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अब रोडवेज बसों में हाथों को सैनिटाइज करने के बाद ही बैठेंगी सवारियां, ड्राइवर कंडक्टर के लिए बनाया एयर टाइट केबिन
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कोरोना संक्रमण को लेकर हरियाणा रोडवेज पानीपत डिपो के वर्कशॉप अधिकारी भी बेहद जागरूक हैं। उन्होंने एक बार फिर से कबाड़ से जुगाड़ लगाकर अपनी काबिलयत को आम जनता व रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए साबित कर दिया है। इस बार अधिकारियों ने एक बार फिर से कबाड़ से जुगाड़ लगाकर कुछ ऐसे संसाधान बनाए हैं, जो कोरोना संक्रमण से रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर की तो सुरक्षा करेंगे ही साथ में सवारियों के लिए भी लाभदायक होंगे। उन्होंने रोडवेज बसों से निकलने वाले स्क्रैप से हर बस के अंदर ड्राइवर व कंडक्टर के लिए केबिन बनाया है, ये केबिन एयर टाइट हैं, जिससे संक्रमण रोडवेज कर्मचारी के पास तक नहीं फटक सकेगा।
वहीं हर रोडवेज बस में चढ़ते व उतरते समय हैंड सैनिटाइजर मशीन बनाई जा रही है। इससे हर सवारी बस में उतरे व चढ़ते समय अपने हाथों को सैनिटाइज करेगी, जिससे बस में बैठे हुए अन्य सवारियों को भी सुरक्षा का अहसास होगा। बता दें कि संक्रमण को लेकर पहले ही रोडवेज अपने कर्मचारियों और आम जनता के लिए जागरूक है। एक 52 सीट की बस में सोशल डिस्टेंसिंग को बरकार रखने के लिए सिर्फ 30 सवारियों को बैठने की अनुमति दी जाती है। वहीं हर बस को हाईप्रोक्लाराइड कैमिक्ल से सैनिटाइज किया जाता है। अब रोडवेज का यह कदम कोरोना के खिलाफ सबसे असरदार साबित होगा।
बता दें कि इससे पहले भी रोडवेज के वर्कशॉप मैनेजर विकास नरवाल के नेतृत्व व दिशा-निर्देशों पर पानीपत डिपो की वर्कशॉप के बाह पर कबाड़ से ही जुगाड़ लगाकर मेनगेट के बाहर फाटक व एक केबिन का निर्माण किया जा चुका है। वहीं, वर्कशॉप के उपर बोर्ड का भी निर्माण किया गया था, जो प्रदेश भर में काफी चर्चित हुआ था। अपने अनुुुभव व काबिलयत के दम पर वर्कशॉप मैनेजर को कई अवसरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
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ऐसे आया आइडिया
वर्कशॉप मैनेजर विकास नरवाल ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने व इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कई बार उनके ड्राइवरों व कंडक्टरों ने उन्हें अपनी फरियाद सुनाते हुए उनसे कुछ इस प्रकार के आविष्कार करने की गुहार लगाई जिससे बस में वे संक्रमण से बचे रहें। उन्होंने वर्कशॉप मैनेजर को बताया कि वे रोजाना सैंकड़ों सवारियों को बस में यात्रा करवाते हैं, उन्हें नहीं पता होता कि कौन संक्रमित है या कौन नहीं। इसे लेकर वर्कशॉप मैनेजर ने एक बार फिर से जुगाड़ लगाकर कबाड़ से बस में एयर टाइट केबिन बना दिया, जो कंडक्टर व ड्राइवर को संक्रमण से बचाए रखेगा।
उन्होंने बताया कि ड्राइवर व कंडक्टर की सुरक्षा के बाद उन्हें बस में सवारियों की भी चिंता हुई। इसलिए अब वे हर सब में कबाड़ से ही हैंड सैनिटाइजर मशीन बनाने की प्रक्रिया पर जुटे हैं। उनका प्लान इस प्रकार से काम करेगा कि बस के दोनों दरवाजों पर ये मशीने लगवाई जाएंगी, इस प्रकार से इन्हें इंस्टॉल किया जाएगा ताकि बस के दरवाजे भी खुल सकें और सवारियों को उतरने चढ़ने में परेशानी न हो। इसके अलावा इन मशीनों में हर चक्कर के बाद सैनिटाइजर भर दिया जाएगा। जिससे हर सवारी बस में चढ़ते और उतरते समय संक्रमण की बीमारी नहीं बल्कि रोडवेज में सफर करने का ही विश्वास लेकर यात्रा कर सके।
सभी बसों में लगाएंगे मशीनें: डब्ल्यूएम
