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सेवा भावना से भटकी हरियाणा कमेटी, चौधर की लड़ाई में उलझी : धामी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 03:14 AM IST
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Occupying the Miri-Piri Institute
शाहाबाद। जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी व सिख - फोटो : Family
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-मीरी पीरी मेडिकल संस्थान के विवाद पर बोले- हरियाणा कमेटी आज तक सही रूप से गुरुघरों की संभाल नहीं कर पाई, मेडिकल संस्थान के संभालने का किया जा रहा दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। हरियाणा कमेटी सेवा की भावना से भटक कर केवल चौधर की लड़ाई में उलझ कर रह गई है। आपसी फूट के चलते हरियाणा कमेटी का बजट तक पास नहीं हो सका। यह कहना है शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी का।
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वे 20 मार्च को मीरी पीरी मेडिकल संस्थान में हुए विवाद के बाद मंगलवार को यहां पहुंचे थे। यहां उन्होंने बड़ी संख्या में जुटी संगत को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हरियाणा कमेटी को निशाने पर लिया और कहा कि मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के निर्माण और संचालन के लिए एसजीपीसी अब तक 145 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इतना ही नहीं, हाल ही में पारित बजट में भी संस्थान के लिए आठ करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। इसके विपरीत हरियाणा कमेटी का पूरा वार्षिक बजट ही मात्र 103 करोड़ रुपये है, जिससे उसकी कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
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उन्होंने कहा कि जो कमेटी अपने अधीन गुरुद्वारों और संस्थानों की समुचित सेवा-संभाल नहीं कर पा रही, वह मीरी-पीरी जैसे बड़े संस्थान की जिम्मेदारी उठाने की बात कैसे कर सकती है। धामी ने वर्ष 2014 में हरियाणा कमेटी के पास हुए एक्ट का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय उन्होंने जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी को सुझाव दिया था कि कमेटी को श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में बनाया जाए। लेकिन उन्होंने सरकार के संरक्षण को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज सामने है कि कमेटी आज तक स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि यदि कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब के अधीन होती, तो समस्याओं का समाधान निकल सकता था, लेकिन सरकारी हस्तक्षेप ने इसे केवल नाम मात्र की संस्था बनाकर रख दिया है।
मीरी-पीरी संस्थान में मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर धामी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से एनओसी जारी करने की मांग दोहराई।

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दादूवाल जैसे लोग खराब कर रहे माहौल
हरजिंद्र सिंह धामी ने दादूवाल को निशाने पर लिया और कहा कि उनके जैसे कुछ लोगों को सरकारें अपने स्वार्थ के लिए आगे करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों में हार चुके व्यक्तियों को सरकार द्वारा नामित कर कमेटी में शामिल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, जिसका खामियाजा आज पूरी कमेटी भुगत रही है। धामी ने हरियाणा कमेटी को सलाह दी कि वह श्री अकाल तख्त साहिब के अधीन रहकर कार्य करे, तभी वर्तमान समस्याओं का समाधान संभव है।


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एसपी को सौंपा ज्ञापन, दादूवाल पर कार्रवाई की मांग

धामी ने एसपी चंद्रमोहन को ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाते हुए कहा कि 20 मार्च को मीरी-पीरी संस्थान पर कब्जा करने के उद्देश्य से आये बलजीत सिंह दादूवाल और उनके समर्थकों पर एफआईआर दर्ज की जाए। इसके साथ ही मीर-पीरी ट्रस्ट के बेकसूर समर्थकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए । सौंपे ज्ञापन पर पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी अन्यथा जल्द ही सिख संगत की मौजूदगी में अगली रणनीति तय की जाएगी। इस अवसर पर एसीजपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क, बलदेव सिंह कायमपुरी, हरकेश मोहड़ी, जगदेव सिंह गाबा सहित हरियाणा कमेटी के कईं सदस्य मौजूद रहे।
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