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Panipat: अहर गांव के सरपंच का चुनाव रद्द, कोर्ट ने 61 मतों का फर्जी तरीके से मतदान करना पाया, 34 मत से जीते थे
Mon, 09 Oct 2023 09:18 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, इसराना, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, इसराना, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 09 Oct 2023 09:18 PM IST
सार
महेंद्र सिंह नवंबर 2022 के चुनाव में 34 वोटों से सरपंच बने थे। हारे हुए प्रत्याशी ने फर्जी मतों के प्रयोग के आरोप में कोर्ट में याचिका लगाई थी। सिविल जज जूनियर डिवीजन ने फैसला दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के पानीपत में सिविल जज जूनियर डिवीजन हरलील पाल सिंह की कोर्ट ने इसराना खंड के अहर गांव के सरपंच का चुनाव रद्द कर दिया है। कोर्ट ने पाया है कि मतदान के दौरान 61 वोट फर्जी तरीके से डाले गए। जबकि याचिकाकर्ता 34 वोटों से सरपंच का चुनाव हार गया था।
उन्होंने कोर्ट से सरपंंच घोषित करने की भी मांग की थी। कोर्ट ने इसमें चुनाव दोबारा कराने का फैसला सुनाया है। सरपंच महेंद्र सिंह ने कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। कोर्ट के फैसले के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
याची पक्ष के वकील राजकुमार जीवन ने बताया कि अहर गांव में नवंबर 2022 में सरपंच का चुनाव हुआ था। इसमें भगवान दास भी सरपंच के प्रत्याशी थे। दूसरी तरफ से महेंद्र सिंह चुनाव मैदान में थे। भगवान दास का आरोप था कि महेंद्र सिंह ने पोलिंग पार्टी से मिलीभगत कर मृत लोगों का भी मतदान करा दिया।
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कुछ लोगों के दो बार मतदान किए। गांव से विदेश में गए लोगों तक का मतदान करा दिया गया। इन सबके चलते भगवान दास 34 वोट से चुनाव हार गए। कोर्ट ने उनकी याचिका पर पोलिंग पार्टी और सरपंच महेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया। पोलिंग पार्टी ने अपना सारा रिकॉर्ड पेश किया और सरपंच महेंद्र सिंह की तरफ से एडवोकेट बलराज खर्ब ने अपना पक्ष रखा।
कोर्ट के सामने खुली मिलीभगत की पोल
एडवोकेट राजकुमार जीवन ने बताया कि पोलिंग पार्टी से रिकॉर्ड मंगवाया गया। इसमें साफ हुआ कि 15 वोट पोलिंग पार्टी ने अपनी मर्जी से प्रयोग किया था। 31 वोट दोबारा प्रयोग में लाए गए थे। कुछ वोट तीन बार भी पोल हुए। इस तरह 61 वोट फर्जी तरीके से डलवाए गए। जबकि भगवान दास 34 वोटों से पीछे रहे थे। उन्होंने कोर्ट को भगवान दास को सरपंच घोषित करने की मांग की। कोर्ट ने सरपंच पद का चुनाव निरस्त कर दिया।
दोबारा चुनाव कराने की मांग की
याचिकाकर्ता भगवान दास ने कोर्ट के सामने महेंद्र को सरपंच पद से तुरंत हटाने और दोबारा चुनाव कराने की मांग की। कहा कि वह कोर्ट के फैसले से खुश हैं। उनको सच्चाई साबित करने में करीब 11 महीने का समय लग गया। वह सरपंच और चुनाव पार्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करेंगे। कोर्ट के आदेश को पढ़ने के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। भगवान दास ने कोर्ट के सामने कहा कि उन्होंने फर्जी मतदान का चुनाव के दिन विरोध किया था। अधिकारियों और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्हें मतदान केंद्र से बाहर निकाल दिया जाता था।
हाईकोर्ट जाएंगे : महेंद्र
