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अब बिजली, पानी और सीवर का कनेक्शन के लिए पहले नगर निगम से लेनी होगी एनओसी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 12:14 AM IST
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Now for the connection of electricity, water and sewer, NOC will have to be taken from the Municipal Corporation first
जितेंद्र नरवाल
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पानीपत। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी प्रकार की संपत्तियों को अब बिजली, पानी, सीवर के कनेक्शन लेने के लिए पहले नगर निगम से एनओसी लेनी होगी। निगम का सभी प्रकार का बकाया कर अदा करना होगा। जिसमें संपत्ति कर से लेकर विकास शुल्क और यूजर चार्ज तक भरने होंगे। खास बात यह है कि अगर इन पुराने कनेक्शनों को चालू से बंद करवाना है या फिर बंद कनेक्शनों को दोबारा चालू करवाना है तो भी निगम से एनओसी लेना अनिवार्य है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
नगर निगम के नए सर्वे के मुताबिक निगम क्षेत्र में करीब पौने दो लाख संपत्ति मिली हैं। इनमें से अधिकतर संपत्ति धारक निगम के बकाया को सालों से नहीं भर रहे हैं। खास तौर पर छोटे बकायादार। जिन पर निगम का कर 5 से 20 हजार रुपये तक बनता है। इनसे वसूली के लिए निगम को भी मेहनत करनी पड़ती थी। जिसके बाद भी केवल बड़े बकायादारों से वसूली हो पाती थी। अब नई अधिसूचना के साथ ही सख्ती कर दी गई है। आपको मिल रही सुविधा भले ही किसी अन्य विभाग के अंतर्गत आती हो, लेकिन एनओसी नगर निगम से लेनी पड़ेगी। एनओसी तभी मिलेगी, जब बकाया भुगतान किया जाएगा।
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अवैध इमारतों, कॉलोनियों पर कसेगा शिकंजा
नए नियम के तहत जहां निगम की वसूली तेज होगी, वहीं अवैैध कॉलोनियों और अवैध प्लॉट काटने के मामलों पर शिकंजा कसेगा। क्योंकि अब इन सभी इमारतों या कॉलोनियों में बिजली, पानी या सीवर के कनेक्शन लेने के लिए निगम से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। जब निगम एनओसी देगा तो बकाया सभी चार्ज भी वसूल करेगा। इसमें उनके विकास शुल्क से लेकर पूरा चार्ज तक शामिल है।
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पहले नहीं था नियम, अब बनाया, सभी को भेजी अधिसूचना
शहरी स्थानीय निकाय के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली निगम चंडीगढ़, अतिरिक्त मुख्य सचिव पब्लिक हेल्थ चंडीगढ़, एमडी एचएसआईआईडीसी पंचकूला, मुख्य प्रशासक एचएसवीपी पंचकूला को पत्राचार किया है। पत्राचार में जिक्र किया गया है कि पहले इस प्रकार का नियम नहीं था, लेकिन निगम क्षेत्र के अधीन संपत्ति धारकों से बकाया वसूलने के लिए इसे लागू किया गया है। जिसमें निगम एक्ट का हवाला भी दिया गया है।

सरकार के नए नियम लागू हो चुके हैं। निगम के वैध क्षेत्र से विकास शुल्क भी लिया जा रहा है। जबकि निगम के पूरे क्षेत्र से संपत्ति कर लिया जा रहा है। निगम के पास जिसकी भी फाइल आती हैं, उससे बकाया वसूलने के बाद ही एनओसी जारी की जाती है।
-दीपक राणा, एटीपी, नगर निगम, पानीपत।
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