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Panipat News: नीरज का अगला निशाना पेरिस ओलंपिक
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पानीपत। अंतरराष्ट्रीय जैवलिन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपनी सरजमीं पर इस साल की पहली टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर अपने समर्थकों को शुभ संकेत दे दिया है। उन्होंने साथ ही यहां अपनी ताकत बचाकर पेरिस ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक पर निशाना मजबूत कर दिया है। नीरज चोपड़ा ने यहां बेशक 82.27 मीटर जैवलिन फेंका। उनके इस थ्रो पर भी समर्थक और परिवार में खुशी का माहौल है।
नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को उड़ीसा के भुवनेश्वर में आयोजित फेडरेशन कप के फाइनल मुकाबले में भाग लिया। उन्होंने यहां चार थ्रो किए। उनका बेस्ट थ्रो 82.27 मीटर रहा। वह बात अलग है कि उनके समर्थक 90 मीटर की उम्मीद लगाए हुए थे। उन्होंने बाकी खिलाड़ियों के थ्रो को देखा और उतना की स्वर्ण पदक जीतने के लिए उतना की दम लगाया। चाचा भीम चोपड़ा ने बताया कि भुवनेश्वर में आयोजित फेडरेशन कप में स्वर्ण पदक जीतने पर परिवार में खुशी है। नीरज का लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में देश का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखना है। इसको लेकर ऊर्जा बचाकर रखी है। साथ इसके लिए लगातार मेहनत भी कर रहे हैं। नीरज अपने समर्थकों को कभी निराश नहीं होने देते। उनकी उम्मीद पेरिस ओलंपिक में पूरी करने का प्रयास रहेगा।
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नीरज पैतृक गांव अभी नहीं आएंगे
भीम चोपड़ा ने बताया कि नीरज दो दिन दिन देश में ही रहेंगे। वे इसके बाद पेरिस ओलंपिक की तैयारी को लेकर विदेश में जाएंगे। वहां पर लगातार अभ्यास करेंगे। अभी उनका खंडरा गांव स्थित घर पर आने का कार्यक्रम नहीं है। उल्लेखनीय है कि नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपने घर आए थे। वे यहां कुछ दिन ठहरने के बाद पेरिस ओलंपिक के लिए अभ्यास करने विदेश चले गए थे।
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सेना में सूबेदार हैं नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। वे एक जवान की तरह अपने खेल को लेकर भी मैदान में हर समय डटे रहते हैं। किसी भी प्रतियोगिता में उनका निशाना स्वर्ण पदक पर रहता है। दोहा डायमंड लीग में वे दो इंच से चूक गए थे।
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नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को उड़ीसा के भुवनेश्वर में आयोजित फेडरेशन कप के फाइनल मुकाबले में भाग लिया। उन्होंने यहां चार थ्रो किए। उनका बेस्ट थ्रो 82.27 मीटर रहा। वह बात अलग है कि उनके समर्थक 90 मीटर की उम्मीद लगाए हुए थे। उन्होंने बाकी खिलाड़ियों के थ्रो को देखा और उतना की स्वर्ण पदक जीतने के लिए उतना की दम लगाया। चाचा भीम चोपड़ा ने बताया कि भुवनेश्वर में आयोजित फेडरेशन कप में स्वर्ण पदक जीतने पर परिवार में खुशी है। नीरज का लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में देश का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखना है। इसको लेकर ऊर्जा बचाकर रखी है। साथ इसके लिए लगातार मेहनत भी कर रहे हैं। नीरज अपने समर्थकों को कभी निराश नहीं होने देते। उनकी उम्मीद पेरिस ओलंपिक में पूरी करने का प्रयास रहेगा।
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नीरज पैतृक गांव अभी नहीं आएंगे
भीम चोपड़ा ने बताया कि नीरज दो दिन दिन देश में ही रहेंगे। वे इसके बाद पेरिस ओलंपिक की तैयारी को लेकर विदेश में जाएंगे। वहां पर लगातार अभ्यास करेंगे। अभी उनका खंडरा गांव स्थित घर पर आने का कार्यक्रम नहीं है। उल्लेखनीय है कि नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपने घर आए थे। वे यहां कुछ दिन ठहरने के बाद पेरिस ओलंपिक के लिए अभ्यास करने विदेश चले गए थे।
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सेना में सूबेदार हैं नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। वे एक जवान की तरह अपने खेल को लेकर भी मैदान में हर समय डटे रहते हैं। किसी भी प्रतियोगिता में उनका निशाना स्वर्ण पदक पर रहता है। दोहा डायमंड लीग में वे दो इंच से चूक गए थे।