फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   NGT rules will have to be followed by 64 hotels, dhabas and banquet hall operators across the district

Panipat: अब जिले भर के 64 होटल, ढाबों और बैंक्वट हॉल संचालकों को मानने होंगे एनजीटी के नियम

Tue, 06 Sep 2022 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 06 Sep 2022 02:59 AM IST
सार

फायर एनओसी, बिल्डिंग प्लान, कचरा निष्पादन, प्लास्टिक वेस्ट समेत 16 नियमों का पालन करना होगा। पहले नोटिस देकर समझाने फिर कार्रवाई करने की निगम और जिला प्रशासन से रणनीति बनाई है। जिला टॉस्क फोर्स की बैठक में एडीसी ने सख्त निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
NGT rules will have to be followed by 64 hotels, dhabas and banquet hall operators across the district
एनजीटी - फोटो : NGT

विस्तार

पानीपत जिले के 64 होटल, ढाबों और बैंक्वेट हाल संचालकों को एनजीटी के नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ निगम और प्रदूषण विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा। जिसके सभी इमारतों के आवश्यक दस्तावेजों और कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी।

विज्ञापन


इस संबंध में संबंधित इमारत मालिकों और संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी आदेशों की अवमानना होने पर कार्रवाई होगी। कार्रवाई में इनको सील भी किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों को लेकर सोमवार को एडीसी वीना हुड्डा ने जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक ली।
विज्ञापन


इसमें निगम समेत प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। जिसमें एडीसी की ओर से अधिकारियों को एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन करवाने की हिदायत दी गई। अफसरों ने एनजीटी के 16 नियमों का हवाला देकर कहा कि वे अपने सर्वे के मुताबिक अब तक शहर में 64 होटल, मोटल, ढाबे और बैंक्वेट हाल की पहचान कर चुके हैं। इनमें एनजीटी के नियमों को लेकर नोटिस देने का काम जारी है। आदेशों की अवमानना कर सरकार के दिशा-निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


होने चाहिए ये दस्तावेज
अधिकारियों ने बताया कि जिले के होटल, मोटल, ढाबे या बैंक्वेट हाल के पास फायर एनओसी, बिल्डिंग प्लान, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, बिल्डिंग प्लान, सॉलिड वेस्ट, पार्किंग, बिजली खपत, पानी की खपत, डीजी सेट आदि के दस्तावेज होने चाहिए। इनमें से ज्यादातर काम प्रदूषण कंट्रोल विभाग का रहा जबकि निगम और ट्रैफिक पुलिस पर भी इनकी जिम्मेदारी दी गई है। खास बात ये है कि इनमें से ज्यादातर दस्तावेज एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जैसे बिल्डिंग प्लान इसमें अनिवार्य है। बिना बिल्डिंग प्लान के फायर एनओसी मिल ही नहीं सकती। इसी आधार पर कचरा प्रबंधन, पार्किंग, वाटर हार्वेस्टिंग आदि के दस्तोवज जारी हो सकेंगे।


एनजीटी के नियमों का सभी होटल, ढाबों और बैंक्वेट हाल संचालकों को पालन करना होगा। इसके लिए जिला प्रशासन सतर्क है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। सोमवार को एडीसी की अध्यक्षता में टॉस्क फोर्स की बैठक भी हुई है। जिसमें नियमों का पालन करवाने को लेकर एडीसी की ओर से सख्त हिदायतें दी गई हैं। -जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed