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Panipat News: अब नवजातों को नहीं होगा संक्रमण का खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:22 AM IST
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Now newborns will not be at risk of infection
पानीपत। डॉक्टरों की लंबी मांग के बाद अब जिला नागरिक अस्पताल को मुख्यालय से 10 वार्मर बेड मिले हैं। इन्हें एसएनसीयू वार्ड में इंस्टॉल कर दिया गया है। अब एक वार्मर पर दो दो नवजातों को दाखिल नहीं करना पड़ेगा। इससे संक्रमण का खतरा भी नहीं होगा। इसके साथ ही अब एसएनसीयू वार्ड में 21 वार्मर बेड हो गए हैं।
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उल्लेखनीय है कि पहले एक एक वार्मर बेड पर दो दो नवजातों को दाखिल करना पड़ता था। एसएससीयू वार्ड में फिलहाल 17 नवजात दाखिल हैं। हर रोज औसतन दो नवजात यहां दाखिल होते हैं। यहां उन नवजातों को दाखिल करना पड़ता है जिनका ऑक्सीजन लेवल कम हो, पीलिया व निमोनिया से ग्रस्त हों, जिनका वजन सामान्य से काफी अधिक कम हो। अक्सर प्री मैच्योर डिलीवरी में पैदा हुए बच्चों के लिए यह वार्ड जीवनदायनी है। अब एसएनसीयू वार्ड में पांच सी पैप, दो बिली ब्लेंकेट व 21 वार्मर बेड हैं। यहां दो वेंटिलेटर हैं लेकिन यह वर्किंग में नहीं है।
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वेंटिलेटर की कमी से नवजात हो रहे रेफर
एसएनसीयू वार्ड की इंचार्ज डॉ. भावना ने बताया कि एसएनसीयू वार्ड का रेफरल फिलहाल 6.09 प्रतिशत है। यह फरवरी में लगभग 25 प्रतिशत था। अब यहां से उन नवजातों को रेफर करना पड़ रहा है। जिनको वेंटिलेटर की सख्त आवश्यकता होती है। यहां के वेंटिलेटर फिलहाल वर्किंग में नहीं है। एनएससीयू वार्ड में दिन में डॉ. एकता व डॉ. भावना रहती हैं, रात को डॉ. अभिषेक व डॉ. कपिल की ड्यूटी होती है। यहां 12 नर्सिंग ऑफिसर का स्टाफ 24 घंटे उपलब्ध है।
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एसएनसीयू वार्ड की पिछले चार माह की रिपोर्ट-

माह- दाखिल हुए बच्चे रेफर

जून- 121 12

जुलाई- 137 12

अगस्त- 116 06

सितंबर अब तक - 116 04

कुल - 490 34


वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि वार्मर की मांग भेजी थी। अब यह मांग पूरी हो गई है। एसएनसीयू वार्ड सबसे प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं। यहां वेंटिलेटर भी जल्द चालू कराए जाएंगे। अब रेफरल काफी कम हो चुका है, जो भी नवजात यहां से रेफर होता है उसके कारणों का भी अध्ययन होता है।
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