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ऑक्सीजन प्लांट की सप्लाई पाइप काटी, ट्रायल रुका
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पानीपत। सिविल अस्पताल में छह हजार लीटर की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट तैयार होने तीन माह बाद भी चालू नहीं हो सका है। इस बीच सोमवार की रात चोरों ने ऑक्सीजन प्लांट की पाइप लाइन को काट दिया। प्लांट से कई एंगल भी चोरी कर लिए। तारों को भी काटने का प्रयास किया गया। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट के ट्रायल का काम रुक गया है। अब मरम्मत के बाद ही यह संभव हो सकेगा।
हालांकि अस्पताल के कर्मचारियों ने चोर को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पाइपलाइन लीक होने के कारण ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल अब संभव नहीं है। मंगलवार को मैकेनिक ने पाइप लाइन की वेल्डिंग की है, लेकिन पाइप लाइन कितनी दुरुस्त हुई है, इसका पता ट्रायल में ही लगेगा।
बाल रोग विशेषज्ञों का न होना भी ट्रायल में रोड़ा
दूसरी ओर अस्पताल के दोनों बाल रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं, उनके ड्यूटी लौटने के बाद ही ट्रायल होगा, क्योंकि एसएनसीयू वार्ड में दाखिल बच्चों की देखभाल होना जरूरी है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले ही सिविल अस्पताल पानीपत को प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति निधि से ऑक्सीजन प्लांट की सौगात मिली थी। यह प्लांट हवा से प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन तैयार करेगा। इससे 150 बेड को 24 घंटे ऑक्सीजन आपूर्ति की जा सकेगी। इस प्लांट को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) डिजाइन किया है। लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) कंपनी ने कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीसीआर) के तहत यह प्लांट पीएम केयर्स फंड के जरिए बनाया है।
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लीकेज ठीक होने के बाद होगा ट्रायल
चोरों ने प्लांट से सामान चोरी का प्रयास किया था। पाइपलाइन को काट दिया था। इससे ऑक्सीजन लीकेज का भय है। प्लांट की मरम्मत कराई जा रही है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही ट्रायल किया जाएगा। - डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल
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हालांकि अस्पताल के कर्मचारियों ने चोर को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पाइपलाइन लीक होने के कारण ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल अब संभव नहीं है। मंगलवार को मैकेनिक ने पाइप लाइन की वेल्डिंग की है, लेकिन पाइप लाइन कितनी दुरुस्त हुई है, इसका पता ट्रायल में ही लगेगा।
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बाल रोग विशेषज्ञों का न होना भी ट्रायल में रोड़ा
दूसरी ओर अस्पताल के दोनों बाल रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं, उनके ड्यूटी लौटने के बाद ही ट्रायल होगा, क्योंकि एसएनसीयू वार्ड में दाखिल बच्चों की देखभाल होना जरूरी है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले ही सिविल अस्पताल पानीपत को प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति निधि से ऑक्सीजन प्लांट की सौगात मिली थी। यह प्लांट हवा से प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन तैयार करेगा। इससे 150 बेड को 24 घंटे ऑक्सीजन आपूर्ति की जा सकेगी। इस प्लांट को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) डिजाइन किया है। लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) कंपनी ने कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीसीआर) के तहत यह प्लांट पीएम केयर्स फंड के जरिए बनाया है।
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लीकेज ठीक होने के बाद होगा ट्रायल
चोरों ने प्लांट से सामान चोरी का प्रयास किया था। पाइपलाइन को काट दिया था। इससे ऑक्सीजन लीकेज का भय है। प्लांट की मरम्मत कराई जा रही है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही ट्रायल किया जाएगा। - डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल