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अंकों पर आपत्तियां तो बोर्ड करेगा निपटारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 01:56 AM IST
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Objections on marks will be settled by the board
पानीपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 30 जुलाई को घोषित किए 12वीं कक्षा के परिणाम में अंकों से असंतुष्ट छात्रों को अपने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र के माध्यम से अपनी आपत्तियां बतानी होंगी। सीबीएसई ने रविवार को जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि इसके लिए वे छात्र विवाद को लेकर दावा कर सकते हैं जो अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या फिर समिति की ओर से अंक गणना में गलती है। साथ ही नई मूल्यांकन नीति को लेकर आपत्ति रखने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए चार चरणों की मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है।
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परिणाम तैयार करने वाली समिति आपत्तियों के आधार पर परिणाम की जांच करेगी। जांच में परिणाम सही मिलता है और आपत्ति का कोई कारण नहीं निकलता है तो छात्र को समिति की ओर से जवाब भेज दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का रिकार्ड स्कूलों को भी ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से अपने पास रखना होगा। बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया को टाइप-एक श्रेणी में रखा है। सीबीएसई के अनुसार, यदि छात्रों के मूल्यांकन में कोई गलती पाई जाती है तो परिणाम समिति की ओर से सभी दस्तावेजों के साथ गलती होने व इसके प्रभाव को लेकर स्कूलों को सूचित किया जाएगा।
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साथ ही स्कूल के प्रधानाचार्य व परिणाम समिति के अध्यक्ष द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय में भी सूचना दी जाएगी। इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय अधिकारी द्वारा इस मामले में निर्णय लेकर जरूरी सुधार किया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से इस तरह के सभी मामलों को मुख्यालय में भी रिपोर्ट देनी होगी। स्कूलों की ओर से क्षेत्रीय कार्यालयों में स्कूल रिक्वेस्ट सबमिशन फार रिसोल्यूशन (एसआरएसआर) के माध्यम से आवेदन भेजा जाएगा। इसके लिए स्कूल लाग-इन करने पर लिंक से आवेदन भेज सकेंगे। आवेदन करते समय स्कूलों को टाइप-2 पर क्लिक करना होगा।
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गलत अंकों के विवाद में स्कूलों को करना होगा आवेदन
जारी सर्कुलर के अनुसार यदि छात्रों का गलत अंकों को लेकर विवाद है तो स्कूल की ओर से लॉग-इन कर लिंक से टाइप-3 पर क्लिक कर आवेदन करना होगा। इसके तहत अंकों की गलत गणना व परिणाम अपलोड करने में हुई त्रुटि की जांच की जाएगी। इसकी जांच के लिए सीबीएसई के सहायक सचिव, केंद्रीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य, निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य व शिक्षा निदेशक स्तर तक के अधिकारी जांच समिति में शामिल होंगे। समिति अपनी जांच पूरी कर क्षेत्रीय कार्यालयों को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच करने पर यदि परिणाम में कोई गलती नहीं पाई जाती है तो क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से छात्रों को जानकारी दी जाएगी। वहीं, यदि परिणाम में कोई गलती है तो ऐसे परिणामों में क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा सुधार किया जाएगा व इस संबंध में मुख्यालय को भी रिपोर्ट भेजनी होगी।
आपत्ति को लेकर पूरा विवरण देना होगा अनिवार्य
सीबीएसई के अनुसार यदि किसी छात्र को बोर्ड की नई मूल्यांकन नीति से आपत्ति है तो इसके लिए स्कूलों की ओर से टाइप-4 पर क्लिक कर आवेदन करना होगा। आपत्ति को लेकर पूरा विवरण देना अनिवार्य है। इसके बाद विवाद को संयुक्त सचिव और उप सचिव व इससे ऊपर के अधिकारी और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य की अध्यक्षता वाले बोर्ड में रखा जाएगा। समिति अपने सुझाव परीक्षा नियंत्रक को देगी व परीक्षा नियंत्रक मामले में निर्णय लेंगे। यदि विवाद सही नहीं पाया जाता है तो सीबीएसई की ओर से स्कूल को सूचित किया जाएगा। वहीं, विवाद सही पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
14 तक हो जाएगा निपटारा
परीक्षा अंकों से जुड़े विवाद को निपटाने के लिए सीबीएसई ने एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी कर दी है। छात्र 9 से 12 अगस्त तक इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। वहीं, बोर्ड की ओर से 14 अगस्त तक विवादों का निपटारा कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सीबीएसई ने जून में टेबुलेशन पालिसी को जारी करते हुए 12वीं के परिणाम का फार्मूला दिया था। इसके तहत 10वीं में बेस्ट तीन विषयों के 30 प्रतिशत, 11वीं कक्षा के 30 प्रतिशत और 12वीं में मिड टर्म, यूनिट व प्री बोर्ड परीक्षा के 40 प्रतिशत अंकों को आधार बनाया गया था। इसके साथ ही बोर्ड ने असंतुष्ट छात्रों को अंकों से जुड़े विवाद को लेकर दावा करने का अवसर देने की बात कही थी।

- परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट 12वीं कक्षा के छात्रों की आपत्तियों के निपटारे के लिए सीबीएसई ने एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी किया है। असंतुष्ट छात्रों के लिए 4 चरणों की मानक संचालन प्रक्रिया पूरी कर छात्रों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। छात्र 9 से लेकर 12 अगस्त तक प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। बोर्ड की ओर से 14 अगस्त तक विवादों का निपटारा करने की बात कहीं गई है।
- विनीता तोमर, जिला कोऑर्डिनेटर, सीबीएसई, पानीपत।
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