{"_id":"5df546ff8ebc3e87f736888c","slug":"nagar-nigam-meeting-panipat-news-knl15183436","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम हाउस की बैठक पर पार्षदों की लामबंदी से राजनीति तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम हाउस की बैठक पर पार्षदों की लामबंदी से राजनीति तेज
विज्ञापन
पानीपत। नगर निगम हाउस की चार महीने से बैठक न होने के कारण सियासत तेज हो गई है। पार्षदों ने लामबंद होकर हाउस की बैठक बुलाने को मीटिंग की तो आनन - फानन में मेेयर ने एक लेटर जारी कर दिया। 10 दिसंबर को जारी इस लेटर में कहा है कि 16 दिसंबर को हाउस की बैठक बुलाई गई है। गौर करने वाली बात यह है कि पार्षदों ने बैठक के बाद मीटिंग भी 16 दिसंबर को ही बुलाई थी। अब 10 दिसंबर को जारी लेटर को चार दिन बीत जाने के बावजूद 14 दिसंबर तक नगर आयुक्त के पास नहीं पहुंचा था। यानी कि हाउस की बैठक बुलाने की जानकारी सिर्फ मेयर को ही थी। इस सियासी घटनाक्रम को 24 घंटे भी नहीं बीते और शनिवार को मेयर ने अपने लेटर के मुताबिक 16 दिसंबर को बुलाई गई हाउस की बैठक को एक बार फिर टाल दिया।
चार माह से लंबित बैठक आयोजित करवाने के लिए मेयर की ओर से तिथि निर्धारित नहीं हो पाई तो शुक्रवार को दिन में पार्षद दुष्यंत भट्ट ने पार्षदों संग कोरम पूरा करते हुए हाउस की बैठक 16 दिसंबर सुबह करने का फैसला ले लिया। जिसका अधिकतर पार्षदों ने स्वागत भी किया, लेकिन इसके बाद शहर की राजनीति ने अपनी सियासी चाल चलना शुरू कर दी। शुक्रवार देर रात मेयर की तरफ से बयानबाजी जारी हुई। जिसमें उन्होंने हाउस की बैठक के लिए 16 दिसंबर की शाम 3 बजे का समय निर्धारित कर दिया। बैकफुट पर आने के बाद शनिवार सुबह मेयर की तरफ से कमिश्नर को भेजा गया एक पत्र जारी किया । जिसमें 16 दिसंबर की ही हाउस की बैठक आयोजित करने के लिए सूचित किया गया। इस पत्र में खास बात ये रही कि इसे जारी करने की तिथि 10 दिसंबर यानी मंगलवार है। वहीं इसके बाद शनिवार शाम को मेयर ने दुष्यंत भट्ट की बैठक का हवाला देते हुए बैठक को स्थगित कर दिया है। उन्होंने इसका एक अन्य कारण विधायक को बैठक में समय नहीं मिलना बताया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ दिनों में विधायक जैसे ही फ्री होंगे बैठक का आयोजन किया जाएगा।
दुष्यंत की बैठक की वजह से हाउस स्थगित: अवनीत कौर
दुष्यंत भट्ट पार्षदों समेत एक बैठक का 16 दिसंबर का आयोजन करने जा रहे हैं। इसलिए हॉउस की बैठक को स्थगित कर दिया गया है। मैने वीरवार को बैठक के लिए पत्र भी जारी किया था। वहीं अब विधायक के बिजी शैड्यूल के कारण बैठक का स्थगित करना पड़ा है। जैसे ही विधायक फ्री होते हैं, दो-चार दिन के बाद ही बैठक बुला ली जाएगी। - अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
विज्ञापन
हाउस की बैठक बुलाने का लेटर संज्ञान में नहीं: नगर आयुक्त
हाउस की बैठक बुलाने का कोई लेटर मेयर की ओर से अभी तक नहीं मिला है। बैठक बुलाए जाने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है।
- ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
- विधायक और सांसद आएं या नहीं, हाउस की बैठक पर नहीं पड़ता फर्क
हाउस की बैठक नहीं बुलाए जाने पर विधायक और सांसद का समय नहीं मिलने की बात की जाती है, जबकि कोरम के नियमानुसार इनका हाउस की बैठक में आना अनिवार्य नहीं है। मेयर का बैठक में होना अनिवार्य है। ऐसे में विधायक और सांसद के पास समय नहीं होने का बहाना बनाकर नगर निगम हाउस की बैठक को नहीं होने देने का कोई औचित्य नहीं है। सांसद और विधायक को बैठक के लिए निमंत्रण जरूर भेजा जाता है।
दुष्यंत भट्ट की बैठक बनी मुख्य कारण, उन पर ही सभी की निगाह
