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Panipat News: लोगों की एईपीएस आईडी तैयार कर साइबर ठगो को बेचने वाले आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस
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लोगों की एईपीएस आईडी तैयार कर साइबर ठगो को बेचने वाले आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस
अटल सेवा केंद्र की आड़ में जुटाता था दस्तावेज और फिंगरप्रिंट, एक आईडी तैयार करने के मिलते थे तीन हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। अटल सेवा केंद्र की आड़ में लोगों के दस्तावेज और फिंगरप्रिंट लेकर एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) आईडी तैयार कर साइबर ठगों को बेचने के मामले में पुलिस ने छठे आरोपी सोहेल उर्फ सुच्चा निवासी विद्यानंद कॉलोनी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की। वीरवार को आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में उसने पहले गिरफ्तार हो चुके पांच आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। रिमांड अवधि पूरी होने पर शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी अजय ने बताया कि 12 सितंबर को एएसआई राजबीर पुलिस टीम के साथ एक प्राथमिकी के अनुसंधान के सिलसिले में विद्यानंद कॉलोनी में मौजूद थे। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि छोटी मस्जिद के पास अटल सेवा केंद्र चलाने वाला साकिब लोगों की अनुमति के बिना उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और फिंगरप्रिंट का डेटा एकत्र करता है। इस डेटा का इस्तेमाल फर्जी बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने केंद्र पर दबिश देकर वहां मौजूद साकिब को काबू किया। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। मोबाइल की जांच के दौरान एक व्हाट्सऐप चैट में करीब 20 लोगों के अंगूठे के निशान, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक से संबंधित डेटा मिला।
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ में साकिब ने बताया कि वह दस्तावेजों और फिंगरप्रिंट के आधार पर एईपीएस आईडी तैयार कर डेटा सहित बिहार के अररिया निवासी अपने सहयोगी इश्तियाक उर्फ मलिक को भेजता था। प्रत्येक फर्जी आईडी तैयार करने के बदले उसे तीन हजार रुपये मिलते थे। वह अटल सेवा केंद्र पर आने वाले लोगों को एक हजार रुपये देने का प्रलोभन देकर उनकी एईपीएस आईडी तैयार करवाता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप और फिंगरप्रिंट स्कैनर भी बरामद किया था। इसके बाद थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस टीम ने आरोपी इश्तियाक, उसके साथी आरोपी हरिओम, मोहम्मद राशिद निवासी हबीबपुर भागलपुर बिहार, जितेंद्र कुमार राज निवासी पश्चिम चंपारण बिहार हाल आगरा यूपी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। अब सोहेल को पुलिस ने पकड़ा है।
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अटल सेवा केंद्र की आड़ में जुटाता था दस्तावेज और फिंगरप्रिंट, एक आईडी तैयार करने के मिलते थे तीन हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। अटल सेवा केंद्र की आड़ में लोगों के दस्तावेज और फिंगरप्रिंट लेकर एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) आईडी तैयार कर साइबर ठगों को बेचने के मामले में पुलिस ने छठे आरोपी सोहेल उर्फ सुच्चा निवासी विद्यानंद कॉलोनी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की। वीरवार को आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में उसने पहले गिरफ्तार हो चुके पांच आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। रिमांड अवधि पूरी होने पर शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी अजय ने बताया कि 12 सितंबर को एएसआई राजबीर पुलिस टीम के साथ एक प्राथमिकी के अनुसंधान के सिलसिले में विद्यानंद कॉलोनी में मौजूद थे। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि छोटी मस्जिद के पास अटल सेवा केंद्र चलाने वाला साकिब लोगों की अनुमति के बिना उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और फिंगरप्रिंट का डेटा एकत्र करता है। इस डेटा का इस्तेमाल फर्जी बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता है।
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सूचना के आधार पर पुलिस ने केंद्र पर दबिश देकर वहां मौजूद साकिब को काबू किया। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। मोबाइल की जांच के दौरान एक व्हाट्सऐप चैट में करीब 20 लोगों के अंगूठे के निशान, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक से संबंधित डेटा मिला।
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ में साकिब ने बताया कि वह दस्तावेजों और फिंगरप्रिंट के आधार पर एईपीएस आईडी तैयार कर डेटा सहित बिहार के अररिया निवासी अपने सहयोगी इश्तियाक उर्फ मलिक को भेजता था। प्रत्येक फर्जी आईडी तैयार करने के बदले उसे तीन हजार रुपये मिलते थे। वह अटल सेवा केंद्र पर आने वाले लोगों को एक हजार रुपये देने का प्रलोभन देकर उनकी एईपीएस आईडी तैयार करवाता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप और फिंगरप्रिंट स्कैनर भी बरामद किया था। इसके बाद थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस टीम ने आरोपी इश्तियाक, उसके साथी आरोपी हरिओम, मोहम्मद राशिद निवासी हबीबपुर भागलपुर बिहार, जितेंद्र कुमार राज निवासी पश्चिम चंपारण बिहार हाल आगरा यूपी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। अब सोहेल को पुलिस ने पकड़ा है।