{"_id":"65c56021cd748b634d0a3477","slug":"neeraj-on-top-of-europe-family-members-said-proud-of-their-son-panipat-news-c-244-1-pnp1001-113400-2024-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: यूरोप के शिखर पर नीरज, परिजन बोले बेटे पर गर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: यूरोप के शिखर पर नीरज, परिजन बोले बेटे पर गर्व
विज्ञापन
पानीपत। विश्व एथलेटिक्स और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। उनको स्विटजरलैंड के जंगफ्राउजोक के मशहूर आइस पैलेस में पट्टिका लगाकर सम्मानित किया है। वे यहां पट्टिका लगाकर सम्मानित होने वाले प्रदेश के पहले खिलाड़ी हैं। नीरज के परिजनों ने इस पर खुशी जताई है। परिजनों को पेरिस ओलंपिक में देश के नाम एक और स्वर्ण पदक लाने की उम्मीद नीरज से जताई है।
जानकारी के अनुसार नीरज चोपड़ा के नाम भाला फेंक स्पर्धाओं में कई रिकाॅर्ड दर्ज हैं। मूल रूप से पानीपत के खंडरा गांव निवासी नीरज चोपड़ा अब पेरिस ओलंपिक के लिए विदेश में रहकर तैयारी कर रहे हैं। नीरज चोपड़ा ने बताया था कि उनका लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में देश की झोली में एक और स्वर्ण पदक लाना है। वे इस सपने को साकार करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। चाचा भीम सिंह चोपड़ा ने बताया कि नीरज स्विटजरलैंड के जंगफ्राउजोक में मशहूर आइस पैलेस में पट्टिका लगाने की जानकारी मिलना प्रदेश ही नहीं देश के लिए गर्व का विषय है। पिता सतीश कुमार और मां सरोज देवी ने कहा कि उनको नीरज पर पूरा भरोसा है। वे देश का नाम रोशन करने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रहे हैं। नीरज चोपड़ा ने कहा कि पट्टिका के अनावरण पर कहा उनको यहां प्यार और सराहना पाकर बेहद खुश हैं। उन्होंने आइस पैलेस में पट्टिका लगाने के बारे में कभी सपने में भी नहीं सोचा था।
जंगफ्राउजोक को यूरोप का शिखर कहा जाता है। इस जगह की खास बात यह है कि यहां कई और स्टार खिलाड़ियों की पट्टिकाएं लगाई गई हैं। इसके साथ ही नीरज को स्विट्जरलैंड का फ्रेंडशिप एंबेसडर भी बनाया गया है। वे भारत के एडवेंचर पसंद लोगों को स्विटजरलैंड आने के लिए प्रेरित करेंगे। चोपड़ा ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अपना एक भाला पट्टिका के साथ रखा है। इस तरह वह रोजर फेडरर और गोल्फर रोरी मैकलरॉय जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ शामिल हो गए हैं। जिनकी भी आइस पैलेस में ऐसी पट्टिकाएं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार नीरज चोपड़ा के नाम भाला फेंक स्पर्धाओं में कई रिकाॅर्ड दर्ज हैं। मूल रूप से पानीपत के खंडरा गांव निवासी नीरज चोपड़ा अब पेरिस ओलंपिक के लिए विदेश में रहकर तैयारी कर रहे हैं। नीरज चोपड़ा ने बताया था कि उनका लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में देश की झोली में एक और स्वर्ण पदक लाना है। वे इस सपने को साकार करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। चाचा भीम सिंह चोपड़ा ने बताया कि नीरज स्विटजरलैंड के जंगफ्राउजोक में मशहूर आइस पैलेस में पट्टिका लगाने की जानकारी मिलना प्रदेश ही नहीं देश के लिए गर्व का विषय है। पिता सतीश कुमार और मां सरोज देवी ने कहा कि उनको नीरज पर पूरा भरोसा है। वे देश का नाम रोशन करने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रहे हैं। नीरज चोपड़ा ने कहा कि पट्टिका के अनावरण पर कहा उनको यहां प्यार और सराहना पाकर बेहद खुश हैं। उन्होंने आइस पैलेस में पट्टिका लगाने के बारे में कभी सपने में भी नहीं सोचा था।
विज्ञापन
जंगफ्राउजोक को यूरोप का शिखर कहा जाता है। इस जगह की खास बात यह है कि यहां कई और स्टार खिलाड़ियों की पट्टिकाएं लगाई गई हैं। इसके साथ ही नीरज को स्विट्जरलैंड का फ्रेंडशिप एंबेसडर भी बनाया गया है। वे भारत के एडवेंचर पसंद लोगों को स्विटजरलैंड आने के लिए प्रेरित करेंगे। चोपड़ा ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अपना एक भाला पट्टिका के साथ रखा है। इस तरह वह रोजर फेडरर और गोल्फर रोरी मैकलरॉय जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ शामिल हो गए हैं। जिनकी भी आइस पैलेस में ऐसी पट्टिकाएं हैं।
विज्ञापन