शहर की राजनीति को असल में दुष्यंत भट्ट की बैठक ने ही गरमाया है। निगम में हो रहे स्ट्रीट लाइट घोटाले की जांच को लेकर पिछली बैठक में कमिश्नर से दुष्यंत भट्ट की अध्यक्षता में ही चार पार्षदों समेत एक कमेटी बनाई गई थी। अब उनकी जांच रिपोर्ट तैयार है, लेकिन इसे उजागर करने के लिए हाउस की बैठक ही नहीं बुलाई जा रही। बार-बार मेयर को पत्राचार करने के बाद भी जब तिथि निर्धारित नहीं हुई तो पार्षदों ने खुद ही कोरम पूरा करने की ठानी और आपसी सहमति से 16 दिसंबर को निगम कार्यालय में बैठक करने के लिए सभी पार्षदों को निमंत्रण भेज दिया। माना जा रहा है कि दुष्यंत की जांच रिपोर्ट से बचने या बचाने के लिए बैठक को आयोजित होने से रोका जा रहा है।
विज्ञापन
चार माह से लंबित बैठक आयोजित करवाने के लिए मेयर की ओर से तिथि निर्धारित नहीं हो पाई तो शुक्रवार को दिन में पार्षद दुष्यंत भट्ट ने पार्षदों संग कोरम पूरा करते हुए हाउस की बैठक 16 दिसंबर सुबह करने का फैसला ले लिया। जिसका अधिकतर पार्षदों ने स्वागत भी किया, लेकिन इसके बाद शहर की राजनीति ने अपनी सियासी चाल चलना शुरू कर दी। शुक्रवार देर रात मेयर की तरफ से बयानबाजी जारी हुई। जिसमें उन्होंने हाउस की बैठक के लिए 16 दिसंबर की शाम 3 बजे का समय निर्धारित कर दिया। बैकफुट पर आने के बाद शनिवार सुबह मेयर की तरफ से कमिश्नर को भेजा गया एक पत्र जारी किया । जिसमें 16 दिसंबर की ही हाउस की बैठक आयोजित करने के लिए सूचित किया गया। इस पत्र में खास बात ये रही कि इसे जारी करने की तिथि 10 दिसंबर यानी मंगलवार है। वहीं इसके बाद शनिवार शाम को मेयर ने दुष्यंत भट्ट की बैठक का हवाला देते हुए बैठक को स्थगित कर दिया है। उन्होंने इसका एक अन्य कारण विधायक को बैठक में समय नहीं मिलना बताया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ दिनों में विधायक जैसे ही फ्री होंगे बैठक का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
दुष्यंत की बैठक की वजह से हाउस स्थगित: अवनीत कौर
दुष्यंत भट्ट पार्षदों समेत एक बैठक का 16 दिसंबर का आयोजन करने जा रहे हैं। इसलिए हॉउस की बैठक को स्थगित कर दिया गया है। मैने वीरवार को बैठक के लिए पत्र भी जारी किया था। वहीं अब विधायक के बिजी शैड्यूल के कारण बैठक का स्थगित करना पड़ा है। जैसे ही विधायक फ्री होते हैं, दो-चार दिन के बाद ही बैठक बुला ली जाएगी। - अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
विज्ञापन
हाउस की बैठक बुलाने का लेटर संज्ञान में नहीं: नगर आयुक्त
हाउस की बैठक बुलाने का कोई लेटर मेयर की ओर से अभी तक नहीं मिला है। बैठक बुलाए जाने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है।
- ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
- विधायक और सांसद आएं या नहीं, हाउस की बैठक पर नहीं पड़ता फर्क
हाउस की बैठक नहीं बुलाए जाने पर विधायक और सांसद का समय नहीं मिलने की बात की जाती है, जबकि कोरम के नियमानुसार इनका हाउस की बैठक में आना अनिवार्य नहीं है। मेयर का बैठक में होना अनिवार्य है। ऐसे में विधायक और सांसद के पास समय नहीं होने का बहाना बनाकर नगर निगम हाउस की बैठक को नहीं होने देने का कोई औचित्य नहीं है। सांसद और विधायक को बैठक के लिए निमंत्रण जरूर भेजा जाता है।
दुष्यंत भट्ट की बैठक बनी मुख्य कारण, उन पर ही सभी की निगाह
शहर की राजनीति को असल में दुष्यंत भट्ट की बैठक ने ही गरमाया है। निगम में हो रहे स्ट्रीट लाइट घोटाले की जांच को लेकर पिछली बैठक में कमिश्नर से दुष्यंत भट्ट की अध्यक्षता में ही चार पार्षदों समेत एक कमेटी बनाई गई थी। अब उनकी जांच रिपोर्ट तैयार है, लेकिन इसे उजागर करने के लिए हाउस की बैठक ही नहीं बुलाई जा रही। बार-बार मेयर को पत्राचार करने के बाद भी जब तिथि निर्धारित नहीं हुई तो पार्षदों ने खुद ही कोरम पूरा करने की ठानी और आपसी सहमति से 16 दिसंबर को निगम कार्यालय में बैठक करने के लिए सभी पार्षदों को निमंत्रण भेज दिया। माना जा रहा है कि दुष्यंत की जांच रिपोर्ट से बचने या बचाने के लिए बैठक को आयोजित होने से रोका जा रहा है।