ग्राम पंचायत अहर के सरपंच महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से चुनाव जीता है। वे गांव का विकास लगातार करा रहे हैं। मतदान में फर्जी वोट डालने के आरोप निराधार थे। वह इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। एडवोकेट बलराज खर्ब ने बताया कि पिछले पंचायत चुनाव में कुराना सरपंच सत्यवान के चुनाव काे कोर्ट में चुनौती दी गई थी। उन्हाेंने स्थानीय कोर्ट के फैसले के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने चुनाव पर स्टे लगा दिया था। सत्यवान ने सरपंच पद का अपना कार्यकाल पूरा किया। वे होईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
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उन्होंने कोर्ट से सरपंंच घोषित करने की भी मांग की थी। कोर्ट ने इसमें चुनाव दोबारा कराने का फैसला सुनाया है। सरपंच महेंद्र सिंह ने कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। कोर्ट के फैसले के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
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याची पक्ष के वकील राजकुमार जीवन ने बताया कि अहर गांव में नवंबर 2022 में सरपंच का चुनाव हुआ था। इसमें भगवान दास भी सरपंच के प्रत्याशी थे। दूसरी तरफ से महेंद्र सिंह चुनाव मैदान में थे। भगवान दास का आरोप था कि महेंद्र सिंह ने पोलिंग पार्टी से मिलीभगत कर मृत लोगों का भी मतदान करा दिया।
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कुछ लोगों के दो बार मतदान किए। गांव से विदेश में गए लोगों तक का मतदान करा दिया गया। इन सबके चलते भगवान दास 34 वोट से चुनाव हार गए। कोर्ट ने उनकी याचिका पर पोलिंग पार्टी और सरपंच महेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया। पोलिंग पार्टी ने अपना सारा रिकॉर्ड पेश किया और सरपंच महेंद्र सिंह की तरफ से एडवोकेट बलराज खर्ब ने अपना पक्ष रखा।
कोर्ट के सामने खुली मिलीभगत की पोल
एडवोकेट राजकुमार जीवन ने बताया कि पोलिंग पार्टी से रिकॉर्ड मंगवाया गया। इसमें साफ हुआ कि 15 वोट पोलिंग पार्टी ने अपनी मर्जी से प्रयोग किया था। 31 वोट दोबारा प्रयोग में लाए गए थे। कुछ वोट तीन बार भी पोल हुए। इस तरह 61 वोट फर्जी तरीके से डलवाए गए। जबकि भगवान दास 34 वोटों से पीछे रहे थे। उन्होंने कोर्ट को भगवान दास को सरपंच घोषित करने की मांग की। कोर्ट ने सरपंच पद का चुनाव निरस्त कर दिया।
दोबारा चुनाव कराने की मांग की
याचिकाकर्ता भगवान दास ने कोर्ट के सामने महेंद्र को सरपंच पद से तुरंत हटाने और दोबारा चुनाव कराने की मांग की। कहा कि वह कोर्ट के फैसले से खुश हैं। उनको सच्चाई साबित करने में करीब 11 महीने का समय लग गया। वह सरपंच और चुनाव पार्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करेंगे। कोर्ट के आदेश को पढ़ने के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। भगवान दास ने कोर्ट के सामने कहा कि उन्होंने फर्जी मतदान का चुनाव के दिन विरोध किया था। अधिकारियों और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्हें मतदान केंद्र से बाहर निकाल दिया जाता था।
हाईकोर्ट जाएंगे : महेंद्र
ग्राम पंचायत अहर के सरपंच महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से चुनाव जीता है। वे गांव का विकास लगातार करा रहे हैं। मतदान में फर्जी वोट डालने के आरोप निराधार थे। वह इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। एडवोकेट बलराज खर्ब ने बताया कि पिछले पंचायत चुनाव में कुराना सरपंच सत्यवान के चुनाव काे कोर्ट में चुनौती दी गई थी। उन्हाेंने स्थानीय कोर्ट के फैसले के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने चुनाव पर स्टे लगा दिया था। सत्यवान ने सरपंच पद का अपना कार्यकाल पूरा किया। वे होईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।