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Panipat News: डाक विभाग की ओटीपी आधारित डिलीवरी सेवा आज से शुरू
Wed, 01 Oct 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:19 AM IST
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जिला मुख्य डाकघर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। डाक विभाग ने जहां रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट को मर्ज कर नई व्यवस्था लागू की है, वहीं सुरक्षा और पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए ओटीपी आधारित डिलीवरी सेवा की भी शुरुआत की है। इन नई व्यवस्थाओं से डाक सेवाओं का स्तर और ऊंचा होगा तथा उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक सेवा मिल पाएगी। ये सेवाएं 1 अक्टूबर से लागू हो रही हैं।
अब तक रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट दोनों अलग-अलग सेवाओं के रूप में उपलब्ध थीं। रजिस्ट्री पोस्ट में डाक को केवल उस व्यक्ति को दिया जाता था जिसके नाम से वह पत्र या पार्सल आया हो। जबकि स्पीड पोस्ट में सुविधा अधिक आसान थी, पते पर कोई भी व्यक्ति मौजूद हो तो उसे डाक दे दी जाती थी। इस कारण अक्सर लोग स्पीड पोस्ट को प्राथमिकता देते थे। अब डाक विभाग ने दोनों सेवाओं को मर्ज कर दिया है।
इसका मतलब है कि ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार चाहे तो रजिस्ट्री पोस्ट करवाए या स्पीड पोस्ट। फर्क सिर्फ इतना होगा कि यदि स्पीड पोस्ट करवाई जाती है तो पते पर जो भी व्यक्ति मौजूद होगा, उसे डाक दे दी जाएगी लेकिन यदि रजिस्ट्री पोस्ट करवाई जाती है तो डाक केवल उसी व्यक्ति को दी जाएगी जिसके नाम से वह पत्र या पार्सल आया है। किसी अन्य को यह डाक नहीं सौंपी जाएगी। इस नई व्यवस्था के लिए डाक विभाग ने रजिस्ट्री पोस्ट पर अतिरिक्त पांच रुपये तथा जीएसटी लागू किया है। यह शुल्क इसलिए रखा गया है ताकि उपभोक्ता के पास विकल्प रहे और सेवाओं को बेहतर सुरक्षा के साथ आगे बढ़ाया जा सके।
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डाक विभाग ने 1 अक्टूबर से एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है ओटीपी आधारित डिलीवरी सेवा। इस सेवा में यदि किसी व्यक्ति के नाम से कोई रजिस्ट्री या पोस्ट आती है तो उसके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। यह ओटीपी बताने के बाद ही उसे डाक सौंपी जाएगी। इस सेवा के लिए भी डाक विभाग ने पांच रुपये अतिरिक्त शुल्क और जीएसटी निर्धारित किया है। अब ओटीपी वेरिफिकेशन से यह सुनिश्चित होगा कि डाक केवल सही व्यक्ति तक ही पहुंचे।
विभाग लगातार सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर काम कर रहा है। अब ग्राहक के पास विकल्प रहेगा कि वह स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री में से अपनी आवश्यकता के अनुसार चुनाव कर सके। ओटीपी आधारित सेवा से सुरक्षा स्तर और ऊंचा होगा तथा गलत व्यक्ति को डाक मिलने की संभावना समाप्त हो जाएगी।
- सुरेश कुमार राठौर, पोस्टमास्टर
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पानीपत। डाक विभाग ने जहां रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट को मर्ज कर नई व्यवस्था लागू की है, वहीं सुरक्षा और पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए ओटीपी आधारित डिलीवरी सेवा की भी शुरुआत की है। इन नई व्यवस्थाओं से डाक सेवाओं का स्तर और ऊंचा होगा तथा उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक सेवा मिल पाएगी। ये सेवाएं 1 अक्टूबर से लागू हो रही हैं।
अब तक रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट दोनों अलग-अलग सेवाओं के रूप में उपलब्ध थीं। रजिस्ट्री पोस्ट में डाक को केवल उस व्यक्ति को दिया जाता था जिसके नाम से वह पत्र या पार्सल आया हो। जबकि स्पीड पोस्ट में सुविधा अधिक आसान थी, पते पर कोई भी व्यक्ति मौजूद हो तो उसे डाक दे दी जाती थी। इस कारण अक्सर लोग स्पीड पोस्ट को प्राथमिकता देते थे। अब डाक विभाग ने दोनों सेवाओं को मर्ज कर दिया है।
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इसका मतलब है कि ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार चाहे तो रजिस्ट्री पोस्ट करवाए या स्पीड पोस्ट। फर्क सिर्फ इतना होगा कि यदि स्पीड पोस्ट करवाई जाती है तो पते पर जो भी व्यक्ति मौजूद होगा, उसे डाक दे दी जाएगी लेकिन यदि रजिस्ट्री पोस्ट करवाई जाती है तो डाक केवल उसी व्यक्ति को दी जाएगी जिसके नाम से वह पत्र या पार्सल आया है। किसी अन्य को यह डाक नहीं सौंपी जाएगी। इस नई व्यवस्था के लिए डाक विभाग ने रजिस्ट्री पोस्ट पर अतिरिक्त पांच रुपये तथा जीएसटी लागू किया है। यह शुल्क इसलिए रखा गया है ताकि उपभोक्ता के पास विकल्प रहे और सेवाओं को बेहतर सुरक्षा के साथ आगे बढ़ाया जा सके।
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डाक विभाग ने 1 अक्टूबर से एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है ओटीपी आधारित डिलीवरी सेवा। इस सेवा में यदि किसी व्यक्ति के नाम से कोई रजिस्ट्री या पोस्ट आती है तो उसके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। यह ओटीपी बताने के बाद ही उसे डाक सौंपी जाएगी। इस सेवा के लिए भी डाक विभाग ने पांच रुपये अतिरिक्त शुल्क और जीएसटी निर्धारित किया है। अब ओटीपी वेरिफिकेशन से यह सुनिश्चित होगा कि डाक केवल सही व्यक्ति तक ही पहुंचे।
विभाग लगातार सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर काम कर रहा है। अब ग्राहक के पास विकल्प रहेगा कि वह स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री में से अपनी आवश्यकता के अनुसार चुनाव कर सके। ओटीपी आधारित सेवा से सुरक्षा स्तर और ऊंचा होगा तथा गलत व्यक्ति को डाक मिलने की संभावना समाप्त हो जाएगी।
- सुरेश कुमार राठौर, पोस्टमास्टर