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परी की सुरक्षा में तैनात पुलिस, नहीं बाहरी की एंट्री
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
Updated Fri, 11 Sep 2015 10:31 PM IST
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सिविल अस्पताल में नन्ही परी की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने पहरा लगा दिया है और किसी भी अनजान व्यक्ति को परी तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा। दिन के वक्त भीड़-भाड़ के वक्त पुलिस का एक जवान तैनात किया गया है।
सिविल अस्पताल में पल रही परी के डीएनए को लेकर तीनों कविता के राजी होने पर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि में भी कदम बढ़ा दिया है। पुलिस ने परी के बाहर एक पुलिसकर्मी तैनात कर दिया है। यह पुलिसकर्मी दिन में ओपीडी के दौरान वार्ड में तैनात रहेगी और परी के पास आने वाले हर संदिग्ध पर नजर रखेगा। शुक्रवार को गनमैन ने यहां पर ड्यूटी दी।
विदित है कि 17 जून को सिविल अस्पताल में परी का जन्म हुआ था। 18 जून को उसको हर किसी ने अपनाने से इनकार कर दिया। डॉक्टर उक्त बच्ची को रामनगर निवासी कविता पत्नी अमित की बता रहे हैं, लेकिन कविता बच्चे को बदलने का आरोप लगा रही है।
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उसका आरोप है कि उसको 17 जून को बच्ची होना बताया गया, लेकिन 18 जून को दूध पिलाने को उसको लड़का दिया गया। उसने डॉक्टर व स्टाफ नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया।
थाना शहर ने इसमें डॉक्टर व नर्स के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया था। महिला कविता ने उसका डीएनए कराने की मांग की। पुलिस व प्रशासन उसका डीएनए कराने को तैयार हो गया और मधुबन से डीएनए की तारीख ली गई।
महिला कविता ने मधुबन की बजाय चंडीगढ़ में डीएनए कराने की मांग की। इसको लेकर कई बार विवाद हुआ। प्रशासन व पुलिस के साथ 17 जून को सिविल अस्पताल में डिलीवरी देने वाली ऊंचा समाना, रामनगर व नैन गांव की कविता को शामिल किया गया। यहां पर परी के साथ तीनों कविता का डीएनए कराने का फैसला लिया।
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सिविल अस्पताल में पल रही परी के डीएनए को लेकर तीनों कविता के राजी होने पर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि में भी कदम बढ़ा दिया है। पुलिस ने परी के बाहर एक पुलिसकर्मी तैनात कर दिया है। यह पुलिसकर्मी दिन में ओपीडी के दौरान वार्ड में तैनात रहेगी और परी के पास आने वाले हर संदिग्ध पर नजर रखेगा। शुक्रवार को गनमैन ने यहां पर ड्यूटी दी।
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विदित है कि 17 जून को सिविल अस्पताल में परी का जन्म हुआ था। 18 जून को उसको हर किसी ने अपनाने से इनकार कर दिया। डॉक्टर उक्त बच्ची को रामनगर निवासी कविता पत्नी अमित की बता रहे हैं, लेकिन कविता बच्चे को बदलने का आरोप लगा रही है।
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उसका आरोप है कि उसको 17 जून को बच्ची होना बताया गया, लेकिन 18 जून को दूध पिलाने को उसको लड़का दिया गया। उसने डॉक्टर व स्टाफ नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया।
थाना शहर ने इसमें डॉक्टर व नर्स के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया था। महिला कविता ने उसका डीएनए कराने की मांग की। पुलिस व प्रशासन उसका डीएनए कराने को तैयार हो गया और मधुबन से डीएनए की तारीख ली गई।
महिला कविता ने मधुबन की बजाय चंडीगढ़ में डीएनए कराने की मांग की। इसको लेकर कई बार विवाद हुआ। प्रशासन व पुलिस के साथ 17 जून को सिविल अस्पताल में डिलीवरी देने वाली ऊंचा समाना, रामनगर व नैन गांव की कविता को शामिल किया गया। यहां पर परी के साथ तीनों कविता का डीएनए कराने का फैसला लिया।