निगम पर आएगी। जांच की जाएगी कि कहीं से डाटा फर्जी, डबल या खाली प्लाटों की तो नहीं है। नए सर्वे के बाद नई आईडी से निगम के वैध एरिया में आने वाली संपत्तियों की एनडीसी के जरिए रजिस्टरी हो सकेगी। जिससे लोगों को राहत मिलेेगी। हालांकि अगर बाकी डाटा में खामियां मिली तो ये शहरवासियों के लिए मुुसीबत भी बन सकती है।
वर्जन-
जियोटैंगिंग आधार पर होगा सर्वे, लगेगी क्यूआर कोड की प्लेट
सर्वे में मिली आपत्तियों को दूर किया गया है। डाटा निगम को सौंप दिया गया है। अब निगम डायरेक्ट ऑफिस यूएलबी को देगा। यहां से नया डाटा अपडेट कर दिया जाएगा। इससे सभी शहरवासियों को फायदा मिलेगा। जियोटैगिंग के आधार पर किए गए इस सर्वे में सब कुछ डिजिटल होगा। टैक्स से लेकर संपत्ति की पूरी डिटेल ऑनलाइन देखी जा सकेगी। ड्रोन इमेज से संपत्तियों की फोटो तक देख सकेंगे। क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, जिसमें संपत्ति का पूरा डाटा स्टोर होगा।
सुभाष जैन, मैनेजर, याशी एजेंसी
वर्जन-
अपडेट होने की संभावनाएं- भट्ट
याशी का डाटा पोर्टल पर अपडेट होने की पूरी संभावनाएं हैं। अगर डाटा इंटीग्रेटेड होकर पोर्टल पर अपडेट होता है तो इससे शहर के लोगों को लाभ मिलेगी। अगर डाटा में कुछ त्रुटि रहती भी है तो उसे भी दूर करने की जिम्मेदारी याशी की रहेगी।
दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।
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नए डाटा अपडेट होने की वजह से जहां शहर के लोगों को राहत मिलेेगी वहीं, कुछ समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। अभी तक सर्वे का
70 प्रतिशत डाटा इंटींग्रेटेड हो पाया है। बाकी के 30 प्रतिशत डाटा का मिलान अभी तक नहीं हो सका है। ये डाटा गलत भी हो सकता है, डबल भी हो सकता है, फर्जी भी हो सकता है और ये संपत्तियां खाली प्लाट भी हो सकती हैं। इसकी जांच के लिए निगम को दो माह का समय दिया जाएगा। जिसके बाद शहर के लोग याशी के नई प्रॉपर्टी आईडी से वैध एरिया में अपनी संपत्तियों की रजिस्टरी करवा सकेंगे।
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याशी एजेंसी की ओर से चार साल पहले 2018 में सर्वे किया गया था। इस दौरान शहर में करीब 1.75 लाख संपत्तियां मिली थी। संपतियों के डाटा में त्रुटियां मिलने की वजह से याशी ने इन खामियों को दूर करने के लिए कैंप लगाए और ऑब्जेक्शन मांगे। इसमें करीब 21 हजार लोगों ने सर्वे पर अपने ऑब्जेक्शन दिए। जिनको अब दूर किए जाने का दावा किया जा रहा है।
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दूसरी ओर बाकी के बचे हुए 30 प्रतिशत डाटा का मिलान करने की जिम्मेदारी निगम पर आएगी। जांच की जाएगी कि कहीं से डाटा फर्जी, डबल या खाली प्लाटों की तो नहीं है। नए सर्वे के बाद नई आईडी से निगम के वैध एरिया में आने वाली संपत्तियों की एनडीसी के जरिए रजिस्टरी हो सकेगी। जिससे लोगों को राहत मिलेेगी। हालांकि अगर बाकी डाटा में खामियां मिली तो ये शहरवासियों के लिए मुुसीबत भी बन सकती है।
वर्जन-
जियोटैंगिंग आधार पर होगा सर्वे, लगेगी क्यूआर कोड की प्लेट
सर्वे में मिली आपत्तियों को दूर किया गया है। डाटा निगम को सौंप दिया गया है। अब निगम डायरेक्ट ऑफिस यूएलबी को देगा। यहां से नया डाटा अपडेट कर दिया जाएगा। इससे सभी शहरवासियों को फायदा मिलेगा। जियोटैगिंग के आधार पर किए गए इस सर्वे में सब कुछ डिजिटल होगा। टैक्स से लेकर संपत्ति की पूरी डिटेल ऑनलाइन देखी जा सकेगी। ड्रोन इमेज से संपत्तियों की फोटो तक देख सकेंगे। क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, जिसमें संपत्ति का पूरा डाटा स्टोर होगा।
सुभाष जैन, मैनेजर, याशी एजेंसी
वर्जन-
अपडेट होने की संभावनाएं- भट्ट
याशी का डाटा पोर्टल पर अपडेट होने की पूरी संभावनाएं हैं। अगर डाटा इंटीग्रेटेड होकर पोर्टल पर अपडेट होता है तो इससे शहर के लोगों को लाभ मिलेगी। अगर डाटा में कुछ त्रुटि रहती भी है तो उसे भी दूर करने की जिम्मेदारी याशी की रहेगी।
दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।