अब तक बसों में ड्राइवर व कंडक्टर के लिए अलग केबिन बनाने का काम चल रहा है करीब दस बसों में इसे लगवा दिया गया है। यह एयर टाइट केबिन है। इसे बनाने में स्क्रैप का अधिकतर इस्तेमाल किया जाता है। अब हर बस में हैंड सैनिटाइजर मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है, इससे बस में सवार सवारियों को संक्रमण से सुरक्षा मिलेगी।
विकास नरवाल, वर्कशॉप मैनेजर, पानीपत डिपो।
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वहीं हर रोडवेज बस में चढ़ते व उतरते समय हैंड सैनिटाइजर मशीन बनाई जा रही है। इससे हर सवारी बस में उतरे व चढ़ते समय अपने हाथों को सैनिटाइज करेगी, जिससे बस में बैठे हुए अन्य सवारियों को भी सुरक्षा का अहसास होगा। बता दें कि संक्रमण को लेकर पहले ही रोडवेज अपने कर्मचारियों और आम जनता के लिए जागरूक है। एक 52 सीट की बस में सोशल डिस्टेंसिंग को बरकार रखने के लिए सिर्फ 30 सवारियों को बैठने की अनुमति दी जाती है। वहीं हर बस को हाईप्रोक्लाराइड कैमिक्ल से सैनिटाइज किया जाता है। अब रोडवेज का यह कदम कोरोना के खिलाफ सबसे असरदार साबित होगा।
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बता दें कि इससे पहले भी रोडवेज के वर्कशॉप मैनेजर विकास नरवाल के नेतृत्व व दिशा-निर्देशों पर पानीपत डिपो की वर्कशॉप के बाह पर कबाड़ से ही जुगाड़ लगाकर मेनगेट के बाहर फाटक व एक केबिन का निर्माण किया जा चुका है। वहीं, वर्कशॉप के उपर बोर्ड का भी निर्माण किया गया था, जो प्रदेश भर में काफी चर्चित हुआ था। अपने अनुुुभव व काबिलयत के दम पर वर्कशॉप मैनेजर को कई अवसरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
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ऐसे आया आइडिया
वर्कशॉप मैनेजर विकास नरवाल ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने व इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कई बार उनके ड्राइवरों व कंडक्टरों ने उन्हें अपनी फरियाद सुनाते हुए उनसे कुछ इस प्रकार के आविष्कार करने की गुहार लगाई जिससे बस में वे संक्रमण से बचे रहें। उन्होंने वर्कशॉप मैनेजर को बताया कि वे रोजाना सैंकड़ों सवारियों को बस में यात्रा करवाते हैं, उन्हें नहीं पता होता कि कौन संक्रमित है या कौन नहीं। इसे लेकर वर्कशॉप मैनेजर ने एक बार फिर से जुगाड़ लगाकर कबाड़ से बस में एयर टाइट केबिन बना दिया, जो कंडक्टर व ड्राइवर को संक्रमण से बचाए रखेगा।
उन्होंने बताया कि ड्राइवर व कंडक्टर की सुरक्षा के बाद उन्हें बस में सवारियों की भी चिंता हुई। इसलिए अब वे हर सब में कबाड़ से ही हैंड सैनिटाइजर मशीन बनाने की प्रक्रिया पर जुटे हैं। उनका प्लान इस प्रकार से काम करेगा कि बस के दोनों दरवाजों पर ये मशीने लगवाई जाएंगी, इस प्रकार से इन्हें इंस्टॉल किया जाएगा ताकि बस के दरवाजे भी खुल सकें और सवारियों को उतरने चढ़ने में परेशानी न हो। इसके अलावा इन मशीनों में हर चक्कर के बाद सैनिटाइजर भर दिया जाएगा। जिससे हर सवारी बस में चढ़ते और उतरते समय संक्रमण की बीमारी नहीं बल्कि रोडवेज में सफर करने का ही विश्वास लेकर यात्रा कर सके।
सभी बसों में लगाएंगे मशीनें: डब्ल्यूएम
अब तक बसों में ड्राइवर व कंडक्टर के लिए अलग केबिन बनाने का काम चल रहा है करीब दस बसों में इसे लगवा दिया गया है। यह एयर टाइट केबिन है। इसे बनाने में स्क्रैप का अधिकतर इस्तेमाल किया जाता है। अब हर बस में हैंड सैनिटाइजर मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है, इससे बस में सवार सवारियों को संक्रमण से सुरक्षा मिलेगी।
विकास नरवाल, वर्कशॉप मैनेजर, पानीपत डिपो।