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Panipat News: सनौली रोड पर लग नहीं पाई नई लाइटें, पुरानी पड़ी बंद
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पानीपत। शहर के सबसे मुख्य रास्तों में से एक सनौली रोड पर अब स्ट्रीट लाइटों के साथ टॉवर लाइटें भी बंद पड़ी हैं। जिससे रात के समय यहां से आवागमन करने वाले हजारों लोगों को परेशानी हो रही है। अगर दिवाली के उपलक्ष्य में आसपास के दुकानदार लाइटें न जलाएं तो सनौली रोड पर अंधेरा छा सकता है।
सनौली रोड की रोशनी आसपास के दुकानदारों की दुकानों के बाहर लगाई गई लाइटों पर निर्भर है। हालांकि नगर निगम ने यहां करीब 67 लाख से डेकोरेटिव पोल और फैंसी लाइटों को लगाने की योजना बना रहा है। अगर यहां नई लाइटों को लगवाने की बात करें तो एक फैंसी लाइट का खर्च करीब 80 से 90 हजार रुपये आता है। जबकि पुरानी खराब और बंद पड़ी लाइटों की रिपेयरिंग 100 से 500 रुपये के बीच हो सकती है।
सनौली रोड पानीपत को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है। इस रास्ते पर दो खंड और 30 से ज्यादा गांव के लोग आवागमन करते हैं। वहीं, शहर के बीचों बीच गुजरने वाला ये रोड पुराने शहर और सेक्टरों के बीच बना है। इस रोड पर ही शहर के सबसे ज्यादा अस्पताल भी हैं। वहीं, ये रोड शहर की सबसे बड़ी मार्केट के तौर पर भी जाना जाता है। संजय चौक से लेकर बबैल नाके तक दोनाें ओर 500 से भी ज्यादा दुकानें है। शहर के सबसे व्यस्ततम रोड पर भी रात को अंधेरा रहता है। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि वे शहर की लाइटों की मरम्मत का काम करवा रहे हैं।
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गौरतलब है कि नगर निगम के पास खराब लाइटों की मरम्मत के लिए मैनपावर भी है और सामान भी लेकिन निगम अधिकारियों ने इस मैनपावर में से आधे से ज्यादा कर्मचारियों को दूसरी शाखाओं में लगा दिया है। जिससे शहर में कई जगह खराब लाइटों की समस्या बनी हुई है। बंद पड़ी लाइटों से परेशान लोग रोजाना निगम कार्यालय के समाधान शिविर में आकर शिकायतें तक दर्ज करवाते हैं। जिन पर अधिकारी समाधान का आश्वासन देकर लोगाें को लौटा देते हैं।
निगम एक्सईएन गोपाल कलावत का कहना है कि खराब लाइटों को जल्द रिपेयर कराया जाएगा। इसके लिए वे खुद रात को शहर का दौरा भी करते हैं। खराब लाइटों को रिपेयर करवाने का काम जारी है। सनौली रोड पर नई फैंसी लाइटों का टेंडर भी लगाया गया है।
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सनौली रोड की रोशनी आसपास के दुकानदारों की दुकानों के बाहर लगाई गई लाइटों पर निर्भर है। हालांकि नगर निगम ने यहां करीब 67 लाख से डेकोरेटिव पोल और फैंसी लाइटों को लगाने की योजना बना रहा है। अगर यहां नई लाइटों को लगवाने की बात करें तो एक फैंसी लाइट का खर्च करीब 80 से 90 हजार रुपये आता है। जबकि पुरानी खराब और बंद पड़ी लाइटों की रिपेयरिंग 100 से 500 रुपये के बीच हो सकती है।
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सनौली रोड पानीपत को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है। इस रास्ते पर दो खंड और 30 से ज्यादा गांव के लोग आवागमन करते हैं। वहीं, शहर के बीचों बीच गुजरने वाला ये रोड पुराने शहर और सेक्टरों के बीच बना है। इस रोड पर ही शहर के सबसे ज्यादा अस्पताल भी हैं। वहीं, ये रोड शहर की सबसे बड़ी मार्केट के तौर पर भी जाना जाता है। संजय चौक से लेकर बबैल नाके तक दोनाें ओर 500 से भी ज्यादा दुकानें है। शहर के सबसे व्यस्ततम रोड पर भी रात को अंधेरा रहता है। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि वे शहर की लाइटों की मरम्मत का काम करवा रहे हैं।
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गौरतलब है कि नगर निगम के पास खराब लाइटों की मरम्मत के लिए मैनपावर भी है और सामान भी लेकिन निगम अधिकारियों ने इस मैनपावर में से आधे से ज्यादा कर्मचारियों को दूसरी शाखाओं में लगा दिया है। जिससे शहर में कई जगह खराब लाइटों की समस्या बनी हुई है। बंद पड़ी लाइटों से परेशान लोग रोजाना निगम कार्यालय के समाधान शिविर में आकर शिकायतें तक दर्ज करवाते हैं। जिन पर अधिकारी समाधान का आश्वासन देकर लोगाें को लौटा देते हैं।
निगम एक्सईएन गोपाल कलावत का कहना है कि खराब लाइटों को जल्द रिपेयर कराया जाएगा। इसके लिए वे खुद रात को शहर का दौरा भी करते हैं। खराब लाइटों को रिपेयर करवाने का काम जारी है। सनौली रोड पर नई फैंसी लाइटों का टेंडर भी लगाया गया है।