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सफाई का नया टेंडर हुआ होल्ड, जांच शुरू : अंसारी
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पानीपत। शहर में सफाई के नए टेंडर को होल्ड कर दिया गया है। अब सीएम के आदेशों से इस प्रकरण की जांच करवाई जा रही है। वहीं, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने भी मुख्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस टेंडर को रद्द करने के आदेश भी दे दिए हैं।
ये बातें शनिवार को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाले शहर के पुराने ठेकेदार डॉ. मुनीष अहमद अंसारी ने कहीं। उनका कहना है कि उन्होंने पूरे प्रकरण की शिकायत सीएम, निकाय मंत्री, विजिलेंस, राज्यपाल समेत कई जगह दी थी। इसी के बाद ये कार्रवाई हुई है। हालांकि अब तक इसका कोई आधिकारिक प्रमाण निकाय की ओर से नहीं मिला है लेकिन वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं, जिन्होंने खुद इसके कैंसल के पत्र आने की बात को स्वीकारा है। इस बारे में निगम अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। इस बारे में निगम आयुक्त से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
बता दें कि मंगलवार को दो जोन में शहर की सफाई के टेंडर की फाइनेंशियल बिड खोली गई थी। इसमें 3.53 करोड़ प्रतिमाह में गणेश इंटरप्राइजेज को टेंडर दे दिया गया था। इसके साथ ही टेंडर, इसकी प्रक्रिया और नगर निगम अधिकारियों पर आरोप लगाना शुरू हो गए थे। इसके बाद टेंडर लेने से चूके पुराने ठेकेदार डॉ. मुनीष अहमद अंसारी विरोध में उतर आए। उन्होंने प्रेसवार्ता कर टेंडर लेने वाली फर्म, उसकी सहयोगी फर्म और नगर निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप तक जड़े।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने 1.60 करोड़ रुपये प्रतिमाह का बजट निर्धारित किया, जिसे नगर निगम अधिकारियों ने 3.53 करोड़ पहुंचा दिया है। जबकि वे सरकार की ओर से निर्धारित बजट में सफाई का काम करा सकते हैं, इसके बावजूद उन्हें टेंडर नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अन्य एजेंसी ने उनकी एजेंसी के दस्तावेज धोखे से लगाकर टेंडर लेने वाली फर्म को फायदा पहुंचाया है। इसकी शिकायत निगम आयुक्त से कर चुके हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सीआईडी, सीबीआई, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री, विधायक और सांसद से भी शिकायत की थी। जिस पर कार्रवाई शुरू हो गई है।
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ये बातें शनिवार को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाले शहर के पुराने ठेकेदार डॉ. मुनीष अहमद अंसारी ने कहीं। उनका कहना है कि उन्होंने पूरे प्रकरण की शिकायत सीएम, निकाय मंत्री, विजिलेंस, राज्यपाल समेत कई जगह दी थी। इसी के बाद ये कार्रवाई हुई है। हालांकि अब तक इसका कोई आधिकारिक प्रमाण निकाय की ओर से नहीं मिला है लेकिन वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं, जिन्होंने खुद इसके कैंसल के पत्र आने की बात को स्वीकारा है। इस बारे में निगम अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। इस बारे में निगम आयुक्त से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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बता दें कि मंगलवार को दो जोन में शहर की सफाई के टेंडर की फाइनेंशियल बिड खोली गई थी। इसमें 3.53 करोड़ प्रतिमाह में गणेश इंटरप्राइजेज को टेंडर दे दिया गया था। इसके साथ ही टेंडर, इसकी प्रक्रिया और नगर निगम अधिकारियों पर आरोप लगाना शुरू हो गए थे। इसके बाद टेंडर लेने से चूके पुराने ठेकेदार डॉ. मुनीष अहमद अंसारी विरोध में उतर आए। उन्होंने प्रेसवार्ता कर टेंडर लेने वाली फर्म, उसकी सहयोगी फर्म और नगर निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप तक जड़े।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने 1.60 करोड़ रुपये प्रतिमाह का बजट निर्धारित किया, जिसे नगर निगम अधिकारियों ने 3.53 करोड़ पहुंचा दिया है। जबकि वे सरकार की ओर से निर्धारित बजट में सफाई का काम करा सकते हैं, इसके बावजूद उन्हें टेंडर नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अन्य एजेंसी ने उनकी एजेंसी के दस्तावेज धोखे से लगाकर टेंडर लेने वाली फर्म को फायदा पहुंचाया है। इसकी शिकायत निगम आयुक्त से कर चुके हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सीआईडी, सीबीआई, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री, विधायक और सांसद से भी शिकायत की थी। जिस पर कार्रवाई शुरू हो गई है।