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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में घोटाला : नौ प्लॉटों के आवंटन में धांधली
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पानीपत। घोटालों और भ्रष्टाचार से जूझ रहा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एक बार फिर बड़े घोटाले को लेकर सुर्खियों में आ गया है। नौ प्लाटों के आवंटन में धांधली मिली है। पंचकूला और रोहतक के तत्कालीन प्रशासक और पानीपत के तत्कालीन ईओ ने गलत तरीके से 11 करोड़ रुपये के नौ प्लाटों को ऑस्टीज कोटे के तहत महज 70 लाख रुपये में अलॉट कर दिया। इन प्लाटों को वर्ष 2007 की दरों के अनुसार आवंटित किया गया, जबकि वर्ष 2020 की दरों पर आवंटित करना था।
इसकी शिकायत मुख्य प्रशासक से की गई थी। मुख्य प्रशासक ने लीगत सेल से मामले की जांच कराई तो धांधली सामने आ गई है। लीगल सेल ने इस मामले की रिपोर्ट मुख्य सचिव और मुख्य प्रशासक को भेज दी है। जल्द इस मामले में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
इस तरह अंजाम दिया गया गड़बड़झाला
तत्कालीन अधिकारी ने प्लाटों को आवंटित करने के लिए रोहतक मुख्य प्रशासक को डिमांड भेजी थी। प्रशासक की ओर ये डिमांड मुख्य प्रशासक पंचकूला को भेजी गई। मुख्य प्रशासक ने सेक्टर 13-17 के प्लॉट नंबर 717 और 855 पी को आवंटित करने की अनुमति दी थी। इसी को आधार बनाकर अधिकारियों ने बिना अनुमति के 11 करोड़ रुपये कीमत के नौ प्लाट को गलत तरीके से आवंटित कर दिया। कई प्लाट ऑस्टीज कोटे के अंतर्गत भी नहीं आते थे। एक एक व्यक्ति के नाम दो-दो प्लाट आवंटित कर दिए गए। अगले ही दिन इन आवंटियों को मालिकाना हक भी दे दिया गया।
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सेक्टर 29, 24, 25, 13 और 17 में पहले लगाया चुका है करोड़ों का चूना
पिछले तीन साल में सेक्टर 29, 25, 24, 13 और 17 में 25 प्लाट को गलत तरीके से आवंटित किया जा चुका है। एक दशक पुरानी दरों पर करोड़ों की भूमि कौड़ियों के भाव भेजी जा चुकी है। ऐसे 25 प्लाट के मामलों की जांच हो चुकी है। आठ प्लॉट को जांच के बाद विभाग ने रिज्यूम (वापस लिया गया) भी कर लिया है। इन मामलों में फिलहाल कानूनी कार्रवाई भी चल रही है।
इन प्लॉटों का अलॉटमेंट गलत तरीके से हुआ
1. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 714 : 10 मरला : जसवंत देवी और गरिमा के नाम से आवंटन
2. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 589 : 1 कनाल : राजीव घई, प्रमोद कुमार और बाला देवी के नाम से आवंटन
3. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 653 : 1 कनाल : सुषमा, जतिन धवन और बिमल प्रसाद के नाम से आवंटन
4. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 855-पी : 10 मरला : मधुबाला, प्रमोद कुमार और आर्यन के नाम से आवंटन
5. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 1216 : 10 मरला : राम लुभाया और निशांत ढींगड़ा के नाम से आवंटन
6. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 828 : 10 मरला : स्नेहलता, जतिन धवन और शिवम फुटेला के नाम से आवंटन
7. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 511 : 10 मरला : बलदेव राज और कुसुम बांगर के नाम से आवंटन
8. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 1196 : 10 मरला :
9. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 3-पी : 10 मरला : संतोष महाजन के नाम से आवंटन
मामले की मुख्यालय स्तर पर जांच हुई है, अब भी सुनवाई चल रही
इस मामले की जांच मुख्यालय स्तर पर हुई है। अब भी मामले में सुनवाई चल रही है। मामले में जो भी आरोपी होगा उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर, एचएसवीपी
ऑस्टीज कोटे का नियम
नियम के अनुसार ऑस्टीज कोटे वाले प्लाट आवंटन के पांच साल बाद ही बिक सकते हैं।
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इसकी शिकायत मुख्य प्रशासक से की गई थी। मुख्य प्रशासक ने लीगत सेल से मामले की जांच कराई तो धांधली सामने आ गई है। लीगल सेल ने इस मामले की रिपोर्ट मुख्य सचिव और मुख्य प्रशासक को भेज दी है। जल्द इस मामले में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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इस तरह अंजाम दिया गया गड़बड़झाला
तत्कालीन अधिकारी ने प्लाटों को आवंटित करने के लिए रोहतक मुख्य प्रशासक को डिमांड भेजी थी। प्रशासक की ओर ये डिमांड मुख्य प्रशासक पंचकूला को भेजी गई। मुख्य प्रशासक ने सेक्टर 13-17 के प्लॉट नंबर 717 और 855 पी को आवंटित करने की अनुमति दी थी। इसी को आधार बनाकर अधिकारियों ने बिना अनुमति के 11 करोड़ रुपये कीमत के नौ प्लाट को गलत तरीके से आवंटित कर दिया। कई प्लाट ऑस्टीज कोटे के अंतर्गत भी नहीं आते थे। एक एक व्यक्ति के नाम दो-दो प्लाट आवंटित कर दिए गए। अगले ही दिन इन आवंटियों को मालिकाना हक भी दे दिया गया।
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सेक्टर 29, 24, 25, 13 और 17 में पहले लगाया चुका है करोड़ों का चूना
पिछले तीन साल में सेक्टर 29, 25, 24, 13 और 17 में 25 प्लाट को गलत तरीके से आवंटित किया जा चुका है। एक दशक पुरानी दरों पर करोड़ों की भूमि कौड़ियों के भाव भेजी जा चुकी है। ऐसे 25 प्लाट के मामलों की जांच हो चुकी है। आठ प्लॉट को जांच के बाद विभाग ने रिज्यूम (वापस लिया गया) भी कर लिया है। इन मामलों में फिलहाल कानूनी कार्रवाई भी चल रही है।
इन प्लॉटों का अलॉटमेंट गलत तरीके से हुआ
1. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 714 : 10 मरला : जसवंत देवी और गरिमा के नाम से आवंटन
2. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 589 : 1 कनाल : राजीव घई, प्रमोद कुमार और बाला देवी के नाम से आवंटन
3. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 653 : 1 कनाल : सुषमा, जतिन धवन और बिमल प्रसाद के नाम से आवंटन
4. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 855-पी : 10 मरला : मधुबाला, प्रमोद कुमार और आर्यन के नाम से आवंटन
5. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 1216 : 10 मरला : राम लुभाया और निशांत ढींगड़ा के नाम से आवंटन
6. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 828 : 10 मरला : स्नेहलता, जतिन धवन और शिवम फुटेला के नाम से आवंटन
7. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 511 : 10 मरला : बलदेव राज और कुसुम बांगर के नाम से आवंटन
8. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 1196 : 10 मरला :
9. सेक्टर-13/17 : प्लॉट नंबर 3-पी : 10 मरला : संतोष महाजन के नाम से आवंटन
मामले की मुख्यालय स्तर पर जांच हुई है, अब भी सुनवाई चल रही
इस मामले की जांच मुख्यालय स्तर पर हुई है। अब भी मामले में सुनवाई चल रही है। मामले में जो भी आरोपी होगा उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर, एचएसवीपी
ऑस्टीज कोटे का नियम
नियम के अनुसार ऑस्टीज कोटे वाले प्लाट आवंटन के पांच साल बाद ही बिक सकते हैं।