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शाम को ऑपरेशन, रात को मौत
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Sun, 08 Jun 2014 12:43 AM IST
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शहर के अग्रसेन अस्पताल में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकाें पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
मामले को भड़कता देख अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को मनाकर शव बिना पोस्टमार्टम कराए ही सौंप दिया। वहीं सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मामला शनिवार दोपहर के समय भड़का। शहर के अग्रसेन अस्पताल में शांति नगर शामली, यूपी निवासी कृष्ण पाल (42) की आईसीयू में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही परिवार व रिश्तेदार पहुंच गए और अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से ही कृष्ण पाल की मौत हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल में पहुंची। अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ सदस्यों ने परिजनों को मनाने का प्रयास किया और उनको बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले जाने की सलाह दी।
परिजनों के अन्य सदस्यों ने पोस्टमार्टम कराने की मांग की लेकिन डॉक्टरों ने उनको परेशान न होने की सलाह दी और बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिजनों को सौंप दिया।
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ऑपरेशन के बाद आईसीयू में ले गए थे
कुटानी रोड निवासी बिजेंद्र ने बताया कि शामली निवासी रिश्तेदार कृष्णपाल के घर से बीती देर रात को फोन आया। जिसके बाद वह अस्पताल में पहुंचे।
यहां किसी ने भी उन्हें आईसीयू में नहीं जाने दिया। वह काफी झगड़े के बाद अंदर गए तो देखा कि कृष्णपाल खून से लथपथ था और माथे पर भी टांके लगे थे।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की लापरवाही से ही कृष्णपाल की मौत हुई है। लड़के अनिल ने बताया कि शुक्रवार शाम को चार बजे उसके पिता कृष्णपाल का ऑपरेशन किया गया था और डॉक्टरों ने ऑपरेशन को सफल बताया था। जिसके बाद उन्हें आईसीयू में ले गए और देर रात को तबीयत खराब होने की सूचना मिली।
अस्पताल प्रबंधन पर उठाए सवाल
परिजन सुभाष, वेदपाल, तेजपाल, नीरज, सतेंद्र व सुनील कृष्णपाल की मौत में अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि आईसीयू में हर समय स्टाफ रहता है।
कृष्णपाल का इस तरह से खून से लथपथ होना प्रबंधन पर शक पैदा कर रहा है। वे सूचना मिलते ही अस्पताल में पहुंच गए थे लेकिन उनको शनिवार दोपहर तक भी शव देखने नहीं दिया गया। उन्होंने इलाज के दौरान गलत दवा या इंजेक्शन लगने की भी शंका जताई है।
बेड से गिरना बड़ी बात
कृष्णपाल का आईसीयू में बेड से नीचे गिरना बड़ी बात है। यहां पर हर समय डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ रहता है। अस्पताल प्रबंधन भी इस बात को मान रहा है।
परिजन डॉ. दीपक भारद्वाज से मिले तो उन्होंने खुद कहा कि कृष्णपाल बेड से नीचे गिर गया था। वह दौरे के चलते नीचे गिरा। स्टाफ ने संभालना चाहा लेकिन वह काबू में नहीं आया और एक बार फिर से गिर गया।
भैंस ने मारी थी लात
परिजनों ने बताया कि कई दिन पहले कृष्णपाल भैंस का दूध निकाल रहा था कि भैंस ने उसके सिर में लात मार दी थी। वे उसे शामली के एक अस्पताल में ले गए थे।
यहां से डॉक्टरों ने उसे रेफर किया था। वे उसे दिल्ली के एक अस्पताल में ले गए। इसके बाद यहां से महाराजा अग्रसेन अस्पताल में ले आए थे। यहां पर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम को उसके सिर का सफल ऑप्रेशन किया था और उसे खतरे से बाहर बताया था।
पहले भी हो चुकी है लापरवाही
निजी अस्पताल में कृष्णपाल की इलाज के दौरान मौत नया मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर के एक निजी अस्पताल में एक महिला की मौत हो चुकी है।
