{"_id":"678f247c913c209f5b0b4ffc","slug":"panipat-man-abandoned-by-family-after-giving-crores-denied-funeral-by-wife-and-daughters-2025-01-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मर गईं संवेदनाएं: बेटी, पत्नी और बहनों को दिए करोड़ों, अब अंतिम संस्कार से किया इंकार; बीवी बोली-हम नहीं आएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मर गईं संवेदनाएं: बेटी, पत्नी और बहनों को दिए करोड़ों, अब अंतिम संस्कार से किया इंकार; बीवी बोली-हम नहीं आएंगे
Tue, 21 Jan 2025 10:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत
अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 21 Jan 2025 10:57 AM IST
सार
Panipat Family Dispute: पानीपत के मॉडल टाउन के अमरजीत ने जमीन और कोठी बेचकर बेटी, पत्नी और अपनी बहनों को करोड़ों दे दिए। परिजनों ने बीमार होने पर अमरजीत को वृद्धाआश्रम में भेज दिया। अब उनकी मौत हुई तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
Panipat Man
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Panipat Family Denies Funeral: पानीपत के मॉडल टाउन के अमरजीत ने पांच एकड़ जमीन और अपनी कोठी बेचकर बेटी, बहन एवं पत्नी को करोड़ों रुपये दे दिए। जब अमरजीत के पास देने को कुछ नहीं रहा तो परिवार के लोग उन्हें वृद्ध आश्रम में छोड़कर पानीपत से चले गए। वह वृद्ध आश्रम में बीमार पड़े तो आश्रम के प्रतिनिधियों ने उन्हें जन सेवा दल के अपना आशियाना में छोड़ दिया।
चार साल बाद 15 जनवरी को उनकी मौत हो गई। जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में तीन दिन से उनका शव अंतिम संस्कार के इंतजार में है। बेटी, पत्नी और बहनों को उनकी मौत की सूचना दी, उन्होंने अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया। अब मंगलवार को जन सेवा दल के सदस्य असंध रोड स्थित शिवपुरी में उनके शव का अंतिम संस्कार करेंगे।
जानकारी के अनुसार, 84 वर्षीय अमरजीत की अज्जीजुलापुर गांव में पांच एकड़ जमीन थी और मॉडल टाउन में उसकी कोठी थी। परिवार में पत्नी, एक बेटी, दो बहनें हैं। अमरजीत ने अपनी जमीन बेचकर बेटी को पढ़ाया और उसे आत्मनिर्भर बनाया। उसकी अच्छे खानदान में शादी भी की।
विज्ञापन
इसके बाद उनकी पत्नी अपनी बेटी के साथ उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में चली गई और उनके पास ही रहने लगी। उनकी एक बहन अमेरिका व दूसरी दिल्ली में चली गई और अमरजीत को पानीपत के एक वृद्ध आश्रम में छोड़ दिया।
विज्ञापन
चार साल बाद 15 जनवरी को उनकी मौत हो गई। जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में तीन दिन से उनका शव अंतिम संस्कार के इंतजार में है। बेटी, पत्नी और बहनों को उनकी मौत की सूचना दी, उन्होंने अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया। अब मंगलवार को जन सेवा दल के सदस्य असंध रोड स्थित शिवपुरी में उनके शव का अंतिम संस्कार करेंगे।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, 84 वर्षीय अमरजीत की अज्जीजुलापुर गांव में पांच एकड़ जमीन थी और मॉडल टाउन में उसकी कोठी थी। परिवार में पत्नी, एक बेटी, दो बहनें हैं। अमरजीत ने अपनी जमीन बेचकर बेटी को पढ़ाया और उसे आत्मनिर्भर बनाया। उसकी अच्छे खानदान में शादी भी की।
विज्ञापन
इसके बाद उनकी पत्नी अपनी बेटी के साथ उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में चली गई और उनके पास ही रहने लगी। उनकी एक बहन अमेरिका व दूसरी दिल्ली में चली गई और अमरजीत को पानीपत के एक वृद्ध आश्रम में छोड़ दिया।
2020 में अमरजीत आश्रम में बीमार हो गए तो आश्रम के प्रतिनिधियों ने भी उन्हें जन सेवा दल के अपना आशियाना में छोड़ दिया। जन सेवा दल के सदस्यों ने उनका इलाज कराया और अपने पास रखा। पांच दिन पहले अमरजीत की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जन सेवा दल के महासचिव चमन गुलाटी ने उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पत्नी बोली, हम अंतिम संस्कार में नहीं आएंगे, आप हमें उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भेज देना
जन सेवा दल के महासचिव चमन गुलाटी ने बताया एक इंसान ने पूरा जीवन परिवार के लिए कुर्बान कर दिया। जमीन बेचकर उन्हें करोड़ों रुपये दिए। अब परिवार के लोग उनके अंतिम संस्कार में भी आने से इंकार कर रहे हैं।
जन सेवा दल के महासचिव चमन गुलाटी ने बताया एक इंसान ने पूरा जीवन परिवार के लिए कुर्बान कर दिया। जमीन बेचकर उन्हें करोड़ों रुपये दिए। अब परिवार के लोग उनके अंतिम संस्कार में भी आने से इंकार कर रहे हैं।
बेटी, पत्नी व बहनों को उन्होंने कॉल कर अमरजीत की मौत की सूचना दी। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार में नहीं आ सकते। उन्हें अमरजीत का मृत्यु प्रमाणपत्र भेज देना।