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लगाए जा रहे सफाई टेंडरों की शर्तों-नियमों का विरोध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 02:00 AM IST
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Opposing the conditions and rules of the cleaning tenders being imposed
पानीपत। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शहर को चार जोन में बांटकर अलग-अलग टेंडर लगाने की प्रक्रिया नगर निगम ने शुरू की, लेकिन अब इस पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। अबकी विरोध की वजह है- टेंडर की शर्तें एवं नियम। पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगा रहा है कि एक ही कंपनी को लाभ देने के लिए ऐसी शर्तेँ और नियम बनाए गए हैं।
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विरोध करने वाले पार्षदों का कहना है कि इन हालातों में चार जोन में टेंडर लगाने का क्या फायदा। उनका कहना है कि इन नियमों एवं शर्तों के साथ मध्यम या छोटी एजेंसी टेंडरों को नहीं भर सकेंगी। टेंडरों की नियम एवं शर्तों को लेकर कुछ सफाई एजेंसियों ने भी विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में एजेंसियों ने निगम मुख्यालय में संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
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दरअसल, खास बात ये है कि निगम ने ये टेंडर पांच साल के लिए लगाए हैं, जिसे पांच साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इसमें हर वर्ष दस प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान भी है। वहीं, जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब निगम को ये टेंडर पुरानी एजेंसी और ठेकेदारों को ही देना था तो इसे दोबारा लगवाया ही क्यों जा रहा है। उधर, चार जोन बनाने वाली कमेटी का कहना है कि अगर नियम एवं शर्तें मुश्किल होंगी तो इनमें संशोधन कराया जाएगा। वहीं, अगर किसी व्यक्ति विशेष को लाभ देने का प्रयास किया गया है तो कमेटी इसके खिलाफ कार्यवाही करने में सक्षम है।
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- ये नियम और शर्तें लगाई गईं
- बिडर के पास पांच साल में से तीन साल सफाई के काम का अनुभव होना चाहिए। ये अनुभव सरकारी या निकाय संस्था का ही होना चाहिए।
- पिछले पांच साल में से तीन साल की टर्नओवर पांच करोड़ रुपये होना चाहिए।
- एजेंसी ईएसआई, ईपीएफ एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए। पैन नंबर, इनकम टैक्स, तीन साल की बैलेंस शीट भी होनी चाहिए।
- बिडर की नेट वर्थ पॉजिटिव होनी चाहिए, वह भी यूडीआईएन सर्टिफिकेशन के साथ
- बिडर के पास आईएसओ 9001: 2015 के तहत पिछले दो साल का लाइसेंस होना चाहिए, जो आगामी तीन साल के लिए वैध भी हो।
- बिडर के पास सीई का सर्टिफिकेट होना चाहिए। इसके अलावा 14001-2015 एक्ट के तहत तीन साल पुराना और आगामी दो साल का लाइसेंस सर्टिफिकेट होना चाहिए। इसके अलावा एक्ट 14001-2016 के तहत भी तीन साल पुराना और आगामी दो साल का लाइसेंस सर्टिफिकेट भी जरूरी होना चाहिए। इसके अलावा 14001-2019 के तहत एक साल पुराना समेत दो साल आगामी साल का लाइसेंस सर्टिफिकेट होना आवश्यक है।
- बिडर को निर्धारित समय से तीन दिन पहले ऑटो कैड की एक ड्रांइग भी निगम में जमा करवानी होगी। जिसमें प्रस्तावित प्लान देना होगा।
बदलवाएंगे शर्तें, चाहे टेंडर दोबारा लगवाना पड़े
कमेटी और पार्षदों ने फैसला लिया था कि नए टेंडर की नियम व शर्तें साधारण होनी चाहिए ताकि कोई भी साधारण कंपनी टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सके। अगर निगम ने नियम कड़े किए हैं तो इसके लिए एक्शन लिया जाएगा। किसी व्यक्ति विशेष को इसका लाभ लेने नहीं दिया जाएगा। -लोकेश नांगरू, पार्षद वार्ड नंबर 20

एक्शन लेने में कमेटी सक्षम
टेंडर की शर्तें साधारण होनी चाहिए। अगर इसमें किसी व्यक्ति विशेष को लाभ देने का प्रयास किया गया है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। अगर ऐसा मिला तो उनके खिलाफ कमेटी फैसला लेने में सक्षम है। इस बारे में अधिकारियों, पार्षदों व कमेटी के बाकी सदस्यों से बातचीत की जाएगी। -रविंद्र भाटिया, पार्षद वार्ड नंबर 10
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