बीते दिन गोहाना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में एक महिला की इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था और पुलिस ने इसमें अस्पताल संचालक व एक नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सुरेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना शहर पानीपत ने बताया कि महाराजा अग्रसेन में मरीज की मौत की कोई सूचना नहीं मिली और न ही इस तरह की शिकायत मिली है। पुलिस को ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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मामले को भड़कता देख अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को मनाकर शव बिना पोस्टमार्टम कराए ही सौंप दिया। वहीं सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मामला शनिवार दोपहर के समय भड़का। शहर के अग्रसेन अस्पताल में शांति नगर शामली, यूपी निवासी कृष्ण पाल (42) की आईसीयू में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही परिवार व रिश्तेदार पहुंच गए और अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से ही कृष्ण पाल की मौत हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल में पहुंची। अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ सदस्यों ने परिजनों को मनाने का प्रयास किया और उनको बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले जाने की सलाह दी।
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परिजनों के अन्य सदस्यों ने पोस्टमार्टम कराने की मांग की लेकिन डॉक्टरों ने उनको परेशान न होने की सलाह दी और बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिजनों को सौंप दिया।
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ऑपरेशन के बाद आईसीयू में ले गए थे
कुटानी रोड निवासी बिजेंद्र ने बताया कि शामली निवासी रिश्तेदार कृष्णपाल के घर से बीती देर रात को फोन आया। जिसके बाद वह अस्पताल में पहुंचे।
यहां किसी ने भी उन्हें आईसीयू में नहीं जाने दिया। वह काफी झगड़े के बाद अंदर गए तो देखा कि कृष्णपाल खून से लथपथ था और माथे पर भी टांके लगे थे।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की लापरवाही से ही कृष्णपाल की मौत हुई है। लड़के अनिल ने बताया कि शुक्रवार शाम को चार बजे उसके पिता कृष्णपाल का ऑपरेशन किया गया था और डॉक्टरों ने ऑपरेशन को सफल बताया था। जिसके बाद उन्हें आईसीयू में ले गए और देर रात को तबीयत खराब होने की सूचना मिली।
अस्पताल प्रबंधन पर उठाए सवाल
परिजन सुभाष, वेदपाल, तेजपाल, नीरज, सतेंद्र व सुनील कृष्णपाल की मौत में अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि आईसीयू में हर समय स्टाफ रहता है।
कृष्णपाल का इस तरह से खून से लथपथ होना प्रबंधन पर शक पैदा कर रहा है। वे सूचना मिलते ही अस्पताल में पहुंच गए थे लेकिन उनको शनिवार दोपहर तक भी शव देखने नहीं दिया गया। उन्होंने इलाज के दौरान गलत दवा या इंजेक्शन लगने की भी शंका जताई है।
बेड से गिरना बड़ी बात
कृष्णपाल का आईसीयू में बेड से नीचे गिरना बड़ी बात है। यहां पर हर समय डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ रहता है। अस्पताल प्रबंधन भी इस बात को मान रहा है।
परिजन डॉ. दीपक भारद्वाज से मिले तो उन्होंने खुद कहा कि कृष्णपाल बेड से नीचे गिर गया था। वह दौरे के चलते नीचे गिरा। स्टाफ ने संभालना चाहा लेकिन वह काबू में नहीं आया और एक बार फिर से गिर गया।
भैंस ने मारी थी लात
परिजनों ने बताया कि कई दिन पहले कृष्णपाल भैंस का दूध निकाल रहा था कि भैंस ने उसके सिर में लात मार दी थी। वे उसे शामली के एक अस्पताल में ले गए थे।
यहां से डॉक्टरों ने उसे रेफर किया था। वे उसे दिल्ली के एक अस्पताल में ले गए। इसके बाद यहां से महाराजा अग्रसेन अस्पताल में ले आए थे। यहां पर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम को उसके सिर का सफल ऑप्रेशन किया था और उसे खतरे से बाहर बताया था।
पहले भी हो चुकी है लापरवाही
निजी अस्पताल में कृष्णपाल की इलाज के दौरान मौत नया मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर के एक निजी अस्पताल में एक महिला की मौत हो चुकी है।
बीते दिन गोहाना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में एक महिला की इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था और पुलिस ने इसमें अस्पताल संचालक व एक नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सुरेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना शहर पानीपत ने बताया कि महाराजा अग्रसेन में मरीज की मौत की कोई सूचना नहीं मिली और न ही इस तरह की शिकायत मिली है। पुलिस को ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।