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Panipat News: श्रम कानून लागू करने के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल
Thu, 29 Jan 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:41 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ चार श्रम कानून लागू करने के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी, इसको लेकर बुधवार को यूनियन के कर्मचारियों ने बैठक कर राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने के लिए कर्मचारियों से आह्वान किया। संघ के सदस्यों ने बताया कि सरकार ने मजदूरों के संघर्ष से हासिल 29 श्रम कानून को रद्द करके उनके स्थान पर मालिकों के हित साधने वाले चार लेबर कोड बनाकर लागू कर दिए। इससे प्रबंधक- मालिक व मजदूरों से आठ घंटे की बजाय 12 घंटे ड्यूटी ले सकेंगे, रात को महिलाओं से ड्यूटी लेने, 299 तक की संख्या वाले उद्योग के मालिक को मजदूरों की छंटनी, ले-आफ, तालाबंदी करने का अधिकार दे दिया है। फैक्ट्री की परिभाषा बदलकर अनेक मजदूरों को श्रम कानूनों से बाहर कर दिया। ठेके पर काम करने का प्रावधान सभी जगह लागू कर दिया। न्यूनतम वेतन से कम वेतन देने का रास्ता खोलने के लिए फ्लोर वेज की अवधारणा ले आए। इसकी सूचना फैक्ट्री मालिकों के साथ श्रम आयुक्त को भी रजिस्टर्ड पत्रों के द्वारा जानकारी भेजी गई है।
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समालखा। सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ चार श्रम कानून लागू करने के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी, इसको लेकर बुधवार को यूनियन के कर्मचारियों ने बैठक कर राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने के लिए कर्मचारियों से आह्वान किया। संघ के सदस्यों ने बताया कि सरकार ने मजदूरों के संघर्ष से हासिल 29 श्रम कानून को रद्द करके उनके स्थान पर मालिकों के हित साधने वाले चार लेबर कोड बनाकर लागू कर दिए। इससे प्रबंधक- मालिक व मजदूरों से आठ घंटे की बजाय 12 घंटे ड्यूटी ले सकेंगे, रात को महिलाओं से ड्यूटी लेने, 299 तक की संख्या वाले उद्योग के मालिक को मजदूरों की छंटनी, ले-आफ, तालाबंदी करने का अधिकार दे दिया है। फैक्ट्री की परिभाषा बदलकर अनेक मजदूरों को श्रम कानूनों से बाहर कर दिया। ठेके पर काम करने का प्रावधान सभी जगह लागू कर दिया। न्यूनतम वेतन से कम वेतन देने का रास्ता खोलने के लिए फ्लोर वेज की अवधारणा ले आए। इसकी सूचना फैक्ट्री मालिकों के साथ श्रम आयुक्त को भी रजिस्टर्ड पत्रों के द्वारा जानकारी भेजी गई है।