{"_id":"6a14bd7def751392680f246f","slug":"opposition-to-indian-language-summer-camps-intensifies-amid-scorching-heat-with-several-districts-ordering-suspensions-panipat-news-c-244-1-sknl1016-157860-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: भीषण गर्मी में भारतीय भाषा समर कैंप का विरोध तेज, कई जिलों में स्थगन के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: भीषण गर्मी में भारतीय भाषा समर कैंप का विरोध तेज, कई जिलों में स्थगन के आदेश
Tue, 26 May 2026 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 26 May 2026 02:52 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। भीषण गर्मी और लू के बीच ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित किए जाने वाले भारतीय भाषा समर कैंप पर प्रदेशभर में शिक्षकों का विरोध तेज होता जा रहा है। शिक्षा विभाग ने 2 से 8 जून तक सभी सरकारी विद्यालयों में सात दिवसीय कैंप आयोजित करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि लगातार बढ़ते तापमान और लू के बीच कई जिलों में कैंप स्थगित किए जाने के बाद अब पानीपत के शिक्षक भी राहत भरे निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल जिले में समर कैंप स्थगित करने संबंधी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
विभागीय निर्देशों के अनुसार ये शिविर प्रतिदिन दो घंटे संचालित किए जाएंगे। कक्षा छठी से आठवीं तथा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर भाषा दक्षता, पठन-पाठन, लेखन, संवाद और रचनात्मक गतिविधियां करवाई जाएंगी। प्रत्येक विद्यालय में समर कैंप रजिस्टर तैयार करने तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति और गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं। बीईओ और बीआरसी को कैंप की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हालांकि शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब सरकार स्वयं गर्मी को देखते हुए 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर चुकी है, तो ऐसे समय में बच्चों और शिक्षकों को स्कूल बुलाना उचित नहीं है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसे विरोधाभासी फैसला बताया है। उनका कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही अवकाश अवधि में लगातार शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होने से शिक्षकों को वास्तविक अवकाश भी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन-1
भीषण गर्मी के बीच समर कैंप आयोजित करना विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। सरकार एक ओर गर्मी से बचाव के लिए अवकाश घोषित कर रही है और दूसरी ओर स्कूलों में कैंप लगाने के निर्देश दे रही है, जो विरोधाभासी स्थिति है। ऐसे कैंप जुलाई या अगस्त में आयोजित किए जाएं, जब मौसम अनुकूल हो। -अजेंद्र कुंडू, प्रांत प्रवक्ता, हसला
वर्जन-2
भारतीय भाषा समर कैंप विद्यार्थियों की भाषा क्षमता, अभिव्यक्ति और रचनात्मक कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग से सभी विद्यालयों को कैंप संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पानीपत जिले में कैंप स्थगित करने संबंधी कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। -राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत
विज्ञापन
पानीपत। भीषण गर्मी और लू के बीच ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित किए जाने वाले भारतीय भाषा समर कैंप पर प्रदेशभर में शिक्षकों का विरोध तेज होता जा रहा है। शिक्षा विभाग ने 2 से 8 जून तक सभी सरकारी विद्यालयों में सात दिवसीय कैंप आयोजित करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि लगातार बढ़ते तापमान और लू के बीच कई जिलों में कैंप स्थगित किए जाने के बाद अब पानीपत के शिक्षक भी राहत भरे निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल जिले में समर कैंप स्थगित करने संबंधी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
विभागीय निर्देशों के अनुसार ये शिविर प्रतिदिन दो घंटे संचालित किए जाएंगे। कक्षा छठी से आठवीं तथा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर भाषा दक्षता, पठन-पाठन, लेखन, संवाद और रचनात्मक गतिविधियां करवाई जाएंगी। प्रत्येक विद्यालय में समर कैंप रजिस्टर तैयार करने तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति और गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं। बीईओ और बीआरसी को कैंप की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
हालांकि शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब सरकार स्वयं गर्मी को देखते हुए 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर चुकी है, तो ऐसे समय में बच्चों और शिक्षकों को स्कूल बुलाना उचित नहीं है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसे विरोधाभासी फैसला बताया है। उनका कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही अवकाश अवधि में लगातार शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होने से शिक्षकों को वास्तविक अवकाश भी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन-1
भीषण गर्मी के बीच समर कैंप आयोजित करना विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। सरकार एक ओर गर्मी से बचाव के लिए अवकाश घोषित कर रही है और दूसरी ओर स्कूलों में कैंप लगाने के निर्देश दे रही है, जो विरोधाभासी स्थिति है। ऐसे कैंप जुलाई या अगस्त में आयोजित किए जाएं, जब मौसम अनुकूल हो। -अजेंद्र कुंडू, प्रांत प्रवक्ता, हसला
वर्जन-2
भारतीय भाषा समर कैंप विद्यार्थियों की भाषा क्षमता, अभिव्यक्ति और रचनात्मक कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग से सभी विद्यालयों को कैंप संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पानीपत जिले में कैंप स्थगित करने संबंधी कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। -राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत