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अस्पताल में जल्द बंद हो सकती है ओपीडी व मेडिकल सर्टिफिकेट सेवाएं
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पानीपत। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के बीच अब सिविल अस्पताल में जल्द ही ओपीडी, गैर जरूरी सर्जरी के साथ ही विकलांगता एवं अन्य मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट सेवाएं बंद की जा सकती हैं। सिविल अस्पताल में बढ़ने वाली भीड़ के मद्देनजर यह फैसला लिया जा सकता है।
इस संबंध में डीजी हेल्थ सिविल सर्जन के साथ बैठक कर चुके हैं। निर्देश आने के बाद सिविल अस्पताल में कोरोना रोगियों का ट्रीटमेंट, डिलिवरी, बाल रोगियों का इलाज और इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहेंगी। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि कोरोना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल में भी रोगियों की भीड़ रहती है। इससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी संक्रमित होने का भय है। इसलिए सरकार जल्द गैर जरूरी सेवाएं बंद कर सकती है। अस्पताल में कोविड रोगियों के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। आईसीयू वार्ड तैयार कर लिया गया है। 15 वेंटिलेटर लगाए गए हैं और कोविड रोगियों के लिए 98 बेड लगाए गए हैं। 54 बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई है।
कोरोना से जंग जीतने के बाद लोग मोटापे और अवसाद के शिकार होने लगे हैं। इसके अलावा अस्थमा, बदन दर्द और अवसाद के मरीज भी बढ़े हैं। सिविल अस्पताल में इसके लिए पोस्ट कोविड सेंटर बनाया गया है। हर रोज सेंटर में 10-15 ओपीडी हो रही हैं। सेंटर की इंचार्ज डॉ. अनुराधा ने बताया कि मोटापे और अवसाद के मरीजों की काउंसलिंग की जा रही है। उन्हें फिजियोथेरेपी, योग, अभ्यास और खानपान से संबंधित जानकारी देने के साथ-साथ मानसिक तनाव से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। अन्य मरीजों को भी बीमारी से उबरने के लिए सलाह दी जा रही है। डाक्टरों का कहना है कि हम कोरोना को जागरूकता से ही हरा सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कोविड गाइडलाइन का पालन करते रहे, ताकि सभी सुरक्षित रह सकें।
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इस संबंध में डीजी हेल्थ सिविल सर्जन के साथ बैठक कर चुके हैं। निर्देश आने के बाद सिविल अस्पताल में कोरोना रोगियों का ट्रीटमेंट, डिलिवरी, बाल रोगियों का इलाज और इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहेंगी। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि कोरोना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल में भी रोगियों की भीड़ रहती है। इससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी संक्रमित होने का भय है। इसलिए सरकार जल्द गैर जरूरी सेवाएं बंद कर सकती है। अस्पताल में कोविड रोगियों के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। आईसीयू वार्ड तैयार कर लिया गया है। 15 वेंटिलेटर लगाए गए हैं और कोविड रोगियों के लिए 98 बेड लगाए गए हैं। 54 बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई है।
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कोरोना से जंग जीतने के बाद लोग मोटापे और अवसाद के शिकार होने लगे हैं। इसके अलावा अस्थमा, बदन दर्द और अवसाद के मरीज भी बढ़े हैं। सिविल अस्पताल में इसके लिए पोस्ट कोविड सेंटर बनाया गया है। हर रोज सेंटर में 10-15 ओपीडी हो रही हैं। सेंटर की इंचार्ज डॉ. अनुराधा ने बताया कि मोटापे और अवसाद के मरीजों की काउंसलिंग की जा रही है। उन्हें फिजियोथेरेपी, योग, अभ्यास और खानपान से संबंधित जानकारी देने के साथ-साथ मानसिक तनाव से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। अन्य मरीजों को भी बीमारी से उबरने के लिए सलाह दी जा रही है। डाक्टरों का कहना है कि हम कोरोना को जागरूकता से ही हरा सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कोविड गाइडलाइन का पालन करते रहे, ताकि सभी सुरक्षित रह सकें।
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